राजनीति
शिमला के संजौली में तनाव: हिंदू नेताओं की गिरफ्तारी के विरोध में चक्का जाम, मुस्लिम पिता-पुत्री भी धरने पर बैठे
ICN24 Newsroom 8 जून 2026, 05:00 pm

हिमाचल प्रदेश के संजौली में छेड़छाड़ मामले ने तूल पकड़ लिया है। हिंदू संघर्ष समिति के नेताओं की गिरफ्तारी के विरोध में प्रदर्शनकारियों ने चक्का जाम किया, जिससे जनजीवन प्रभावित हुआ।
हिमाचल प्रदेश की राजधानी शिमला का संजौली क्षेत्र एक बार फिर सांप्रदायिक और राजनीतिक तनाव का केंद्र बन गया है। एक मुस्लिम युवती के साथ कथित छेड़छाड़ के मामले में शुरू हुआ यह विवाद अब हिंदू संघर्ष समिति के चार नेताओं की गिरफ्तारी के बाद उग्र रूप ले चुका है। इस गिरफ्तारी के विरोध में स्थानीय निवासियों और समिति के समर्थकों ने सड़कों पर उतरकर चक्का जाम कर दिया, जिससे क्षेत्र में यातायात व्यवस्था पूरी तरह ठप हो गई और आम जनता को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा।
मामले की शुरुआत एक मुस्लिम युवक द्वारा युवती के साथ छेड़छाड़ की घटना से हुई थी, जिसके बाद पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए आरोपी को गिरफ्तार कर लिया था। हालांकि, विवाद तब बढ़ गया जब हिंदू संघर्ष समिति के नेताओं ने इस घटना के विरोध में प्रदर्शन किया और कथित तौर पर कुछ युवकों की सार्वजनिक परेड निकाली। पुलिस ने कानून व्यवस्था बिगाड़ने और अशांति फैलाने के आरोप में समिति के चार मुख्य नेताओं, जिनमें महिलाएं भी शामिल हैं, को हिरासत में ले लिया।
इस घटनाक्रम में सबसे महत्वपूर्ण मोड़ तब आया जब पीड़ित मुस्लिम युवती और उसके पिता खुद थाने के बाहर धरने पर बैठ गए। पीड़ित परिवार का आरोप है कि पुलिस प्रशासन इस मामले में निष्पक्ष कार्रवाई करने के बजाय उन लोगों को निशाना बना रहा है जो उनके समर्थन में खड़े हुए थे। पिता-पुत्री के इस कदम ने मामले को एक नया मोड़ दे दिया है, जहां सांप्रदायिक सीमाओं से परे जाकर न्याय की मांग की जा रही है।
प्रदर्शनकारियों का कहना है कि प्रशासन का रवैया पक्षपातपूर्ण है। संजौली बाजार और मुख्य मार्गों पर भारी पुलिस बल तैनात किया गया है ताकि किसी भी अप्रिय घटना को रोका जा सके। चक्का जाम के कारण शिमला-मनाली हाईवे और संजौली की आंतरिक सड़कों पर वाहनों की लंबी कतारें देखी गईं। स्कूल जाने वाले बच्चों और दफ्तर जाने वाले लोगों को पैदल ही लंबी दूरी तय करनी पड़ी।
शिमला पुलिस प्रशासन ने शांति बनाए रखने की अपील की है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि कानून को अपने हाथ में लेने की अनुमति किसी को नहीं दी जाएगी। फिलहाल, गिरफ्तार नेताओं से पूछताछ की जा रही है और सुरक्षा एजेंसियां सोशल मीडिया पर भी कड़ी नजर रख रही हैं ताकि अफवाहों को फैलने से रोका जा सके। इस मामले ने हिमाचल की शांत वादियों में राजनीतिक सरगर्मी बढ़ा दी है, और सरकार पर भी कानून-व्यवस्था को लेकर दबाव बढ़ता जा रहा है।
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