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बॉम्बे हाई कोर्ट में छह अतिरिक्त जजों को मिली स्थायी नियुक्ति, राष्ट्रपति ने जारी किए आदेश

ICN24 Newsroom 9 जून 2026, 01:00 am
बॉम्बे हाई कोर्ट में छह अतिरिक्त जजों को मिली स्थायी नियुक्ति, राष्ट्रपति ने जारी किए आदेश

भारत के राष्ट्रपति ने मुख्य न्यायाधीश के साथ परामर्श के बाद बॉम्बे हाई कोर्ट के छह अतिरिक्त न्यायाधीशों को स्थायी न्यायाधीश के रूप में नियुक्त करने की मंजूरी दी है।

भारत के राष्ट्रपति ने न्यायपालिका में एक महत्वपूर्ण कदम उठाते हुए बॉम्बे हाई कोर्ट के छह अतिरिक्त न्यायाधीशों को स्थायी न्यायाधीश के रूप में नियुक्त किया है। यह निर्णय भारत के मुख्य न्यायाधीश (CJI) डी.वाई. चंद्रचूड़ के नेतृत्व वाले कॉलेजियम की सिफारिशों के बाद लिया गया है। केंद्र सरकार के कानून और न्याय मंत्रालय ने इस संबंध में आधिकारिक अधिसूचना जारी कर दी है। जिन न्यायाधीशों को स्थायी किया गया है, उनमें न्यायमूर्ति संजय अनूपकुमार देशमुख, न्यायमूर्ति शशिकांत भगवानराव कुलकर्णी, न्यायमूर्ति किशोर लक्ष्मणराव संत, न्यायमूर्ति वाल्मीकि एसए मेनेजेस, न्यायमूर्ति कमल रश्मि खता और न्यायमूर्ति शर्मिला उत्तमराव देशमुख शामिल हैं। इन न्यायाधीशों की नियुक्तियां उनकी वरिष्ठता और प्रदर्शन के आधार पर की गई हैं। यह कदम बॉम्बे हाई कोर्ट में लंबित मामलों के बोझ को कम करने और न्यायिक प्रणाली को अधिक प्रभावी बनाने की दिशा में अहम माना जा रहा है। कानूनी विशेषज्ञों के अनुसार, अतिरिक्त न्यायाधीशों को स्थायी किए जाने से न्यायपालिका में स्थिरता आती है। बॉम्बे हाई कोर्ट, जो महाराष्ट्र और गोवा राज्यों के साथ-साथ दमन और दीव तथा दादरा और नगर हवेली के केंद्र शासित प्रदेशों पर अधिकार क्षेत्र रखता है, भारत के सबसे पुराने और सबसे व्यस्त न्यायालयों में से एक है। जजों की कमी लंबे समय से चिंता का विषय रही है, और ये नियुक्तियां उस कमी को दूर करने में सहायक होंगी। ऑस्ट्रेलिया में रह रहे भारतीय समुदाय के लिए यह खबर विशेष महत्व रखती है, क्योंकि प्रवासियों के कई पारिवारिक और संपत्ति संबंधी मामले अक्सर बॉम्बे हाई कोर्ट के अधिकार क्षेत्र में आते हैं। सिडनी और मेलबर्न में रहने वाले प्रवासी भारतीयों, विशेषकर महाराष्ट्र और गोवा मूल के लोगों के लिए, न्यायिक प्रणाली में यह सुदृढ़ीकरण उनके लंबित कानूनी मामलों के त्वरित निस्तारण की उम्मीद जगाता है। नियुक्ति की प्रक्रिया के तहत, सुप्रीम कोर्ट कॉलेजियम ने बॉम्बे हाई कोर्ट के मुख्य न्यायाधीश द्वारा भेजी गई सिफारिशों की समीक्षा की थी। इसके बाद, खुफिया ब्यूरो (IB) की रिपोर्ट और संबंधित राज्य सरकारों के इनपुट के आधार पर अंतिम निर्णय लिया गया। कॉलेजियम ने पाया कि ये सभी न्यायाधीश स्थायी नियुक्ति के लिए पूरी तरह योग्य और सक्षम हैं। आने वाले महीनों में, बॉम्बे हाई कोर्ट में रिक्त पदों को भरने के लिए और भी नियुक्तियां होने की संभावना है। वर्तमान में, भारतीय न्यायपालिका लंबित मुकदमों की संख्या को कम करने के लिए न्यायाधीशों की संख्या बढ़ाने और तकनीकी सुधारों पर जोर दे रही है। स्थायी न्यायाधीशों की नियुक्ति से पीठ की कार्यक्षमता में सुधार होगा और न्याय वितरण की प्रक्रिया में तेजी आएगी।
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