लाइव
राजनीति
राजनीति

अमेरिकी डेमोक्रेट उम्मीदवार का बड़ा बयान: समाजवाद और साम्यवाद की विफलताओं के लिए 'अमेरिकी हस्तक्षेप' को बताया जिम्मेदार

ICN24 Newsroom 3 अग॰ 2026, 02:37 pm
अमेरिकी डेमोक्रेट उम्मीदवार का बड़ा बयान: समाजवाद और साम्यवाद की विफलताओं के लिए 'अमेरिकी हस्तक्षेप' को बताया जिम्मेदार

अमेरिकी प्रतिनिधि सभा की उम्मीदवार मेलट किरोस ने साम्यवाद और समाजवाद के तहत होने वाली मौतों के ऐतिहासिक आंकड़ों को 'अधूरी कहानी' करार दिया है।

संयुक्त राज्य अमेरिका में प्रतिनिधि सभा (House of Representatives) के लिए डेमोक्रेटिक पार्टी की उम्मीदवार मेलट किरोस ने एक विवादास्पद बयान देकर नई राजनीतिक बहस छेड़ दी है। किरोस ने तर्क दिया है कि समाजवाद और साम्यवाद के तहत होने वाली लाखों मौतों और इन व्यवस्थाओं की विफलताओं का ऐतिहासिक विवरण 'पूरी कहानी' नहीं है। उनके अनुसार, इन विचारधाराओं पर आधारित सरकारों को अक्सर अमेरिकी हस्तक्षेप और तोड़फोड़ (sabotage) के माध्यम से विफल किया गया है। किरोस के ये विचार ऐसे समय में आए हैं जब पश्चिमी देशों में पूंजीवाद बनाम समाजवाद की बहस फिर से जोर पकड़ रही है। रिपोर्टों के अनुसार, उन्होंने दावा किया कि जब भी किसी देश ने कामकाजी लोगों को सशक्त बनाने और संसाधनों के समान वितरण के लिए समाजवादी मॉडल अपनाने की कोशिश की, तो अमेरिकी विदेश नीति ने उन प्रयासों को बाधित करने का काम किया। उन्होंने तर्क दिया कि पूंजीवाद अंततः एकाधिकार (monopoly) की ओर ले जाता है, जो आम जनता के हितों के खिलाफ है। ऑस्ट्रेलिया में रहने वाले भारतीय समुदाय के लिए यह बहस विशेष महत्व रखती है। भारत का अपना राजनीतिक और आर्थिक इतिहास समाजवाद के साथ गहराई से जुड़ा रहा है। आजादी के बाद कई दशकों तक भारत ने 'लोकतांत्रिक समाजवाद' के मॉडल को अपनाया था, जिसे 1991 के आर्थिक सुधारों के बाद बदला गया। ऑस्ट्रेलिया में रहने वाले भारतीय-ऑस्ट्रेलियाई प्रवासी अक्सर इन दो प्रणालियों के बीच के अंतर को बारीकी से देखते हैं, जहां एक तरफ भारत की पुरानी समाजवादी जड़ें हैं और दूसरी तरफ ऑस्ट्रेलिया और अमेरिका की मुक्त बाजार अर्थव्यवस्था। मेलट किरोस ने अपने संबोधन में इस बात पर जोर दिया कि केवल मौतों के आंकड़ों को देखना और उन परिस्थितियों को नजरअंदाज करना गलत है जिनमें ये सरकारें काम कर रही थीं। उन्होंने कहा कि अमेरिकी हस्तक्षेप ने उन देशों को स्थिर नहीं होने दिया जो पूंजीवादी ढांचे से बाहर निकलना चाहते थे। हालांकि, उनके इस बयान की कड़ी आलोचना भी हो रही है। आलोचकों का कहना है कि सोवियत संघ, माओवादी चीन और खमेर रूज जैसे शासनों के दौरान हुई करोड़ों मौतों को किसी बाहरी हस्तक्षेप का बहाना बनाकर कमतर नहीं आंका जा सकता। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि किरोस जैसे युवा नेताओं का यह रुख अमेरिका के भीतर बदलती राजनीतिक विचारधारा को दर्शाता है। जहां एक ओर दक्षिणपंथी दल इसे 'खतरनाक रुझान' बता रहे हैं, वहीं प्रगतिशील गुटों में इस पर चर्चा हो रही है कि क्या वैश्विक महाशक्तियों ने वास्तव में अन्य देशों की संप्रभुता के साथ खिलवाड़ किया है। भारतीय-ऑस्ट्रेलियाई समुदाय, जो शिक्षा और स्वास्थ्य सेवा जैसी सार्वजनिक सेवाओं के लिए एक मजबूत सामाजिक सुरक्षा ढांचे (Social Safety Net) का समर्थक रहा है, इस तरह की बहसों को वैश्विक स्थिरता और आर्थिक भविष्य के दृष्टिकोण से देख रहा है।
शेयर:

संबंधित ख़बरें

भारत-अफगानिस्तान की बढ़ती नजदीकियों से पाकिस्तान में खलबली, सेना ने दिया विवादास्पद बयान
राजनीति

भारत-अफगानिस्तान की बढ़ती नजदीकियों से पाकिस्तान में खलबली, सेना ने दिया विवादास्पद बयान

भारत और अफगानिस्तान के बीच मजबूत होते रिश्तों पर पाकिस्तान ने तीखी प्रतिक्रिया दी है। पाकिस्तानी सेना ने तालिबान मंत्री के 'समान डीएनए' वाले बयान पर विवादित टिप्पणी की है।

3 अग॰ 2026, 03:37 pm
उत्तराखंड चुनाव: पूर्व मंत्री हरक सिंह रावत ने अभी से कसी कमर, कार्यकर्ताओं के साथ बनाई रणनीति
राजनीति

उत्तराखंड चुनाव: पूर्व मंत्री हरक सिंह रावत ने अभी से कसी कमर, कार्यकर्ताओं के साथ बनाई रणनीति

उत्तराखंड में विधानसभा चुनावों में अभी समय बाकी है, लेकिन कांग्रेस नेता हरक सिंह रावत ने जमीनी स्तर पर अपनी चुनावी रणनीति तैयार करना शुरू कर दिया है।

3 अग॰ 2026, 01:37 pm
तुला राशिफल 3 अगस्त 2026: अनुशासन और धैर्य से संवरेंगे काम, शिव कृपा से मिलेगी कार्यक्षेत्र में सफलता
राजनीति

तुला राशिफल 3 अगस्त 2026: अनुशासन और धैर्य से संवरेंगे काम, शिव कृपा से मिलेगी कार्यक्षेत्र में सफलता

3 अगस्त 2026 को तुला राशि वालों के लिए चंद्रमा का गोचर अनुशासन और नई जिम्मेदारियां लेकर आ रहा है। सावन के पहले सोमवार पर शिव आराधना से आर्थिक और मानसिक बाधाएं दूर होंगी।

3 अग॰ 2026, 12:37 pm