लाइव
विज्ञापन
Demo Interstitial - Migration Consultancy
राजनीति
राजनीति

तमिलनाडु सरकार ने कुरुवई खेती के लिए 135 करोड़ रुपये के विशेष पैकेज की घोषणा की; किसानों ने जताई निराशा

ICN24 Newsroom 13 जून 2026, 07:31 am
तमिलनाडु सरकार ने कुरुवई खेती के लिए 135 करोड़ रुपये के विशेष पैकेज की घोषणा की; किसानों ने जताई निराशा

तमिलनाडु सरकार ने धान की खेती को बढ़ावा देने के लिए 134.83 करोड़ रुपये के विशेष कुरुवई पैकेज की घोषणा की है, हालांकि किसान संगठनों ने इसे नाकाफी बताया है।

चेन्नई/त्रिची: तमिलनाडु के मुख्यमंत्री एम.के. स्टालिन ने राज्य के डेल्टा जिलों में धान की खेती करने वाले किसानों की सहायता के लिए 134.83 करोड़ रुपये के 'कुरुवई' विशेष पैकेज की घोषणा की है। इस वित्तीय सहायता का उद्देश्य चालू सीजन के दौरान कृषि उत्पादन को गति देना और किसानों को खाद एवं बीज पर सब्सिडी प्रदान करना है। सरकार के इस कदम को कृषि क्षेत्र में निवेश बढ़ाने के प्रयास के रूप में देखा जा रहा है, विशेषकर उन क्षेत्रों में जो सिंचाई के लिए कावेरी नदी के पानी पर निर्भर हैं। आधिकारिक विवरण के अनुसार, इस पैकेज के तहत किसानों को प्रमाणित बीजों पर 50 प्रतिशत की छूट दी जाएगी। इसके अतिरिक्त, पोटैशियम क्लोराइड (MOP) जैसे उर्वरकों पर भी बड़ी सब्सिडी का प्रावधान है। सरकार का लक्ष्य इस योजना के माध्यम से कावेरी डेल्टा क्षेत्र के लाखों किसानों को राहत पहुँचाना है, जो अक्सर पानी की कमी और बदलती जलवायु परिस्थितियों के कारण वित्तीय संकट का सामना करते हैं। हालांकि, सरकार की इस बड़ी घोषणा के बावजूद जमीनी स्तर पर किसान संगठनों की प्रतिक्रिया ठंडी रही है। त्रिची और तंजावुर के किसान नेताओं का कहना है कि पैकेज की राशि और इसके प्रावधान मौजूदा संकट की तुलना में बहुत कम हैं। किसानों की मुख्य चिंता कावेरी जल प्रबंधन प्राधिकरण (CWMA) द्वारा कर्नाटक से पानी छोड़े जाने में हो रही देरी को लेकर है। किसानों का तर्क है कि बिना पर्याप्त पानी के, केवल सब्सिडी वाले बीज और उर्वरक फसल को बचाने के लिए पर्याप्त नहीं होंगे। ऑस्ट्रेलिया में रहने वाले तमिल समुदाय के लिए यह समाचार विशेष महत्व रखता है। सिडनी और मेलबर्न जैसे शहरों में बसे भारतीय प्रवासियों में एक बड़ा हिस्सा तमिलनाडु के कृषि प्रधान जिलों से ताल्लुक रखता है। ऑस्ट्रेलिया में कार्यरत कई पेशेवर आज भी अपने गृह नगरों में कृषि भूमि के मालिक हैं या उनके परिवार सीधे तौर पर खेती से जुड़े हुए हैं। कावेरी बेल्ट में कृषि की स्थिरता न केवल स्थानीय अर्थव्यवस्था को प्रभावित करती है, बल्कि प्रवासी भारतीयों द्वारा भारत भेजे जाने वाले धन (remittance) और निवेश निर्णयों को भी प्रभावित करती है। कृषि विशेषज्ञों का मानना है कि तमिलनाडु सरकार को दीर्घकालिक समाधानों पर ध्यान केंद्रित करने की आवश्यकता है। केवल सीजन-दर-सीजन पैकेज देने के बजाय, जल संचयन प्रणालियों के आधुनिकीकरण और पड़ोसी राज्यों के साथ नदी जल विवादों के स्थायी समाधान की दिशा में ठोस कदम उठाए जाने चाहिए। फिलहाल, कुरुवई पैकेज की घोषणा ने राजनीतिक गलियारों में चर्चा तो छेड़ दी है, लेकिन इसकी सफलता मानसून की चाल और कावेरी नदी के जल प्रवाह पर ही निर्भर करेगी।
शेयर:

संबंधित ख़बरें

दिल्ली: योगा एक्सप्रेस में सीट को लेकर विवाद, शाहदरा स्टेशन पर यात्री की पीट-पीटकर हत्या
राजनीति

दिल्ली: योगा एक्सप्रेस में सीट को लेकर विवाद, शाहदरा स्टेशन पर यात्री की पीट-पीटकर हत्या

दिल्ली के शाहदरा रेलवे स्टेशन पर सीट को लेकर हुए झगड़े में 32 वर्षीय पंकज धामा की पीट-पीटकर हत्या कर दी गई। पुलिस ने मामले में 8 लोगों को हिरासत में लिया है।

20 जून 2026, 10:56 pm
कांग्रेस में आंतरिक कलह: शशि थरूर की मोदी भक्ति पर पवन खेड़ा का कटाक्ष, कहा- 'वो भी सुन लेते हैं जो मोदी ने कहा ही नहीं'
राजनीति

कांग्रेस में आंतरिक कलह: शशि थरूर की मोदी भक्ति पर पवन खेड़ा का कटाक्ष, कहा- 'वो भी सुन लेते हैं जो मोदी ने कहा ही नहीं'

पवन खेड़ा ने शशि थरूर पर तंज कसते हुए कहा कि वे पीएम मोदी की तारीफ के लिए कुछ भी कर सकते हैं और ऐसी बातें भी सुन लेते हैं जो कही नहीं गईं।

20 जून 2026, 08:41 pm
भारत ने पाक राष्ट्रपति जरदारी के बयान को बताया ‘भड़काऊ’, कहा- हमारे आंतरिक मामलों में दखल न दे पाकिस्तान
राजनीति

भारत ने पाक राष्ट्रपति जरदारी के बयान को बताया ‘भड़काऊ’, कहा- हमारे आंतरिक मामलों में दखल न दे पाकिस्तान

भारत ने पाकिस्तानी राष्ट्रपति आसिफ अली जरदारी द्वारा वाराणसी की मस्जिद को लेकर दिए गए बयान की कड़ी निंदा की है। विदेश मंत्रालय ने इसे नफरत फैलाने वाला और आंतरिक मामलों में दखल बताया है।

20 जून 2026, 07:11 pm
Original text
Rate this translation
Your feedback will be used to help improve Google Translate