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इबोला का खतरा: संयुक्त अरब अमीरात ने गिनी, कांगो और लाइबेरिया के लिए वीजा सेवाओं पर लगाई रोक
ICN24 Newsroom 7 जून 2026, 04:00 am

संयुक्त अरब अमीरात ने सार्वजनिक स्वास्थ्य सुरक्षा का हवाला देते हुए गिनी, कांगो लोकतांत्रिक गणराज्य और लाइबेरिया के नागरिकों के लिए प्रवेश वीजा निलंबित कर दिया है।
संयुक्त अरब अमीरात (UAE) सरकार ने सार्वजनिक स्वास्थ्य और सुरक्षा चिंताओं का हवाला देते हुए अफ्रीकी देशों—गिनी, कांगो लोकतांत्रिक गणराज्य (DRC) और लाइबेरिया—के नागरिकों के लिए प्रवेश वीजा सेवाओं को अस्थायी रूप से निलंबित करने की घोषणा की है। यह निर्णय हाल ही में इन क्षेत्रों में इबोला वायरस के बढ़ते प्रकोप की खबरों के बाद एक एहतियाती कदम के रूप में लिया गया है।
यूएई के स्वास्थ्य अधिकारियों और नागरिक उड्डयन विभाग के अनुसार, यह प्रतिबंध तत्काल प्रभाव से लागू किया गया है। सरकार का मुख्य उद्देश्य देश की सीमाओं के भीतर इबोला वायरस के संभावित प्रसार को रोकना है। इबोला एक घातक वायरल बीमारी है, जो संक्रमण के माध्यम से तेजी से फैलती है और इसमें मृत्यु दर काफी अधिक होती है।
इस कदम का प्रभाव अंतरराष्ट्रीय यात्रा और ट्रांजिट यात्रियों पर पड़ने की संभावना है। विशेष रूप से दुबई और अबू धाबी जैसे वैश्विक यात्रा हब से गुजरने वाले यात्रियों के लिए कड़े स्वास्थ्य प्रोटोकॉल लागू किए गए हैं। हालांकि यह प्रतिबंध फिलहाल तीन देशों तक सीमित है, लेकिन यूएई सरकार अंतरराष्ट्रीय स्वास्थ्य संगठनों के साथ मिलकर स्थिति की बारीकी से निगरानी कर रही है।
ऑस्ट्रेलिया में रहने वाले भारतीय समुदाय और प्रवासी भारतीयों (NRIs) के लिए भी यह खबर महत्वपूर्ण है। कई भारतीय पेशेवर और व्यवसाई जो ऑस्ट्रेलिया और भारत के बीच यात्रा करते हैं, वे अक्सर दुबई या अबू धाबी को ट्रांजिट पॉइंट के रूप में उपयोग करते हैं। यद्यपि यह प्रतिबंध केवल विशिष्ट अफ्रीकी देशों के नागरिकों पर लागू है, लेकिन ट्रांजिट के दौरान स्वास्थ्य जांच और स्क्रीनिंग प्रक्रियाओं में सख्ती देखी जा सकती है। भारतीय यात्रियों को सलाह दी जाती है कि वे यूएई के माध्यम से यात्रा करने से पहले एयरलाइंस के ताजा दिशा-निर्देशों की जांच कर लें।
यूएई सरकार ने स्पष्ट किया है कि यह एक अस्थायी उपाय है और स्थिति में सुधार होने पर इसकी समीक्षा की जाएगी। विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) द्वारा जारी की जाने वाली रिपोर्टों के आधार पर भविष्य में इन प्रतिबंधों में ढील दी जा सकती है। फिलहाल, यूएई ने अपनी सीमाओं पर निगरानी बढ़ा दी है ताकि किसी भी संदिग्ध मामले की पहचान की जा सके।
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