लाइव
राजनीति
राजनीति

अमेरिकी सुप्रीम कोर्ट का बड़ा फैसला: जन्मजात नागरिकता और 14वें संशोधन पर स्थिति स्पष्ट की

ICN24 Newsroom 1 जुल॰ 2026, 04:41 am
अमेरिकी सुप्रीम कोर्ट का बड़ा फैसला: जन्मजात नागरिकता और 14वें संशोधन पर स्थिति स्पष्ट की

अमेरिकी उच्चतम न्यायालय ने 14वें संशोधन की व्याख्या करते हुए जन्मजात नागरिकता के अधिकार को बरकरार रखा है, जिससे प्रवासियों और अस्थायी निवासियों के बच्चों को सुरक्षा मिलेगी।

अमेरिकी उच्चतम न्यायालय (SCOTUS) ने नागरिकता के अधिकार और ऐतिहासिक संवैधानिक प्रावधानों की व्याख्या करते हुए एक महत्वपूर्ण टिप्पणी की है। अदालत ने स्पष्ट किया है कि अमेरिकी गृहयुद्ध (Civil War) के बाद लागू किए गए सिद्धांतों का उद्देश्य उन बच्चों को सुरक्षा प्रदान करना था जो अमेरिकी धरती पर पैदा हुए हैं, चाहे उनके माता-पिता की कानूनी स्थिति कुछ भी हो। न्यायालय के इस रुख ने उन चर्चाओं को फिर से हवा दे दी है जो 'बर्थ टूरिज्म' (Birth Tourism) और अमेरिका में जन्म लेने वाले बच्चों की नागरिकता से जुड़ी रही हैं। न्यायालय ने अपने फैसले में 14वें संशोधन का उल्लेख किया, जिसे गृहयुद्ध के बाद दासता को समाप्त करने और समानता सुनिश्चित करने के लिए अपनाया गया था। अदालत का मानना है कि जो बच्चे संयुक्त राज्य अमेरिका में उन माता-पिता के घर पैदा होते हैं जो वहां अवैध रूप से या अस्थायी रूप से मौजूद हैं, वे भी अमेरिकी अधिकार क्षेत्र (jurisdiction) के अधीन आते हैं। इस कानूनी व्याख्या का सीधा अर्थ यह है कि अमेरिका की धरती पर जन्म लेने वाला हर बच्चा जन्म से ही वहां का नागरिक माना जाएगा। यह निर्णय उन राजनीतिक बहसों के बीच आया है जिसमें अक्सर 'एंकर बेबी' जैसे शब्दों का इस्तेमाल कर नागरिकता के नियमों को कड़ा करने की मांग की जाती रही है। भारतीय-ऑस्ट्रेलियाई समुदाय के लिए यह खबर विशेष महत्व रखती है। ऑस्ट्रेलिया में रहने वाले कई भारतीय परिवार अक्सर काम के सिलसिले में या भविष्य की संभावनाओं को देखते हुए अमेरिका का रुख करते हैं। ऑस्ट्रेलिया की अपनी नागरिकता नीति काफी हद तक 'जस सैंग्विनिस' (खून के रिश्ते) पर आधारित है, जहां केवल वहां जन्म लेना नागरिकता की गारंटी नहीं देता। इसके विपरीत, अमेरिका की 'जस सोली' (धरती का अधिकार) नीति प्रवासियों के लिए एक बड़ा आकर्षण रही है। सुप्रीम कोर्ट के इस स्पष्टीकरण से उन भारतीय पेशेवरों को राहत मिल सकती है जो एच-1बी या अन्य अस्थायी वीजा पर अमेरिका में कार्यरत हैं और वहां अपने बच्चों के भविष्य को लेकर चिंतित रहते हैं। आलोचकों का तर्क है कि इस तरह की उदार व्याख्या से 'बर्थ टूरिज्म' को बढ़ावा मिलता है, जहां विदेशी नागरिक केवल नागरिकता प्राप्त करने के उद्देश्य से अमेरिका की यात्रा करते हैं। हालांकि, न्यायालय ने स्पष्ट किया है कि संविधान का 14वां संशोधन एक व्यापक सुरक्षा कवच है जिसे बदला नहीं जा सकता। गृहयुद्ध के संदर्भ में अदालत ने कहा कि उस समय का संघर्ष केवल दासता को समाप्त करने के बारे में नहीं था, बल्कि एक ऐसे समावेशी राष्ट्र के निर्माण के बारे में था जहां जन्म का स्थान नागरिकता का प्राथमिक आधार हो। विशेषज्ञों का कहना है कि यह फैसला न केवल कानूनी रूप से बल्कि सामाजिक रूप से भी अमेरिका के भविष्य को प्रभावित करेगा। भारतीय प्रवासियों के लिए, जो वैश्विक स्तर पर सबसे बड़े प्रवासी समूहों में से एक हैं, अमेरिकी नागरिकता नियमों में किसी भी प्रकार की स्थिरता एक सकारात्मक संकेत है। यह निर्णय आने वाले वर्षों में आव्रजन (immigration) नीतियों और अंतरराष्ट्रीय संबंधों में एक मील का पत्थर साबित हो सकता है। न्यायालय के इस आदेश ने फिलहाल उन अटकलों पर विराम लगा दिया है जिनमें नागरिकता के संवैधानिक अधिकार को चुनौती देने की बात कही जा रही थी।
शेयर:

