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वीजा (Visa) ने एआई और स्टेबलकॉइन के साथ डिजिटल कॉमर्स में बढ़ाया कदम, भारतीय प्रवासियों को मिल सकती है बड़ी राहत
ICN24 Newsroom 14 जून 2026, 06:01 am
वीजा ने एआई, स्टेबलकॉइन और टोकनाइजेशन की नई तकनीकों का अनावरण किया है, जो ऑस्ट्रेलिया-भारत के बीच पैसे भेजने की प्रक्रिया को सस्ता और सुरक्षित बना सकती हैं।
दुनिया की अग्रणी भुगतान सेवा प्रदाता कंपनी वीजा (Visa) ने डिजिटल कॉमर्स और वित्तीय तकनीक के क्षेत्र में एक बड़े बदलाव की घोषणा की है। कंपनी ने आर्टिफीसियल इंटेलिजेंस (AI), स्टेबलकॉइन और आधुनिक टोकनाइजेशन क्षमताओं को अपने नेटवर्क में शामिल करने का निर्णय लिया है। यह कदम न केवल वैश्विक वित्तीय लेनदेन को सुरक्षित बनाएगा, बल्कि ऑस्ट्रेलिया में रहने वाले भारतीय प्रवासियों और अंतरराष्ट्रीय छात्रों के लिए धन हस्तांतरण (Remittance) की प्रक्रिया को भी सुगम बना सकता है।
वीजा ने वित्त वर्ष 2025 में 51.68 प्रतिशत के प्रभावशाली प्रॉफिट मार्जिन और 20.06 बिलियन डॉलर की शुद्ध आय के साथ अपनी स्थिति को एक 'ब्लू चिप' दिग्गज के रूप में मजबूत किया है। कंपनी अब अपनी इसी वित्तीय ताकत का उपयोग भविष्य की तकनीकों में निवेश करने के लिए कर रही है। नए एआई-संचालित उपकरण भुगतान के दौरान होने वाली धोखाधड़ी को रोकने और उपभोक्ताओं के अनुभव को व्यक्तिगत बनाने पर केंद्रित होंगे।
विशेष रूप से, स्टेबलकॉइन और ब्लॉकचेन आधारित समाधानों पर वीजा का ध्यान भारत और ऑस्ट्रेलिया के बीच सीमा पार लेनदेन (Cross-border transactions) के लिए गेम-चेंजर साबित हो सकता है। वर्तमान में, ऑस्ट्रेलिया से भारत पैसा भेजने वाले प्रवासियों को अक्सर उच्च विनिमय दरों और प्रसंस्करण शुल्क का सामना करना पड़ता है। स्टेबलकॉइन के एकीकरण से लेनदेन की गति बढ़ेगी और लागत में कमी आने की संभावना है, जिससे छोटे व्यवसायों और व्यक्तिगत प्रेषकों को सीधा लाभ होगा।
टोकनाइजेशन की सुविधा के माध्यम से, वीजा संवेदनशील कार्ड विवरणों को एक अद्वितीय डिजिटल 'टोकन' से बदल देगा। इससे ऑनलाइन खरीदारी के दौरान सुरक्षा का एक अतिरिक्त स्तर जुड़ जाएगा। ऑस्ट्रेलिया में भारतीय मूल के व्यवसायियों के लिए, जो ई-कॉमर्स प्लेटफॉर्म संचालित करते हैं, यह तकनीक ग्राहकों का भरोसा जीतने और डेटा चोरी के जोखिम को कम करने में सहायक होगी।
विशेषज्ञों का मानना है कि वीजा का यह कदम वैश्विक वित्तीय परिदृश्य में पारंपरिक बैंकिंग और उभरती हुई फिनटेक तकनीकों के बीच की खाई को पाटने का काम करेगा। चूंकि भारत दुनिया में प्रेषण (Remittance) प्राप्त करने वाला सबसे बड़ा देश है और ऑस्ट्रेलिया में भारतीय समुदाय का तेजी से विस्तार हो रहा है, ऐसे में डिजिटल भुगतान में ये नवाचार सीधे तौर पर प्रवासियों की आर्थिक कुशलता को प्रभावित करेंगे। आने वाले समय में, एआई आधारित ये सेवाएं न केवल भुगतान को सरल बनाएंगी, बल्कि वित्तीय समावेशन को भी नई दिशा प्रदान करेंगी।
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