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पंजाब के मुक्तसर में मोबाइल चोरी के आरोपियों के साथ बर्बरता; अर्ध-नग्न कर खेतों में घसीटा
ICN24 Newsroom 8 जून 2026, 01:31 am

पंजाब के मुक्तसर जिले में मोबाइल छीनने के आरोपी दो दलित युवकों को भीड़ ने अमानवीय तरीके से प्रताड़ित किया। सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो के बाद पुलिस ने मामले की जांच शुरू की है।
पंजाब के मुक्तसर जिले के झरोड़ गांव से मानवाधिकारों को शर्मसार करने वाली एक घटना सामने आई है। यहाँ मोबाइल फोन छीनने के आरोप में दो दलित युवकों को न केवल पकड़कर पीटा गया, बल्कि उन्हें अर्ध-नग्न अवस्था में पूरे गांव में घुमाया गया और खेतों में बेरहमी से घसीटा गया। इस घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद पंजाब पुलिस और राज्य अनुसूचित जाति आयोग ने मामले का संज्ञान लिया है।
पुलिस रिपोर्ट के अनुसार, यह घटना शनिवार की है जब इन दोनों युवकों ने कथित तौर पर एक प्रवासी मजदूर से मोबाइल फोन छीन लिया था। ग्रामीणों का दावा है कि दोनों युवक नशे के आदी हैं। चोरी की भनक लगते ही भीड़ ने उन्हें पकड़ लिया और कानून हाथ में लेते हुए खुद ही सजा देनी शुरू कर दी। वायरल वीडियो में देखा जा सकता है कि आरोपियों के हाथ रस्सी से बंधे हुए हैं और कुछ लोग उनके पैर पकड़कर उन्हें ऊबड़-खाबड़ खेतों में घसीट रहे हैं।
पीड़ितों में से एक की मां ने मीडिया से बात करते हुए अपना दर्द साझा किया। उन्होंने कहा, "मुझे नहीं पता कि मेरे बेटे ने क्या किया है, लेकिन उसके साथ जिस तरह की बर्बरता की गई वह अस्वीकार्य है। अगर उन्होंने कुछ गलत किया था, तो उन्हें पुलिस के हवाले कर दिया जाना चाहिए था। कानून को इस तरह हाथ में लेना कहाँ का न्याय है?"
मलोट के पुलिस उपाधीक्षक (DSP) जसपाल सिंह ने बताया कि पुलिस को इस घटना की जानकारी सोशल मीडिया पर वायरल हुए वीडियो के जरिए मिली। पुलिस टीम ने तुरंत मौके का दौरा किया और दोनों युवकों का मेडिकल परीक्षण करवाया गया। मेडिकल रिपोर्ट में उनके शरीर पर गंभीर चोटों के निशान पाए गए हैं। डीएसपी ने यह भी स्पष्ट किया कि इनमें से एक युवक के खिलाफ पहले भी नशीली गोलियों की तस्करी का मामला दर्ज है। फिलहाल पुलिस दोनों पक्षों के बयानों और मेडिकल रिपोर्ट के आधार पर आगे की कार्रवाई कर रही है।
इस बीच, पंजाब राज्य अनुसूचित जाति आयोग ने इस घटना पर कड़ा रुख अपनाया है। आयोग ने इस मामले में 'सुओ मोटो' (स्वत: संज्ञान) लेते हुए मुक्तसर के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (SSP) से 9 जून तक विस्तृत रिपोर्ट तलब की है। पुलिस ने मोबाइल छीनने के आरोप में दोनों युवकों के खिलाफ भी मामला दर्ज कर लिया है।
यह घटना भारत में बढ़ती 'मॉब लिंचिंग' और भीड़ द्वारा न्याय करने की प्रवृत्ति पर फिर से सवाल खड़े करती है। ऑस्ट्रेलिया में रह रहे भारतीय समुदाय के लिए भी ऐसी खबरें चिंता का विषय हैं, क्योंकि पंजाब से ताल्लुक रखने वाले प्रवासी अक्सर अपने गृह राज्य की सुरक्षा और कानून व्यवस्था को लेकर संवेदनशील रहते हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि नशाखोरी और बेरोजगारी जैसे मुद्दे पंजाब के युवाओं को अपराध की ओर धकेल रहे हैं, लेकिन भीड़ द्वारा की जाने वाली ऐसी हिंसा समाज में अराजकता पैदा करती है।
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