संबंधित ख़बरें

अमेरिकी चुनाव: 'ब्लू वेव' के दावों के बीच रिपब्लिकन को जनमत सर्वेक्षणों से सावधान रहने की सलाह
राजनीति

अमेरिकी चुनाव: 'ब्लू वेव' के दावों के बीच रिपब्लिकन को जनमत सर्वेक्षणों से सावधान रहने की सलाह

अमेरिकी मध्यावधि चुनावों में डेमोक्रेट्स की बड़ी जीत के दावों के बीच, विशेषज्ञों ने रिपब्लिकन पार्टी को 'जेनेरिक पोल' के आंकड़ों को नजरअंदाज करने और स्थानीय मुद्दों पर ध्यान देने की सलाह दी है।

1 जुल॰ 2026, 09:41 am
ऋषिकेश: आईडीपीएल मैदान में मनेगा 'सेवा सप्ताह', सरकार के पांच साल पूरे होने पर भव्य आयोजन की तैयारी
राजनीति

ऋषिकेश: आईडीपीएल मैदान में मनेगा 'सेवा सप्ताह', सरकार के पांच साल पूरे होने पर भव्य आयोजन की तैयारी

उत्तराखंड सरकार के पांच साल पूरे होने के उपलक्ष्य में ऋषिकेश के आईडीपीएल मैदान में 'सेवा सप्ताह' का आयोजन किया जा रहा है, जिसमें जन सेवा और विकास कार्यों पर ध्यान केंद्रित किया जाएगा।

1 जुल॰ 2026, 09:26 am
सुप्रीम कोर्ट के फैसले के बाद अमेरिकी न्याय विभाग ने 'बर्थ टूरिज्म' के खिलाफ कड़ा किया रुख
राजनीति

सुप्रीम कोर्ट के फैसले के बाद अमेरिकी न्याय विभाग ने 'बर्थ टूरिज्म' के खिलाफ कड़ा किया रुख

अमेरिकी न्याय विभाग ने 'बर्थ टूरिज्म' रैकेट के खिलाफ जांच तेज कर दी है, जो विदेशी नागरिकों को नागरिकता दिलाने के लिए अमेरिका में बच्चे पैदा करने की सुविधा देते थे।

1 जुल॰ 2026, 09:11 am
Original text
Rate this translation
Your feedback will be used to help improve Google Translate