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विश्व कप की तैयारी में ईरान के सामने राजनीतिक बाधाएं, कोच बोले- 'कम हो गया है टूर्नामेंट का उत्साह'

ICN24 Newsroom 15 जून 2026, 03:31 pm
विश्व कप की तैयारी में ईरान के सामने राजनीतिक बाधाएं, कोच बोले- 'कम हो गया है टूर्नामेंट का उत्साह'

ईरानी कोच अमीर घलेनोई ने विश्व कप से पहले वीजा समस्याओं और राजनीतिक तनाव पर चिंता जताई है, जिससे टीम की तैयारियों पर बुरा असर पड़ा है।

ईरानी राष्ट्रीय फुटबॉल टीम के कोच अमीर घलेनोई ने आगामी विश्व कप के लिए टीम की तैयारियों को लेकर असंतोष व्यक्त किया है। रविवार को मीडिया से बात करते हुए घलेनोई ने कहा कि राजनीतिक तनाव और वीजा संबंधी जटिलताओं के कारण टूर्नामेंट का उत्साह काफी कम हो गया है। ईरानी टीम वर्तमान में महत्वपूर्ण अंतरराष्ट्रीय मुकाबलों के लिए अमेरिका में है, लेकिन पर्दे के पीछे की कूटनीतिक बाधाओं ने खिलाड़ियों और प्रबंधन के लिए मुश्किलें खड़ी कर दी हैं। कोच घलेनोई ने स्पष्ट किया कि हालांकि खेल को राजनीति से अलग रखा जाना चाहिए, लेकिन वीजा मिलने में हुई देरी और अंतरराष्ट्रीय प्रतिबंधों के कारण टीम को अभ्यास सत्रों और लॉजिस्टिक्स के प्रबंधन में भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ा है। उन्होंने कहा कि इन बाहरी कारकों ने टीम की एकाग्रता को प्रभावित किया है, जो किसी भी उच्च-स्तरीय एथलीट के लिए विश्व कप जैसे बड़े मंच पर घातक साबित हो सकता है। भारतीय-ऑस्ट्रेलियाई समुदाय के लिए यह घटनाक्रम विशेष महत्व रखता है। ऑस्ट्रेलिया में रहने वाले प्रवासी भारतीय अक्सर खेल कूटनीति के महत्व को समझते हैं, विशेष रूप से जब बात क्रिकेट या फुटबॉल की हो। भारत और ईरान के बीच पारंपरिक रूप से मजबूत सांस्कृतिक और खेल संबंध रहे हैं। ऐसे में ईरानी टीम के साथ हो रहे इस व्यवहार और वीजा संबंधी कड़वाहट पर मेलबर्न और सिडनी जैसे शहरों में रहने वाले खेल प्रेमी अपनी पैनी नजर बनाए हुए हैं। घलेनोई ने इस बात पर जोर दिया कि तमाम चुनौतियों के बावजूद उनके खिलाड़ी मैदान पर अपना सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करेंगे। उन्होंने कहा, "मेरे खिलाड़ी किसी भी बाहरी शोर पर ध्यान नहीं देंगे। हमारा ध्यान केवल फुटबॉल पर है, लेकिन यह सच है कि इस बार विश्व कप का अनुभव उतना सुखद नहीं रहा जितना कि होना चाहिए था।" कोच ने यह भी संकेत दिया कि खेल प्रशासकों को यह सुनिश्चित करना चाहिए कि भविष्य में एथलीटों को राजनीतिक प्रतिद्वंद्विता का शिकार न होना पड़े। ईरान का फुटबॉल इतिहास काफी गौरवशाली रहा है और वे एशिया की सबसे मजबूत टीमों में से एक माने जाते हैं। हालांकि, अमेरिका के साथ ईरान के संबंध लंबे समय से तनावपूर्ण रहे हैं, जिसका असर अक्सर खेल आयोजनों पर भी पड़ता है। विश्लेषकों का मानना है कि इस तरह की बाधाएं न केवल ईरान के प्रदर्शन को प्रभावित करती हैं, बल्कि अंतरराष्ट्रीय खेल भावना को भी ठेस पहुंचाती हैं। फिलहाल, टीम अमेरिका में अपना डेरा डाल चुकी है और कोच की कोशिश खिलाड़ियों का मनोबल ऊंचा रखने की है।
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