लाइव
राजनीति
राजनीति

चुनाव सुरक्षा पर संबोधन के बाद अमेरिकी सीनेटर एड मार्की ने की डोनाल्ड ट्रंप पर महाभियोग की मांग

ICN24 Newsroom 18 जुल॰ 2026, 02:34 pm
चुनाव सुरक्षा पर संबोधन के बाद अमेरिकी सीनेटर एड मार्की ने की डोनाल्ड ट्रंप पर महाभियोग की मांग

मैसाचुसेट्स के सीनेटर एड मार्की ने राष्ट्रपति ट्रंप के 'सेव अमेरिका एक्ट' वाले भाषण के बाद उन पर महाभियोग चलाने की मांग की है, जिससे अमेरिकी राजनीति में उबाल आ गया है।

वाशिंगटन डीसी में राजनीतिक तनाव एक बार फिर चरम पर पहुंच गया है। मैसाचुसेट्स से डेमोक्रेटिक सीनेटर एड मार्की ने गुरुवार रात राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के खिलाफ महाभियोग चलाने की जोरदार मांग की है। यह मांग राष्ट्रपति ट्रंप द्वारा व्हाइट हाउस से दिए गए उस आधे घंटे के संबोधन के तुरंत बाद आई है, जिसमें उन्होंने देश की चुनाव प्रणाली में विदेशी हस्तक्षेप का दावा किया था और कांग्रेस से 'सेव अमेरिका एक्ट' (SAVE America Act) पारित करने का आग्रह किया था। सीनेटर मार्की ने अपने आधिकारिक बयान में राष्ट्रपति के दावों को लोकतांत्रिक संस्थाओं पर हमला करार दिया। उन्होंने कहा कि राष्ट्रपति का यह भाषण भ्रामक सूचनाओं से भरा था और इसका उद्देश्य आगामी चुनावों की निष्पक्षता पर संदेह पैदा करना है। मार्की के अनुसार, राष्ट्रपति पद की गरिमा का उपयोग चुनाव परिणामों को प्रभावित करने के लिए करना एक गंभीर संवैधानिक उल्लंघन है, जिसके लिए महाभियोग ही एकमात्र संवैधानिक मार्ग है। व्हाइट हाउस के अपने संबोधन में, राष्ट्रपति ट्रंप ने तर्क दिया था कि पिछले अमेरिकी चुनावों में विदेशी शक्तियों ने हस्तक्षेप किया था और भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए सख्त कानून की आवश्यकता है। 'सेव अमेरिका एक्ट' का मुख्य उद्देश्य मतदान के लिए नागरिकता का प्रमाण अनिवार्य करना है। हालांकि, विपक्षी दल इसे मतदाताओं के दमन की एक रणनीति के रूप में देख रहे हैं। ट्रंप ने अपने भाषण में जोर देकर कहा कि बिना मजबूत चुनाव सुरक्षा के, देश का अस्तित्व खतरे में है। ऑस्ट्रेलिया में रहने वाले भारतीय समुदाय के लिए अमेरिका की यह राजनीतिक उथल-पुथल विशेष महत्व रखती है। भारत, ऑस्ट्रेलिया और अमेरिका 'क्वाड' (QUAD) के माध्यम से एक-दूसरे से गहराई से जुड़े हुए हैं। अमेरिका में राजनीतिक अस्थिरता या लोकतांत्रिक प्रक्रियाओं पर सवाल उठने का सीधा असर हिंद-प्रशांत क्षेत्र की सुरक्षा और वैश्विक आर्थिक नीतियों पर पड़ता है। ऑस्ट्रेलिया में बसे हजारों भारतीय-ऑस्ट्रेलियाई परिवारों के व्यावसायिक और पारिवारिक संबंध अमेरिका से जुड़े हैं, जिससे वहां की नीतिगत स्पष्टता उनके लिए महत्वपूर्ण हो जाती है। विशेषज्ञों का मानना है कि एड मार्की की यह मांग वाशिंगटन में बढ़ते ध्रुवीकरण का प्रतीक है। जहां रिपब्लिकन पार्टी चुनाव सुधारों को राष्ट्रीय सुरक्षा का मुद्दा बता रही है, वहीं डेमोक्रेट्स इसे ट्रंप द्वारा सत्ता पर कब्जा बनाए रखने की एक और कोशिश मान रहे हैं। यह घटनाक्रम ऐसे समय में आया है जब अमेरिका एक और महत्वपूर्ण चुनावी वर्ष की ओर बढ़ रहा है। फिलहाल, महाभियोग की इस मांग पर कांग्रेस के अन्य सदस्यों की प्रतिक्रिया का इंतजार है। यदि यह प्रक्रिया आगे बढ़ती है, तो यह अमेरिकी इतिहास के सबसे विवादास्पद अध्यायों में से एक होगा। वैश्विक स्तर पर, विशेष रूप से कैनबरा और नई दिल्ली जैसी राजधानियों में, इस राजनीतिक घटनाक्रम पर करीब से नजर रखी जा रही है क्योंकि इसके परिणाम अंतरराष्ट्रीय कूटनीति की दिशा तय कर सकते हैं।
शेयर:

संबंधित ख़बरें

'आपकी चुप्पी अस्वीकार्य है': राहुल और खड़गे ने राम मंदिर दान में 'चोरी' के आरोपों पर पीएम मोदी को लिखा पत्र
राजनीति

'आपकी चुप्पी अस्वीकार्य है': राहुल और खड़गे ने राम मंदिर दान में 'चोरी' के आरोपों पर पीएम मोदी को लिखा पत्र

कांग्रेस नेताओं ने अयोध्या राम मंदिर के चंदे में कथित वित्तीय अनियमितताओं की स्वतंत्र जांच की मांग करते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को पत्र लिखकर पारदर्शिता की अपील की है।

19 जुल॰ 2026, 06:34 pm
हथियारों के प्रदर्शन पर झालावाड़ पुलिस सख्त: सोशल मीडिया पर रील बनाने वालों की खैर नहीं, पुलिस ने जनता से मांगी मदद
राजनीति

हथियारों के प्रदर्शन पर झालावाड़ पुलिस सख्त: सोशल मीडिया पर रील बनाने वालों की खैर नहीं, पुलिस ने जनता से मांगी मदद

झालावाड़ पुलिस ने सोशल मीडिया पर हथियारों के प्रदर्शन को रोकने के लिए जनता से सहयोग मांगा है और सूचना देने वालों की पहचान गुप्त रखने का भरोसा दिया है।

19 जुल॰ 2026, 05:34 pm
भोपाल: मोहन कैबिनेट की विशेष बैठक आज, UCC ड्राफ्ट को मिल सकती है हरी झंडी
राजनीति

भोपाल: मोहन कैबिनेट की विशेष बैठक आज, UCC ड्राफ्ट को मिल सकती है हरी झंडी

मध्य प्रदेश की मोहन यादव कैबिनेट आज समान नागरिक संहिता के ड्राफ्ट पर चर्चा करेगी। इसमें लिव-इन पंजीकरण और महिला अधिकारों जैसे बड़े बदलाव शामिल हैं।

19 जुल॰ 2026, 04:34 pm