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भारतीय ट्रक ड्राइवरों के खिलाफ नस्लवाद पर सख्त रुख: ऑस्ट्रेलियाई गृह मंत्री टोनी बर्क ने दिया सुरक्षा का भरोसा

ICN24 Newsroom 18 जुल॰ 2026, 06:33 pm
भारतीय ट्रक ड्राइवरों के खिलाफ नस्लवाद पर सख्त रुख: ऑस्ट्रेलियाई गृह मंत्री टोनी बर्क ने दिया सुरक्षा का भरोसा

ऑस्ट्रेलियाई गृह मंत्री टोनी बर्क ने भारतीय मूल के ट्रक ड्राइवरों के खिलाफ बढ़ रहे नस्लीय हमलों और धमकियों की कड़ी निंदा करते हुए प्रवासियों की सुरक्षा का आश्वासन दिया है।

ऑस्ट्रेलिया के गृह मंत्री टोनी बर्क ने देश के परिवहन क्षेत्र में कार्यरत भारतीय मूल के ट्रक ड्राइवरों के खिलाफ बढ़ते नस्लीय भेदभाव और उत्पीड़न पर कड़ा रुख अपनाया है। हाल ही में एक प्रमुख समाचार चैनल (NDTV) को दिए साक्षात्कार में, मंत्री बर्क ने भारतीय समुदाय की चिंताओं को स्वीकार किया और स्पष्ट किया कि ऑस्ट्रेलिया में इस प्रकार के व्यवहार के लिए कोई स्थान नहीं है। सरकार ने प्रवासियों की सुरक्षा और कार्यस्थल पर उनके अधिकारों को सुनिश्चित करने की अपनी प्रतिबद्धता को दोहराया है। रिपोर्टों के अनुसार, ऑस्ट्रेलिया के विभिन्न राज्यों में भारतीय मूल के ड्राइवरों को नस्लीय टिप्पणियों, मौखिक दुर्व्यवहार और कुछ गंभीर मामलों में जान से मारने की धमकियों का सामना करना पड़ा है। यह मुद्दा विशेष रूप से चिंताजनक है क्योंकि भारतीय-ऑस्ट्रेलियाई समुदाय परिवहन और लॉजिस्टिक्स क्षेत्र में एक महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। बर्क ने इन घटनाओं को 'अस्वीकार्य' बताते हुए कहा कि जो लोग ऑस्ट्रेलिया की अर्थव्यवस्था में योगदान दे रहे हैं, उन्हें भय के माहौल में काम करने के लिए मजबूर नहीं किया जाना चाहिए। भारतीय समुदाय के प्रतिनिधियों ने लंबे समय से यह शिकायत की है कि सड़कों और लोडिंग डॉक्स पर ड्राइवरों को उनकी पहचान के कारण निशाना बनाया जाता है। मंत्री बर्क ने आश्वासन दिया कि गृह मंत्रालय और कानून प्रवर्तन एजेंसियां इन शिकायतों को गंभीरता से ले रही हैं। उन्होंने कहा कि सरकार केवल कानून बनाने तक सीमित नहीं रहेगी, बल्कि प्रवासियों के विश्वास को बहाल करने के लिए जमीनी स्तर पर भी काम करेगी। इसमें रिपोर्टिंग तंत्र को सरल बनाना और नियोक्ताओं को जवाबदेह ठहराना शामिल है। ऑस्ट्रेलियाई समाज में बहुसंस्कृतिवाद की महत्ता पर जोर देते हुए, टोनी बर्क ने कहा कि सामाजिक सद्भाव देश की सबसे बड़ी ताकत है। उन्होंने स्वीकार किया कि नस्लीय हिंसा न केवल व्यक्तिगत सुरक्षा के लिए खतरा है, बल्कि यह ऑस्ट्रेलिया की वैश्विक छवि को भी प्रभावित करती है। सरकार की रणनीति में अब उन कमियों को दूर करना शामिल है जिनका लाभ उठाकर लोग प्रवासी कामगारों का शोषण या उत्पीड़न करते हैं। यह बयान ऐसे समय में आया है जब भारत और ऑस्ट्रेलिया के बीच द्विपक्षीय संबंध मजबूत हो रहे हैं और दोनों देश व्यापार एवं प्रवासन समझौतों पर मिलकर काम कर रहे हैं। भारतीय मूल के ट्रक ड्राइवरों के लिए यह आश्वासन एक बड़ी राहत के रूप में देखा जा रहा है। समुदाय के नेताओं ने सरकार के इस कदम का स्वागत किया है, लेकिन साथ ही यह भी मांग की है कि इन वादों को जल्द ही ठोस कार्रवाई में बदला जाए ताकि सड़कों पर ड्राइवरों की सुरक्षा सुनिश्चित हो सके।
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