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उत्तर प्रदेश: नई नाव की खरीद पर 60% सब्सिडी, जानें निषाद राज बोट योजना के लिए आवेदन की पूरी प्रक्रिया
ICN24 Newsroom 20 जून 2026, 01:37 am

उत्तर प्रदेश सरकार निषाद और मल्लाह समुदाय को नई नाव खरीदने के लिए 60% सब्सिडी दे रही है। आवेदन की अंतिम तिथि 28 जून है।
उत्तर प्रदेश सरकार ने राज्य के पारंपरिक मछुआरा समुदायों को आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनाने और उनकी आय में वृद्धि करने के उद्देश्य से एक महत्वपूर्ण पहल की है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व वाली सरकार ने 'निषाद राज बोट सब्सिडी योजना' के विस्तार की घोषणा की है, जिसके तहत पात्र लाभार्थियों को नई नाव और जाल खरीदने पर कुल लागत का 60 प्रतिशत तक अनुदान (सब्सिडी) प्रदान किया जाएगा। यह योजना विशेष रूप से उन समुदायों के लिए तैयार की गई है जिनका जीवन पूरी तरह से नदियों और जलाशयों पर निर्भर है।
इस योजना का मुख्य उद्देश्य राज्य के अंतर्देशीय मत्स्य पालन क्षेत्र को आधुनिक बनाना और नदी किनारे रहने वाले निषाद, मल्लाह, केवट और कश्यप जैसे समुदायों को सशक्त बनाना है। वर्तमान में, पारंपरिक नावों की बढ़ती लागत और रखरखाव के कारण कई मछुआरे कर्ज के बोझ तले दबे हुए हैं। उत्तर प्रदेश मत्स्य पालन विभाग के अनुसार, इस भारी सब्सिडी के माध्यम से मछुआरे न केवल आधुनिक नावें खरीद सकेंगे, बल्कि अपनी कार्यक्षमता में भी सुधार कर सकेंगे, जिससे अंततः ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूती मिलेगी।
योजना के लिए पात्रता और आवेदन प्रक्रिया के बारे में विस्तार से जानकारी देते हुए विभाग ने बताया कि इसके लिए ऑनलाइन पोर्टल के माध्यम से आवेदन स्वीकार किए जा रहे हैं। इच्छुक उम्मीदवार उत्तर प्रदेश मत्स्य पालन विभाग की आधिकारिक वेबसाइट (fishes.up.gov.in) पर जाकर अपना पंजीकरण करा सकते हैं। आवेदन करने की अंतिम तिथि 28 जून निर्धारित की गई है। इस प्रक्रिया में पारदर्शिता सुनिश्चित करने के लिए 'पहले आओ-पहले पाओ' और पात्रता मानदंडों के आधार पर चयन किया जाएगा।
ऑस्ट्रेलिया में रह रहे भारतीय समुदाय के लिए भी यह खबर महत्वपूर्ण है, विशेष रूप से उन प्रवासियों के लिए जो उत्तर प्रदेश के ग्रामीण क्षेत्रों से ताल्लुक रखते हैं। सिडनी और मेलबर्न जैसे शहरों में बसे कई भारतीय-ऑस्ट्रेलियाई नागरिक अपने पैतृक गांवों में सामाजिक और आर्थिक विकास के कार्यों में रुचि रखते हैं। यह सरकारी योजना उन परिवारों के लिए एक बड़ा अवसर है जो भारत में अपने पारंपरिक पारिवारिक व्यवसाय को आधुनिक बनाना चाहते हैं। प्रवासी भारतीय अपने परिजनों को इस डिजिटल आवेदन प्रक्रिया में सहायता प्रदान कर सकते हैं, जिससे गांव में रह रहे उनके सगे-संबंधी इस वित्तीय सहायता का लाभ उठा सकें।
आवेदन के लिए आवश्यक दस्तावेजों में आधार कार्ड, निवास प्रमाण पत्र, बैंक पासबुक और समुदाय से संबंधित प्रमाण पत्र शामिल हैं। अधिकारियों का कहना है कि इस योजना का उद्देश्य केवल वित्तीय सहायता देना ही नहीं है, बल्कि राज्य में मत्स्य उत्पादन को बढ़ाना और नदियों के किनारे बसे लाखों लोगों के जीवन स्तर को ऊंचा उठाना भी है। यदि आप या आपका कोई परिचित इस क्षेत्र से जुड़ा है, तो समय सीमा समाप्त होने से पहले आवेदन करना सुनिश्चित करें।
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