राजनीति
जौनपुर: परीक्षा ड्यूटी के दौरान शिक्षक से अभद्रता, एसडीएम के निलंबन की मांग को लेकर शिक्षकों का जोरदार प्रदर्शन
ICN24 Newsroom 16 जून 2026, 12:31 am

जौनपुर के टीडी लॉ कॉलेज में परीक्षा ड्यूटी के दौरान एसडीएम द्वारा असिस्टेंट प्रोफेसर से कथित दुर्व्यवहार के विरोध में शिक्षक संगठनों ने मोर्चा खोल दिया है।
उत्तर प्रदेश के जौनपुर जिले में प्रशासनिक अधिकारी और शिक्षक समुदाय के बीच तनाव गहरा गया है। टीडी लॉ कॉलेज में परीक्षा ड्यूटी के दौरान एक असिस्टेंट प्रोफेसर के साथ उपजिलाधिकारी (एसडीएम) द्वारा कथित तौर पर किए गए दुर्व्यवहार के विरोध में सोमवार को भारी संख्या में शिक्षकों ने कलेक्ट्रेट परिसर में प्रदर्शन किया। विभिन्न शिक्षक संगठनों ने एकजुट होकर आरोपी एसडीएम के निलंबन और सार्वजनिक रूप से माफी मांगने की मांग उठाई है।
घटना रविवार की बताई जा रही है जब टीडी लॉ कॉलेज में परीक्षा आयोजित की जा रही थी। आरोप है कि केराकत के एसडीएम सुनील कुमार ने निरीक्षण के दौरान वहां तैनात असिस्टेंट प्रोफेसर के साथ अमर्यादित व्यवहार किया और पद की गरिमा के विरुद्ध भाषा का प्रयोग किया। इस घटना की खबर फैलते ही शिक्षक समुदाय में आक्रोश व्याप्त हो गया, जिसके परिणाम स्वरूप वीर बहादुर सिंह पूर्वांचल विश्वविद्यालय शिक्षक संघ और तिलकधारी सिंह महाविद्यालय शिक्षक संघ के नेतृत्व में सोमवार को विरोध प्रदर्शन का आयोजन किया गया।
दर्जनों की संख्या में कलेक्ट्रेट पहुंचे शिक्षकों ने शासन-प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी की और जिलाधिकारी के नाम संबोधित एक ज्ञापन सिटी मजिस्ट्रेट इंद्र नंदन सिंह को सौंपा। शिक्षक संघ के जिलाध्यक्ष राजेश कुमार सिंह ने मीडिया से बात करते हुए कहा कि एक शिक्षक समाज का मार्गदर्शक होता है और उसके साथ इस तरह का अपमानजनक व्यवहार कतई बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि एसडीएम के खिलाफ तत्काल कठोर कार्रवाई नहीं की गई और उन्होंने माफी नहीं मांगी, तो शिक्षक संगठन बड़े पैमाने पर आंदोलन करने के लिए मजबूर होंगे।
यह मामला भारत के प्रशासनिक ढांचे में अधिकारियों की जवाबदेही और कार्यस्थल पर सम्मानजनक वातावरण की आवश्यकता को रेखांकित करता है। भारतीय समुदाय के लिए, विशेषकर विदेशों में बसे प्रवासियों के लिए, यह समाचार भारत में नागरिक सेवाओं और शैक्षणिक संस्थानों के बीच के संबंधों की संवेदनशीलता को दर्शाता है। ऑस्ट्रेलिया में रह रहे भारतीय मूल के लोग भी अक्सर भारत में अपने गृह नगरों की प्रशासनिक व्यवस्था और वहां की न्याय प्रक्रिया पर गहरी नजर रखते हैं।
फिलहाल, सिटी मजिस्ट्रेट ने शिक्षकों को आश्वासन दिया है कि उनकी मांगों को उच्चाधिकारियों तक पहुंचाया जाएगा और मामले की निष्पक्ष जांच की जाएगी। हालांकि, शिक्षकों का कहना है कि वे तब तक पीछे नहीं हटेंगे जब तक कि आरोपी अधिकारी पर उचित कार्रवाई सुनिश्चित नहीं हो जाती। इस विरोध प्रदर्शन के कारण सोमवार को कॉलेज और प्रशासनिक कामकाज पर भी आंशिक प्रभाव देखने को मिला।
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