राजनीति
यमुना की सफाई के लिए प्रादेशिक सेना का बड़ा अभियान, 'परिवर्तन के अवसर' के रूप में देख रही है टास्क फोर्स
ICN24 Newsroom 14 जून 2026, 10:01 pm

प्रादेशिक सेना की यमुना टास्क फोर्स ने नदी की स्वच्छता के लिए एक व्यापक अभियान शुरू किया है, जिसे सकारात्मक बदलाव के मिशन के रूप में देखा जा रहा है।
नई दिल्ली: भारत की जीवनदायिनी नदियों में से एक, यमुना को पुनर्जीवित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम उठाते हुए प्रादेशिक सेना (टेरिटोरियल आर्मी) ने एक व्यापक स्वच्छता अभियान शुरू किया है। इस पहल का नेतृत्व कर रही यमुना टास्क फोर्स ने इसे केवल एक चुनौती नहीं, बल्कि देश की पर्यावरणीय स्थिति में सुधार लाने के एक बड़े 'अवसर' के रूप में परिभाषित किया है।
यमुना टास्क फोर्स के ऑफिसर कमांडिंग, लेफ्टिनेंट कर्नल अनुराग सिंह ने समाचार एजेंसी एएनआई (ANI) से बातचीत करते हुए इस मिशन के प्रति सेना के दृष्टिकोण को स्पष्ट किया। उन्होंने कहा कि इस पहल को एक कठिन चुनौती के रूप में देखने के बजाय, इसे एक व्यवस्थित और प्राप्त करने योग्य मिशन के रूप में देखा जाना चाहिए। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि सही योजना और सामूहिक प्रयासों से यमुना की स्थिति में सकारात्मक बदलाव निश्चित रूप से संभव है।
लेफ्टिनेंट कर्नल सिंह के अनुसार, टास्क फोर्स ने एक विस्तृत और व्यापक कार्ययोजना तैयार की है। इस योजना के तहत स्पष्ट लक्ष्य निर्धारित किए गए हैं और परिणामों को मापने के लिए कड़े मापदंड तय किए गए हैं। सेना का मुख्य उद्देश्य नदी के तटीय क्षेत्रों की सफाई करना, कचरा प्रबंधन को बेहतर बनाना और स्थानीय समुदायों के बीच जागरूकता पैदा करना है ताकि नदी में प्रदूषण को कम किया जा सके।
यह अभियान ऐसे समय में आया है जब भारत सरकार और विभिन्न पर्यावरण संगठन यमुना की गिरती सेहत को लेकर चिंतित हैं। सेना की भागीदारी इस मिशन में न केवल अनुशासन और दक्षता लाएगी, बल्कि यह आम नागरिकों के लिए भी एक प्रेरणा का स्रोत बनेगी। प्रादेशिक सेना की यह विशेष यूनिट न केवल सफाई कार्यों पर ध्यान केंद्रित करेगी, बल्कि यह भी सुनिश्चित करेगी कि भविष्य में नदी के पारिस्थितिकी तंत्र को नुकसान न पहुंचे।
ऑस्ट्रेलिया में रह रहे भारतीय समुदाय के लिए भी यह समाचार विशेष महत्व रखता है। प्रवासी भारतीय अक्सर अपनी जड़ों और भारत की प्राकृतिक संपदा के संरक्षण में गहरी रुचि रखते हैं। मेलबर्न और सिडनी जैसे शहरों में रहने वाले भारतीय मूल के लोग, जो स्वयं पर्यावरण संरक्षण और सामुदायिक सेवाओं में सक्रिय रहते हैं, भारत में सेना द्वारा की जा रही इस पहल की सराहना कर रहे हैं। भारत की सांस्कृतिक पहचान से जुड़ी नदियों की रक्षा करना वैश्विक स्तर पर भारतीयों के लिए गर्व और भावनात्मक जुड़ाव का विषय है।
आने वाले महीनों में, टास्क फोर्स द्वारा किए गए कार्यों का प्रभाव जमीनी स्तर पर दिखने की उम्मीद है। सेना का मानना है कि यदि प्रशासन, नागरिक समाज और सुरक्षा बल एक साथ मिलकर काम करें, तो यमुना को उसका पुराना स्वरूप वापस दिलाया जा सकता है। यह मिशन न केवल स्वच्छता के बारे में है, बल्कि यह आने वाली पीढ़ियों के लिए एक स्वच्छ और सुरक्षित पर्यावरण सुनिश्चित करने की प्रतिबद्धता भी है।
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