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पिछले 17 महीनों में अमेरिका ने 4,600 से अधिक भारतीयों को वापस भेजा: विदेश मंत्रालय
ICN24 Newsroom 6 जून 2026, 12:30 pm

भारत सरकार ने संसद में जानकारी दी है कि पिछले 17 महीनों में अमेरिका से 4,600 से अधिक भारतीय नागरिकों को वापस भेजा गया है।
भारत सरकार के विदेश मंत्रालय (MEA) ने एक महत्वपूर्ण जानकारी साझा करते हुए बताया है कि पिछले 17 महीनों के दौरान अमेरिका ने 4,600 से अधिक भारतीय नागरिकों को स्वदेश वापस भेजा है। यह आंकड़ा अमेरिका में अवैध प्रवास को लेकर सख्त होती नीतियों और ट्रम्प प्रशासन के आगामी कार्यकाल की संभावनाओं के बीच चर्चा का विषय बना हुआ है। विदेश मंत्रालय ने स्पष्ट किया है कि भारत सरकार अन्य देशों में अवैध रूप से रह रहे अपने नागरिकों की पहचान सुनिश्चित करने और उन्हें वापस लाने की अंतरराष्ट्रीय प्रतिबद्धताओं का सम्मान करती है।
संसद में दिए गए एक लिखित उत्तर में सरकार ने बताया कि इन निर्वासन (deportation) के पीछे मुख्य कारण वीजा नियमों का उल्लंघन, अवैध रूप से सीमा पार करना और दस्तावेजों की कमी रही है। मंत्रालय के अनुसार, अमेरिका के साथ भारत का सहयोग इस बात पर आधारित है कि किसी भी भारतीय नागरिक को बिना उचित दस्तावेजों के विदेश में रहने की अनुमति नहीं दी जानी चाहिए। यदि किसी विदेशी सरकार द्वारा किसी व्यक्ति की पहचान भारतीय नागरिक के रूप में की जाती है, तो भारत उसे वापस लेने के अपने दायित्व को स्वीकार करता है।
यह विकास ऐसे समय में आया है जब दुनिया भर के पश्चिमी देशों में अवैध आव्रजन (illegal immigration) एक संवेदनशील राजनीतिक मुद्दा बन गया है। अमेरिका में डोनाल्ड ट्रम्प की 'जीरो टॉलरेंस' नीतियों और बड़े पैमाने पर निर्वासन के वादों ने उन हजारों भारतीयों के बीच चिंता पैदा कर दी है जो वहां बिना वैध दस्तावेजों के रह रहे हैं। मंत्रालय ने जोर देकर कहा कि वह विदेशों में रहने वाले भारतीयों की सुरक्षा और अधिकारों के लिए प्रतिबद्ध है, लेकिन साथ ही अवैध प्रवास को हतोत्साहित करने के लिए विदेशी सरकारों के साथ सहयोग भी कर रहा है।
ऑस्ट्रेलिया में रहने वाले भारतीय समुदाय के लिए भी यह समाचार प्रासंगिक है। हाल के वर्षों में ऑस्ट्रेलिया ने भी अपनी वीजा नीतियों और 'फास्ट-ट्रैक' निर्वासन प्रक्रियाओं को सख्त किया है। यद्यपि ऑस्ट्रेलिया और अमेरिका की प्रवासन स्थितियां अलग हैं, लेकिन वैश्विक स्तर पर अवैध आव्रजन के खिलाफ बढ़ता कड़ा रुख एक सामान्य प्रवृत्ति बन गया है। भारतीय प्रवासियों को सलाह दी जाती है कि वे अपने वीजा की स्थिति को लेकर सतर्क रहें और किसी भी समस्या के मामले में भारतीय उच्चायोग या दूतावास से संपर्क करें।
विशेषज्ञों का मानना है कि आने वाले समय में निर्वासन की इन संख्याओं में वृद्धि हो सकती है, क्योंकि कई विकसित देश अपनी सीमाओं को सुरक्षित करने और अनधिकृत आव्रजन को नियंत्रित करने के लिए कड़े कानून बना रहे हैं। भारत सरकार ने दोहराया है कि वैध और सुव्यवस्थित प्रवासन के माध्यम से ही भारतीय प्रतिभाओं को वैश्विक मंच पर सही स्थान मिल सकता है।
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