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आंध्र प्रदेश में लोकतंत्र ‘खतरे’ में, वाईएसआरसीपी प्रमुख जगन मोहन रेड्डी ने टीडीपी सरकार पर साधा निशाना

ICN24 Newsroom 15 जून 2026, 06:01 am
आंध्र प्रदेश में लोकतंत्र ‘खतरे’ में, वाईएसआरसीपी प्रमुख जगन मोहन रेड्डी ने टीडीपी सरकार पर साधा निशाना

वाईएसआर कांग्रेस पार्टी के प्रमुख वाई.एस. जगन मोहन रेड्डी ने राज्य की टीडीपी सरकार पर सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स को प्रतिबंधित कर लोकतंत्र का गला घोंटने का आरोप लगाया है।

आंध्र प्रदेश की राजनीति में एक बार फिर गरमाहट देखने को मिल रही है। वाईएसआर कांग्रेस पार्टी (YSRCP) के अध्यक्ष और पूर्व मुख्यमंत्री वाई.एस. जगन मोहन रेड्डी ने सत्ताधारी तेलुगु देशम पार्टी (TDP) पर तीखा हमला बोला है। जगन रेड्डी ने आरोप लगाया है कि मुख्यमंत्री एन. चंद्रबाबू नायडू के नेतृत्व वाली सरकार राज्य में लोकतंत्र और अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता को कुचलने का प्रयास कर रही है। यह विवाद तब शुरू हुआ जब वाईएसआरसीपी के आधिकारिक फेसबुक पेज पर प्रतिबंध लगा दिया गया, जिसे पार्टी ने राजनीतिक प्रतिशोध का हिस्सा बताया है। जगन मोहन रेड्डी ने एक बयान में कहा कि विपक्षी आवाजों को चुप कराना स्वस्थ लोकतंत्र का संकेत नहीं है। उन्होंने दावा किया कि टीडीपी सरकार सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स का दुरुपयोग कर रही है ताकि जनता तक विपक्षी दल की बात न पहुंच सके। रेड्डी ने इसे एक अघोषित आपातकाल करार देते हुए कहा कि उनकी पार्टी जनता के अधिकारों के लिए लड़ती रहेगी और इस तरह की 'दमनकारी' नीतियों के आगे नहीं झुकेगी। उन्होंने अंतरराष्ट्रीय और राष्ट्रीय स्तर पर भारतीय समुदाय से इस मुद्दे पर गौर करने की अपील की है। दूसरी ओर, टीडीपी ने इन आरोपों को सिरे से खारिज कर दिया है। टीडीपी के प्रवक्ता नीलायापलेम विजय कुमार ने स्पष्ट किया कि फेसबुक पेज पर लगाया गया प्रतिबंध किसी राजनीतिक द्वेष का परिणाम नहीं है, बल्कि यह बार-बार साइबर कानूनों के उल्लंघन और प्लेटफॉर्म की नीतियों की अनदेखी के कारण हुआ है। कुमार ने कहा कि सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म स्वतंत्र संस्थाएं हैं और वे अपने नियमों के आधार पर कार्रवाई करते हैं, इसमें राज्य सरकार की कोई भूमिका नहीं है। उन्होंने वाईएसआरसीपी पर भ्रामक सूचनाएं फैलाने का भी आरोप लगाया। आंध्र प्रदेश की यह राजनीतिक उठापटक केवल भारत तक सीमित नहीं है। ऑस्ट्रेलिया में रहने वाले तेलुगु प्रवासी और भारतीय समुदाय भी इन घटनाओं पर बारीकी से नजर रखते हैं। सिडनी और मेलबर्न जैसे शहरों में आंध्र प्रदेश की राजनीति में खासी दिलचस्पी देखी जाती है, जहां कई प्रवासी संगठन सक्रिय हैं। ऑस्ट्रेलिया में रहने वाले भारतीय मूल के नागरिकों के लिए अपने गृह राज्य की राजनीतिक स्थिरता और लोकतांत्रिक मूल्यों का संरक्षण एक महत्वपूर्ण विषय है, क्योंकि वे अक्सर निवेश और सामाजिक कार्यों के माध्यम से अपनी जड़ों से जुड़े रहते हैं। फिलहाल, सोशल मीडिया पर शुरू हुई यह लड़ाई अब कानूनी और राजनीतिक मोर्चे पर तेज होती दिख रही है। वाईएसआरसीपी इस मामले को अदालत में ले जाने और जनता के बीच 'लोकतंत्र बचाओ' अभियान शुरू करने की योजना बना रही है, जबकि सरकार अपने इस रुख पर कायम है कि कानून का पालन करना सभी के लिए अनिवार्य है।
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