ब्रेकिंग न्यूज़ब्रेकिंग
मानसून में पेट की समस्याओं से कैसे बचें? पाचन को दुरुस्त रखने के लिए अपनाएं ये जरूरी टिप्स
ICN24 Newsroom 4 अग॰ 2026, 10:37 pm

मानसून के दौरान नमी और बैक्टीरिया के कारण पाचन संबंधी समस्याएं बढ़ जाती हैं। जानें कैसे सही आहार और स्वच्छता से आप अपने पेट को स्वस्थ रख सकते हैं।
भारत में मानसून का आगमन जहां तपती गर्मी से राहत लेकर आता है, वहीं यह मौसम अपने साथ स्वास्थ्य संबंधी कई चुनौतियां भी लाता है। विशेष रूप से हमारा पाचन तंत्र इस दौरान सबसे अधिक प्रभावित होता है। हवा में नमी और हर तरफ मौजूद नमी के कारण बैक्टीरिया, वायरस और कवक (fungus) तेजी से पनपने लगते हैं, जिससे फूड पॉइजनिंग, डायरिया और पेट में संक्रमण का खतरा बढ़ जाता है। आईएनसी24 (ICN24) की इस विशेष रिपोर्ट में हम आपको बता रहे हैं कि इस मौसम में आप अपने पेट का ख्याल कैसे रख सकते हैं।
चिकित्सा विशेषज्ञों के अनुसार, मानसून के दौरान हमारी पाचन अग्नि यानी 'जठराग्नि' स्वाभाविक रूप से धीमी हो जाती है। इसके अलावा, दूषित पानी और अधपका भोजन संक्रमण के मुख्य कारण बनते हैं। इस मौसम में सबसे महत्वपूर्ण है पीने के पानी की शुद्धता सुनिश्चित करना। यदि आप भारत की यात्रा कर रहे हैं या वहां रह रहे हैं, तो पानी को उबालकर पीना सबसे सुरक्षित विकल्प है। बाहर के खुले जूस या सड़क किनारे मिलने वाले कटे हुए फलों से पूरी तरह परहेज करना चाहिए, क्योंकि ये कीटाणुओं के सबसे बड़े वाहक होते हैं।
आहार की बात करें तो मानसून में हल्का और सुपाच्य भोजन करने की सलाह दी जाती है। इस दौरान पत्तेदार सब्जियों, जैसे पालक और पत्तागोभी के सेवन में सावधानी बरतनी चाहिए। इनमें बारिश के दिनों में छोटे कीड़े और लार्वा होने की संभावना अधिक होती है। यदि इनका उपयोग करना ही है, तो उन्हें नमक के गर्म पानी में अच्छी तरह धोने के बाद ही पकाएं। इसके बजाय, लौकी, तोरई और कद्दू जैसी ताजी और हल्की सब्जियां बेहतर विकल्प हैं। अदरक, काली मिर्च और अजवाइन जैसे मसालों का भोजन में प्रयोग पाचन को बढ़ावा देता है और शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता को भी मजबूत करता है।
स्वच्छता के नियमों का पालन करना इस मौसम में अनिवार्य है। केवल भोजन की शुद्धता ही काफी नहीं है, बल्कि व्यक्तिगत स्वच्छता भी उतनी ही जरूरी है। खाना बनाने और खाने से पहले हाथों को साबुन से अच्छी तरह धोना चाहिए। रसोई में उपयोग होने वाले बर्तनों और चॉपिंग बोर्ड को सूखा और साफ रखें। नमी के कारण रसोई में फफूंद लगने का खतरा रहता है, जो अनजाने में भोजन को जहरीला बना सकता है।
ऑस्ट्रेलिया में रहने वाले भारतीय समुदाय के लिए, जो अक्सर इस मौसम में भारत की यात्रा करते हैं, यह सलाह और भी महत्वपूर्ण हो जाती है। 'ट्रैवलर्स डायरिया' से बचने के लिए केवल सीलबंद बोतलबंद पानी का उपयोग करें और कच्चा सलाद खाने से बचें। प्रोबायोटिक्स, जैसे कि ताजी दही या छाछ, पेट में अच्छे बैक्टीरिया के संतुलन को बनाए रखने में मदद करते हैं, जिससे पाचन संबंधी परेशानियां कम होती हैं। यदि आपको पेट में दर्द, लगातार दस्त या उल्टी जैसे लक्षण महसूस हों, तो तुरंत डॉक्टर से संपर्क करें और खुद से दवा लेने (self-medication) से बचें।
संबंधित ख़बरें

ब्रेकिंगब्रेकिंग
'रामायण' के मॉडर्न लुक पर छिड़ी बहस: फिल्म के डिजाइनर्स ने ट्रोलिंग पर तोड़ी चुप्पी
नितेश तिवारी की फिल्म 'रामायण' में किरदारों की वेशभूषा को लेकर सोशल मीडिया पर विवाद शुरू हो गया है। डिजाइनर्स ने अब इस पर सफाई दी है।
4 अग॰ 2026, 09:37 pm

ब्रेकिंगब्रेकिंग
मीरा राजपूत ने शेयर कीं 'कपूर खानदान' की छुट्टियों की खास तस्वीरें, ससुराल वालों संग दिखी शानदार बॉन्डिंग
एंटरप्रेन्योर मीरा राजपूत कपूर ने हाल ही में अपने पति शाहिद कपूर और ससुराल वालों के साथ बिताई गई छुट्टियों की कुछ अनदेखी तस्वीरें साझा की हैं, जो सोशल मीडिया पर वायरल हो रही हैं।
4 अग॰ 2026, 08:38 pm

ब्रेकिंगब्रेकिंग
भारत सरकार ने विदेशी निवेश को बढ़ावा देने के लिए नई टैक्स रियायतों का प्रस्ताव दिया
भारत सरकार ने कराधान और अन्य कानून (संशोधन) विधेयक, 2026 के माध्यम से इलेक्ट्रॉनिक्स और फंड मैनेजमेंट जैसे क्षेत्रों में बड़ी कर रियायतों की घोषणा की है।
4 अग॰ 2026, 08:37 pm