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शेख हसीना का बड़ा ऐलान: दिसंबर 2026 में बांग्लादेश लौटेंगी पूर्व प्रधानमंत्री, जताई जान को खतरे की आशंका

ICN24 Newsroom 11 जुल॰ 2026, 02:31 am
शेख हसीना का बड़ा ऐलान: दिसंबर 2026 में बांग्लादेश लौटेंगी पूर्व प्रधानमंत्री, जताई जान को खतरे की आशंका

बांग्लादेश की पूर्व प्रधानमंत्री शेख हसीना ने भारत में अपने प्रवास के बीच बड़ा बयान देते हुए दिसंबर 2026 में स्वदेश वापसी की घोषणा की है, हालांकि उन्होंने अपनी सुरक्षा पर चिंता जताई है।

बांग्लादेश की पूर्व प्रधानमंत्री शेख हसीना ने एक बड़ा राजनीतिक बयान देते हुए घोषणा की है कि वह दिसंबर 2026 में अपने देश लौटेंगी। फिलहाल भारत में शरण लिए हुए हसीना ने इस बात पर जोर दिया है कि वह अपने देश की जनता के बीच वापस जाना चाहती हैं, लेकिन साथ ही उन्होंने अपनी सुरक्षा को लेकर गंभीर आशंकाएं भी व्यक्त की हैं। उन्होंने स्पष्ट रूप से कहा कि उन्हें डर है कि बांग्लादेश लौटने पर उनकी हत्या की जा सकती है। शेख हसीना को इस साल अगस्त में छात्रों के नेतृत्व में हुए व्यापक विरोध प्रदर्शनों के बाद प्रधानमंत्री पद से इस्तीफा देना पड़ा था। प्रदर्शनों के हिंसक रूप लेने और उनके आधिकारिक आवास 'गणभवन' की ओर भीड़ के बढ़ने के बाद उन्हें आनन-फानन में ढाका छोड़कर भारत आना पड़ा था। तब से वह भारत के एक सुरक्षित स्थान पर रह रही हैं। बांग्लादेश में उनके जाने के बाद नोबेल पुरस्कार विजेता मोहम्मद यूनुस के नेतृत्व में एक अंतरिम सरकार का गठन किया गया है। हालिया बयानों में शेख हसीना ने बांग्लादेश की वर्तमान स्थिति पर चिंता जताई। उन्होंने कहा कि उनके समर्थकों और अवामी लीग के कार्यकर्ताओं को निशाना बनाया जा रहा है। अपनी वापसी के समय को लेकर उन्होंने स्पष्ट किया कि वह अभी लौटने के लिए तैयार नहीं हैं, लेकिन 2026 के अंत तक वह बांग्लादेश में होंगी। उन्होंने अंतरराष्ट्रीय समुदाय का ध्यान अपनी ओर खींचते हुए कहा कि उनके खिलाफ जो मामले दर्ज किए जा रहे हैं, वे राजनीति से प्रेरित हैं। बांग्लादेश के घटनाक्रम का प्रभाव केवल दक्षिण एशिया तक ही सीमित नहीं है, बल्कि ऑस्ट्रेलिया जैसे देशों में रह रहे भारतीय और बांग्लादेशी समुदायों पर भी इसका गहरा असर पड़ा है। ऑस्ट्रेलिया में एक बड़ी संख्या में दक्षिण एशियाई प्रवासी रहते हैं जो अपने मूल देशों की स्थिरता को लेकर चिंतित रहते हैं। सिडनी और मेलबर्न जैसे शहरों में रहने वाले भारतीय-ऑस्ट्रेलियाई समुदाय के लिए बांग्लादेश की राजनीतिक स्थिति महत्वपूर्ण है, क्योंकि यह क्षेत्र की सुरक्षा और व्यापारिक रिश्तों को प्रभावित करती है। शेख हसीना की वापसी की घोषणा ने इन समुदायों के बीच एक नई बहस छेड़ दी है। बांग्लादेश की अंतरिम सरकार ने हसीना के प्रत्यर्पण (Extradition) की संभावनाओं पर भी चर्चा की है, क्योंकि उन पर विरोध प्रदर्शनों के दौरान हुई मौतों के संबंध में कई कानूनी मुकदमे दर्ज किए गए हैं। हालांकि, भारत ने अभी तक इस मुद्दे पर अपना रुख स्पष्ट नहीं किया है और उन्हें एक अतिथि के रूप में सुरक्षा प्रदान करना जारी रखा है। हसीना का कहना है कि वह जनता के लिए लड़ती रहेंगी और उनके साथ हुए 'अन्याय' का हिसाब माँगेंगी। आने वाले महीनों में यह देखना दिलचस्प होगा कि उनकी यह घोषणा बांग्लादेश की आंतरिक राजनीति और भारत के साथ उसके संबंधों को किस दिशा में ले जाती है।
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