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मतदाता सूची पुनरीक्षण से पहले निर्वाचन अधिकारियों और पार्टी एजेंटों के लिए प्रशिक्षण शिविर आयोजित

ICN24 Newsroom 11 जून 2026, 07:00 am
मतदाता सूची पुनरीक्षण से पहले निर्वाचन अधिकारियों और पार्टी एजेंटों के लिए प्रशिक्षण शिविर आयोजित

निर्वाचन आयोग ने मतदाता सूची के आगामी पुनरीक्षण कार्यक्रम को देखते हुए अधिकारियों और राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों के लिए एक विशेष प्रशिक्षण सत्र आयोजित किया है।

भारत निर्वाचन आयोग ने आगामी मतदाता सूची पुनरीक्षण (Electoral Roll Revision) कार्यक्रम की तैयारियों को पुख्ता करने के उद्देश्य से निर्वाचन अधिकारियों और राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों के लिए एक महत्वपूर्ण प्रशिक्षण सत्र का आयोजन किया है। इस सत्र का मुख्य उद्देश्य चुनाव प्रक्रिया में पारदर्शिता सुनिश्चित करना और तकनीकी प्रणालियों के प्रभावी उपयोग को बढ़ावा देना था। इस प्रशिक्षण के माध्यम से निर्वाचन पंजीकरण अधिकारियों (EROs) और बूथ स्तर के अधिकारियों (BLOs) को उनकी नई जिम्मेदारियों से अवगत कराया गया। प्रशिक्षण के पहले सत्र में चुनाव आयोग के विशेषज्ञों ने 'ECINet' आईटी मॉड्यूल की कार्यप्रणाली पर विस्तृत प्रस्तुति दी। यह डिजिटल प्लेटफॉर्म मतदाता सूची के प्रबंधन और अपडेट की प्रक्रिया को सरल बनाने के लिए तैयार किया गया है। विशेषज्ञों ने बताया कि कैसे EROs और BLOs इस तकनीक का उपयोग करके मतदाताओं के डेटा को सटीक बना सकते हैं और पंजीकरण की प्रक्रिया में होने वाली त्रुटियों को कम कर सकते हैं। डिजिटल साक्षरता पर दिया गया यह जोर चुनाव आयोग के उस अभियान का हिस्सा है, जिसके तहत पूरी चुनाव प्रक्रिया को पेपरलेस और सुरक्षित बनाने का लक्ष्य रखा गया है। सत्र के दौरान अधिकारियों और विभिन्न राजनीतिक दलों के एजेंटों के बीच सीधा संवाद भी हुआ। अधिकारियों ने चुनाव प्रक्रिया से जुड़े विभिन्न सवालों और शंकाओं का समाधान किया। राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों को यह समझाया गया कि मतदाता सूची में नए नाम जोड़ने, मृत या स्थानांतरित मतदाताओं के नाम हटाने और विवरण में सुधार करने की प्रक्रिया के दौरान उनकी क्या भूमिका रहेगी। यह कदम लोकतांत्रिक प्रक्रिया में सभी हितधारकों की भागीदारी सुनिश्चित करने के लिए उठाया गया है। ऑस्ट्रेलिया में रहने वाले भारतीय समुदाय और प्रवासी भारतीयों (NRIs) के लिए भी यह समाचार विशेष महत्व रखता है। प्रवासी भारतीय जो भारत में मतदाता के रूप में पंजीकृत हैं या पंजीकरण कराना चाहते हैं, उनके लिए यह डिजिटल सुधार प्रक्रिया को और अधिक सुलभ बनाएंगे। विदेशों में रहने वाले भारतीय अब ऑनलाइन माध्यमों से अपनी जानकारी अपडेट कर सकते हैं, जिसमें चुनाव आयोग के ये नए आईटी मॉड्यूल महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे। सिडनी, मेलबर्न और पर्थ जैसे शहरों में सक्रिय भारतीय प्रवासी संगठन अक्सर समुदाय को भारत की लोकतांत्रिक प्रक्रियाओं से जोड़ने के लिए जागरूकता अभियान चलाते हैं। निर्वाचन आयोग के अनुसार, इस प्रशिक्षण का अगला चरण क्षेत्रीय स्तर पर आयोजित किया जाएगा, ताकि जमीनी स्तर पर काम करने वाले कर्मचारी तकनीक से पूरी तरह लैस हो सकें। निष्पक्ष और त्रुटिहीन मतदाता सूची एक स्वस्थ लोकतंत्र की आधारशिला है, और इस दिशा में यह प्रशिक्षण एक ठोस कदम माना जा रहा है। अधिकारियों ने जोर दिया कि पुनरीक्षण अवधि के दौरान जनता को भी सक्रिय रहकर अपने विवरणों की जांच करनी चाहिए।
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