इमिकास्ट
तमिलनाडु: तीन साल की बच्ची के साथ यौन शोषण के बाद हत्या, बिहार का प्रवासी मजदूर गिरफ्तार
ICN24 Newsroom 15 जून 2026, 06:01 pm
तमिलनाडु के गुम्मिडिपूंडी में एक दिल दहला देने वाली घटना में तीन साल की बच्ची की यौन शोषण के बाद मौत हो गई। पुलिस ने बिहार के एक 19 वर्षीय युवक को गिरफ्तार किया है।
तमिलनाडु के तिरुवल्लुर जिले से एक अत्यंत विचलित करने वाली घटना सामने आई है, जहां गुम्मिडिपूंडी स्थित सिपकॉट (SIPCOT) औद्योगिक क्षेत्र में एक तीन वर्षीय बच्ची की यौन उत्पीड़न के बाद मौत हो गई। पुलिस ने इस मामले में बिहार के रहने वाले 19 वर्षीय एक प्रवासी मजदूर को गिरफ्तार किया है। यह घटना औद्योगिक परिसरों में रहने वाले प्रवासी श्रमिकों की सुरक्षा और वहां के माहौल पर गंभीर सवाल खड़े करती है।
पुलिस द्वारा साझा की गई जानकारी के अनुसार, पीड़िता के माता-पिता भी प्रवासी श्रमिक हैं जो औद्योगिक क्षेत्र के भीतर ही एक झोपड़ी में रहते थे। घटना उस समय हुई जब माता-पिता काम पर गए हुए थे और बच्ची घर के पास खेल रही थी। आरोपी, जिसकी पहचान बिहार के निवासी के रूप में हुई है, ने कथित तौर पर बच्ची को बहला-फुसलाकर सुनसान जगह पर ले गया और उसके साथ दुष्कर्म किया। बच्ची की हालत बिगड़ने पर उसे अस्पताल ले जाया गया, लेकिन डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया।
प्रारंभिक चिकित्सा जांच में यौन हमले की पुष्टि हुई है, जिसके बाद पुलिस ने तत्काल कार्रवाई करते हुए आरोपी को हिरासत में ले लिया। पुलिस ने आरोपी के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BJS) और यौन अपराधों से बच्चों का संरक्षण (POCSO) अधिनियम की संबंधित धाराओं के तहत मामला दर्ज किया है। स्थानीय प्रशासन ने क्षेत्र में तनाव को देखते हुए अतिरिक्त सुरक्षा बल तैनात किया है।
यह त्रासदी भारत के भीतर आंतरिक प्रवास (Internal Migration) और औद्योगिक क्षेत्रों में काम करने वाले श्रमिकों के परिवारों की असुरक्षा को उजागर करती है। तमिलनाडु के विभिन्न औद्योगिक क्लस्टरों में उत्तर भारत, विशेषकर बिहार और उत्तर प्रदेश से बड़ी संख्या में श्रमिक आते हैं। अक्सर ये परिवार उचित बुनियादी ढांचे और सुरक्षा के अभाव में अस्थायी बस्तियों में रहने को मजबूर होते हैं।
ऑस्ट्रेलिया में रह रहे भारतीय समुदाय के लिए भी यह खबर चिंता का विषय है, क्योंकि प्रवासी कल्याण और कार्यस्थल सुरक्षा वैश्विक स्तर पर चर्चा के केंद्र में रहते हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि इस तरह की घटनाएं समाज में प्रवासी श्रमिकों के प्रति धारणा को प्रभावित करती हैं, जबकि मुख्य मुद्दा असुरक्षित वातावरण और बच्चों की सुरक्षा के लिए कड़े कानूनों का प्रभावी कार्यान्वयन है।
तिरुपति और चेन्नई के बीच स्थित इस औद्योगिक पट्टी में पहले भी श्रमिकों के बीच झड़पों और सुरक्षा संबंधी शिकायतें आती रही हैं। राज्य सरकार ने आश्वासन दिया है कि मामले की त्वरित सुनवाई की जाएगी ताकि पीड़ित परिवार को न्याय मिल सके। इस घटना ने एक बार फिर औद्योगिक क्षेत्रों में क्रेच (पालना घर) और बच्चों की सुरक्षा के लिए समर्पित सुविधाओं की आवश्यकता को रेखांकित किया है।
संबंधित ख़बरें
इमिग्रेशन
वन नेशन का बड़ा वादा: ऑस्ट्रेलियाई स्कूलों से 'वेलकम टू कंट्री' हटाने और देशभक्ति पर जोर देने की तैयारी
वन नेशन नेता पॉलीन हैनसन ने ऑस्ट्रेलियाई स्कूलों में देशभक्ति आधारित पाठ्यक्रम और 'वेलकम टू कंट्री' समारोहों को समाप्त करने का प्रस्ताव रखा है।
30 जुल॰ 2026, 07:45 am
इमिग्रेशन
विकास रम्बल के पर्डामन ग्रुप की बड़ी पहल: ऑस्ट्रेलिया में दशकों बाद बन सकती है पहली बड़ी तेल रिफाइनरी
भारतीय मूल के उद्यमी विकास रम्बल के पर्डामन ग्रुप ने ऑस्ट्रेलिया की ईंधन सुरक्षा और स्थानीय विनिर्माण को बढ़ावा देने के लिए कर्रथा में एक नई तेल रिफाइनरी का प्रस्ताव दिया है।
29 जुल॰ 2026, 05:27 am
इमिग्रेशन
'व्हाइट ऑस्ट्रेलिया पॉलिसी' खत्म होने से शुरू हुई आव्रजन की समस्याएं: पॉलीन हैंसन
वन नेशन नेता पॉलीन हैंसन ने दावा किया है कि ऑस्ट्रेलिया की मौजूदा आव्रजन चुनौतियां 1970 के दशक में 'व्हाइट ऑस्ट्रेलिया पॉलिसी' के अंत के साथ शुरू हुई थीं।
17 जुल॰ 2026, 09:27 am

