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सावन 2026: 30 जुलाई से शुरू होगा महादेव का प्रिय माह, जानें शिव आरती का महत्व और पूजा विधि
ICN24 Newsroom 30 जुल॰ 2026, 12:36 pm

वर्ष 2026 में सावन का पवित्र महीना 30 जुलाई से शुरू हो रहा है। जानें कैसे नियमित शिव आरती से जीवन में सुख-शांति और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।
हिंदू पंचांग के अनुसार, सावन (श्रावण) का महीना भगवान शिव की आराधना के लिए सबसे उत्तम माना जाता है। वर्ष 2026 में इस पावन मास का शुभारंभ 30 जुलाई से होने जा रहा है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, सावन के महीने में शिव की भक्ति करने से भक्तों की सभी मनोकामनाएं पूर्ण होती हैं और जीवन में आने वाले कष्टों का निवारण होता है। इस वर्ष भी श्रद्धालु पूरे उत्साह के साथ शिव मंदिरों और घरों में विशेष अनुष्ठानों की तैयारी कर रहे हैं।
सावन के महीने में शिव आरती का विशेष महत्व बताया गया है। विद्वानों का मानना है कि नियमित रूप से आरती करने से न केवल घर का वातावरण शुद्ध और पवित्र होता है, बल्कि यह मानसिक तनाव को कम करने में भी सहायक सिद्ध होती है। आरती के दौरान बजने वाले शंख और घंटों की ध्वनि नकारात्मक ऊर्जा को समाप्त कर मन में शांति का संचार करती है। ऑस्ट्रेलिया में बसे भारतीय समुदाय के लिए भी यह समय अपनी सांस्कृतिक और आध्यात्मिक जड़ों से जुड़ने का एक महत्वपूर्ण अवसर होता है।
विशेषज्ञों के अनुसार, सावन में प्रतिदिन 'ओम जय शिव ओमकारा' जैसी पारंपरिक आरतियों का गान करने से साधक को भगवान शिव की असीम कृपा प्राप्त होती है। यह अभ्यास आत्म-अनुशासन और एकाग्रता को बढ़ाता है। आधुनिक जीवन की भागदौड़ में, जहाँ मानसिक स्वास्थ्य एक बड़ी चुनौती बनकर उभरा है, वहां सावन के दौरान यह आध्यात्मिक दिनचर्या एक ‘स्ट्रेस-बस्टर’ के रूप में कार्य करती है। सिडनी, मेलबर्न और पर्थ जैसे शहरों में स्थित हिंदू मंदिरों में सावन के दौरान विशेष शिव आरती और अभिषेक के आयोजन किए जाते हैं, जहाँ भारी संख्या में भारतीय प्रवासी जुटते हैं।
आरती करने की विधि के बारे में बताया गया है कि सुबह स्नान के बाद स्वच्छ वस्त्र धारण कर भगवान शिव की प्रतिमा या शिवलिंग के समक्ष घी का दीपक प्रज्वलित करना चाहिए। इसके बाद धूप-दीप दिखाकर पूरे श्रद्धा भाव से आरती करनी चाहिए। आरती के अंत में क्षमा प्रार्थना अवश्य करें, ताकि पूजा में हुई किसी भी अनजानी भूल के लिए भगवान से क्षमा मांगी जा सके।
ऑस्ट्रेलिया में रहने वाले भक्तों के लिए सावन का महीना एक विशिष्ट अनुभव लेकर आता है, क्योंकि यहाँ इस दौरान सर्दी का मौसम होता है। ठंड के बावजूद, मेलबर्न के श्री शिव विष्णु मंदिर और सिडनी के श्री वेंकटेश्वर मंदिर जैसे धार्मिक स्थलों पर शिव भक्तों का तांता लगा रहता है। सावन 2026 के दौरान भी इन मंदिरों में विशेष सुरक्षा और सुचारू दर्शन के प्रबंध किए जाने की उम्मीद है, ताकि समुदाय के लोग अपनी आस्था का निर्वहन शांतिपूर्ण ढंग से कर सकें।
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