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पश्चिम बंगाल में राजनीतिक हलचल: क्या TMC के बागी विधायकों की होगी घर वापसी? 12 से अधिक नेता संपर्क में

ICN24 Newsroom 5 जून 2026, 08:30 pm
पश्चिम बंगाल में राजनीतिक हलचल: क्या TMC के बागी विधायकों की होगी घर वापसी? 12 से अधिक नेता संपर्क में

तृणमूल कांग्रेस में बड़ी टूट की खबरों के बीच कई बागी विधायक अपना फैसला बदलने पर विचार कर रहे हैं। ममता बनर्जी के नेतृत्व वाली पार्टी में मची इस उथल-पुथल ने राज्य की राजनीति को गरमा दिया है।

पश्चिम बंगाल की राजनीति में एक बार फिर बड़े बदलाव के संकेत मिल रहे हैं। मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के नेतृत्व वाली तृणमूल कांग्रेस (TMC) से बगावत करने वाले कई विधायक अब अपने फैसले पर पुनर्विचार करते नजर आ रहे हैं। राजनीतिक गलियारों में यह चर्चा तेज है कि ऋतब्रत बनर्जी के साथ गए बागी गुट के कम से कम 12 विधायक वापस टीएमसी के पाले में आ सकते हैं। यह घटनाक्रम ऐसे समय में आया है जब राज्य में आगामी चुनावों और राजनीतिक समीकरणों को लेकर अनिश्चितता बनी हुई है। रिपोर्टों के अनुसार, बागी विधायकों को इस बात का डर सता रहा है कि ममता बनर्जी के खिलाफ जाने से उन्हें भविष्य में भारी राजनीतिक नुकसान उठाना पड़ सकता है। जमीनी स्तर पर टीएमसी की मजबूत पकड़ और कैडर आधारित राजनीति को देखते हुए, इन नेताओं को लगता है कि पार्टी से अलग होकर अपनी सीट बचा पाना मुश्किल होगा। इसके अलावा, भाजपा के साथ संपर्क में होने की खबरों के बीच इन विधायकों में इस बात को लेकर भी संशय है कि क्या उन्हें वहां वह सम्मान और स्थान मिलेगा जो उन्हें टीएमसी में हासिल था। सूत्रों का कहना है कि इन बागी विधायकों ने गुप्त रूप से टीएमसी के शीर्ष नेतृत्व से संपर्क साधा है। वे अपनी वापसी के लिए सुरक्षित रास्ता तलाश रहे हैं। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि ममता बनर्जी की हालिया रैलियों में उमड़ी भीड़ और संगठन पर उनकी अटूट पकड़ ने इन बागियों को अपने फैसले पर दोबारा सोचने के लिए मजबूर किया है। उन्हें डर है कि बगावत का ठप्पा लगने से उनके राजनीतिक करियर पर पूर्णविराम लग सकता है। केवल विधायक ही नहीं, बल्कि चर्चा यह भी है कि टीएमसी के कुछ सांसद भी भाजपा और अन्य विपक्षी दलों के संपर्क में हैं। हालांकि, आधिकारिक तौर पर पार्टी ने ऐसी किसी भी टूट से इनकार किया है। टीएमसी नेतृत्व का कहना है कि पार्टी एकजुट है और जो लोग जाना चाहते थे, वे पहले ही जा चुके हैं। जो अब वापस आना चाहते हैं, उन पर फैसला पार्टी आलाकमान की मंजूरी के बाद ही लिया जाएगा। ऑस्ट्रेलिया में बसे भारतीय समुदाय, विशेषकर बंगाली प्रवासियों के लिए पश्चिम बंगाल की यह उथल-पुथल चिंता और रुचि का विषय बनी हुई है। सिडनी और मेलबर्न जैसे शहरों में रहने वाले प्रवासी भारतीय अक्सर बंगाल की राजनीति पर चर्चा करते हैं, क्योंकि राज्य की स्थिरता वहां के विकास और निवेश को प्रभावित करती है। टीएमसी के भीतर की यह अस्थिरता दर्शाती है कि बंगाल की राजनीति में व्यक्तिगत महत्वाकांक्षाएं और चुनावी गुणा-भाग किस तरह हावी रहते हैं।
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