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भारत-अमेरिका प्रवास वार्ता के बीच 2026 में 1,076 भारतीयों को अमेरिका से वापस भेजा गया

ICN24 Newsroom 6 जून 2026, 05:30 am
भारत-अमेरिका प्रवास वार्ता के बीच 2026 में 1,076 भारतीयों को अमेरिका से वापस भेजा गया

विदेश मंत्रालय के अनुसार, 2026 में अब तक 1,076 भारतीय नागरिकों को अमेरिका से निर्वासित किया गया है। दोनों देश सुरक्षित और कानूनी प्रवास सुनिश्चित करने के लिए चर्चा कर रहे हैं।

विदेश मंत्रालय (MEA) ने हाल ही में जानकारी साझा की है कि वर्ष 2026 के दौरान अब तक कुल 1,076 भारतीय नागरिकों को संयुक्त राज्य अमेरिका से वापस भारत निर्वासित (डिपोर्ट) किया गया है। यह घोषणा 5 जून को आयोजित एक प्रेस ब्रीफिंग के दौरान की गई, जिसमें भारत और अमेरिका के बीच चल रहे कूटनीतिक और प्रवास सहयोग पर प्रकाश डाला गया। विदेश मंत्रालय के आधिकारिक प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने बताया कि यह कार्रवाई अवैध प्रवास को रोकने और अंतरराष्ट्रीय यात्रा के सुरक्षित मानकों को बनाए रखने की दिशा में चल रहे प्रयासों का हिस्सा है। यह घटनाक्रम ऐसे समय में आया है जब भारत और अमेरिका नियमित रूप से प्रवासन और आवाजाही (Migration and Mobility) पर उच्च-स्तरीय वार्ता कर रहे हैं। इन वार्ताओं का मुख्य उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि दोनों देशों के बीच लोगों का आवागमन कानूनी और व्यवस्थित तरीके से हो। प्रवक्ता ने स्पष्ट किया कि निर्वासन की प्रक्रिया उन व्यक्तियों पर लागू की गई है जिनके पास वैध यात्रा दस्तावेज नहीं थे या जो अमेरिकी वीजा नियमों का उल्लंघन कर रहे थे। मंत्रालय ने इस बात पर जोर दिया कि भारत अपने नागरिकों के हितों की रक्षा के लिए प्रतिबद्ध है, लेकिन साथ ही अवैध प्रवासन को हतोत्साहित करने के लिए अंतरराष्ट्रीय कानूनों का समर्थन करता है। ऑस्ट्रेलिया में रहने वाले भारतीय समुदाय के लिए भी यह खबर एक महत्वपूर्ण सबक है। जिस तरह अमेरिका अवैध प्रवासियों के खिलाफ कड़ा रुख अपना रहा है, ऑस्ट्रेलिया ने भी हाल के वर्षों में अपनी आव्रजन नीतियों (Immigration Policies) को सख्त किया है। विशेष रूप से 'जेनुइन स्टूडेंट' (Genuine Student) टेस्ट और वीजा नियमों में बदलाव के बाद, भारतीय प्रवासियों को अपने दस्तावेजों और वीजा की स्थिति के प्रति अधिक सतर्क रहने की आवश्यकता है। अमेरिका से भारतीयों के निर्वासन की यह संख्या उन लोगों के लिए चेतावनी है जो अनधिकृत तरीकों या एजेंटों के माध्यम से विदेश जाने का प्रयास करते हैं। भारत सरकार और अमेरिकी अधिकारियों के बीच सहयोग का उद्देश्य उन नेटवर्क को तोड़ना भी है जो मानव तस्करी और अवैध सीमा पार कराने में शामिल हैं। विदेश मंत्रालय ने अपील की है कि विदेश जाने के इच्छुक भारतीय नागरिक केवल आधिकारिक और कानूनी चैनलों का ही उपयोग करें। वर्तमान में, दोनों देश एक ऐसी रूपरेखा तैयार करने पर काम कर रहे हैं जो छात्रों, पेशेवरों और कुशल श्रमिकों के लिए कानूनी रास्ते आसान बनाए, जबकि अवैध प्रविष्टि के जोखिमों को कम करे। आगामी महीनों में होने वाली बैठकों में डेटा साझाकरण और यात्रा दस्तावेजों के सत्यापन की प्रक्रिया को और अधिक मजबूत किए जाने की उम्मीद है।
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