राजनीति
'AK-47 चलाने का आदेश किसने दिया?': सिपाही निलंबित, बिहार में छात्र प्रदर्शन पर दमन को लेकर विपक्ष हमलावर
ICN24 Newsroom 28 जुल॰ 2026, 02:37 am

बिहार के सिवान में प्रदर्शनकारी छात्रों पर एसटीएफ जवान द्वारा एके-47 से फायरिंग के बाद राजनीतिक घमासान तेज हो गया है। तेजस्वी यादव ने नीतीश सरकार की मंशा पर सवाल उठाए हैं।
बिहार के सिवान जिले में छात्रों के एक उग्र प्रदर्शन के दौरान विशेष कार्य बल (STF) के एक जवान द्वारा एके-47 राइफल से हवाई फायरिंग करने के मामले ने राज्य की राजनीति में उबाल ला दिया है। इस घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद पुलिस प्रशासन ने त्वरित कार्रवाई करते हुए संबंधित कांस्टेबल को निलंबित कर दिया है, लेकिन विपक्ष ने इस मुद्दे पर राज्य की एनडीए सरकार, विशेषकर मुख्यमंत्री नीतीश कुमार और उपमुख्यमंत्री सम्राट चौधरी को घेरना शुरू कर दिया है।
बिहार विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव ने इस घटना को लेकर सरकार पर तीखा हमला बोला है। उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'एक्स' पर वीडियो साझा करते हुए पूछा कि आखिर किसके आदेश पर निहत्थे छात्रों पर प्रतिबंधित और आधुनिक हथियारों से फायरिंग की गई? तेजस्वी यादव ने आरोप लगाया कि राज्य में लोकतंत्र का गला घोंटा जा रहा है और छात्रों की जायज मांगों को गोलियों के दम पर दबाने की कोशिश की जा रही है। उन्होंने सीधे तौर पर उपमुख्यमंत्री सम्राट चौधरी की कार्यशैली पर सवाल उठाए, जो वर्तमान में गृह विभाग की गतिविधियों में सक्रिय भूमिका निभा रहे हैं।
घटनाक्रम के अनुसार, सिवान में छात्र अपनी कुछ शैक्षणिक मांगों को लेकर विरोध प्रदर्शन कर रहे थे। प्रदर्शन के दौरान स्थिति तब नियंत्रण से बाहर हो गई जब सुरक्षा में तैनात एसटीएफ के जवान ने भीड़ को तितर-बितर करने के लिए हवा में फायरिंग शुरू कर दी। हालांकि पुलिस का दावा है कि यह कदम आत्मरक्षा में और भीड़ को डराने के लिए उठाया गया था, लेकिन सार्वजनिक सुरक्षा के मानदंडों को देखते हुए इसे एक गंभीर उल्लंघन माना जा रहा है। मामले की गंभीरता को देखते हुए वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों ने जांच के आदेश दिए हैं और आरोपी जवान को तत्काल प्रभाव से सस्पेंड कर दिया गया है।
ऑस्ट्रेलिया में बसे प्रवासी भारतीय समुदाय, विशेषकर बिहार और उत्तर प्रदेश से ताल्लुक रखने वाले लोगों ने भी इस घटना पर चिंता व्यक्त की है। सिडनी और मेलबर्न जैसे शहरों में सक्रिय बिहार मूल के संगठनों का कहना है कि मातृभूमि में कानून-व्यवस्था की ऐसी स्थिति चिंताजनक है। उनके अनुसार, छात्रों के साथ संवाद करने के बजाय बल प्रयोग करना एक स्वस्थ लोकतंत्र की निशानी नहीं है।
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि यह घटना आगामी विधानसभा चुनावों से पहले विपक्ष को एक बड़ा मुद्दा दे सकती है। तेजस्वी यादव ने स्पष्ट किया है कि वे इस मामले को सदन से लेकर सड़क तक उठाएंगे। सरकार की ओर से अभी तक इस पर कोई विस्तृत आधिकारिक स्पष्टीकरण नहीं आया है, सिवाय इसके कि दोषी कर्मी पर विभागीय कार्रवाई की जा रही है। सवाल अब भी वही बना हुआ है कि क्या यह केवल एक जवान की व्यक्तिगत चूक थी या भीड़ नियंत्रण के लिए पुलिस की रणनीति में कोई बड़ा बदलाव आया है।
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