लाइव
राजनीति
राजनीति

डोनाल्ड ट्रंप का बड़ा बयान: जो बाइडन द्वारा डॉ. एंथनी फौसी को दी गई माफी का करेंगे 'सम्मान'

ICN24 Newsroom 30 जुल॰ 2026, 11:36 am
डोनाल्ड ट्रंप का बड़ा बयान: जो बाइडन द्वारा डॉ. एंथनी फौसी को दी गई माफी का करेंगे 'सम्मान'

नवनिर्वाचित राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने संकेत दिया है कि वह डॉ. एंथनी फौसी को दी गई राष्ट्रपति क्षमादान को चुनौती नहीं देंगे, इसे राष्ट्रपति का एक शक्तिशाली अधिकार बताया है।

वाशिंगटन और कैनबरा के बीच कूटनीतिक गलियारों में हलचल पैदा करने वाले एक घटनाक्रम में, नवनिर्वाचित अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने घोषणा की है कि वह अपने पूर्ववर्ती जो बाइडन द्वारा डॉ. एंथनी फौसी को दी गई माफी (पार्डन) को चुनौती नहीं देंगे। ट्रंप ने एक प्रेस वार्ता के दौरान स्पष्ट किया कि वह इस फैसले का 'सम्मान' करेंगे, जो अमेरिका के शीर्ष संक्रामक रोग विशेषज्ञ के साथ उनके लंबे और तनावपूर्ण संबंधों के इतिहास को देखते हुए एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। ट्रंप ने संवाददाताओं से बात करते हुए कहा कि राष्ट्रपति पद की क्षमादान शक्तियां (पार्डन पावर्स) देश के सबसे शक्तिशाली साधनों में से एक हैं। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि किसी भी राष्ट्रपति द्वारा दिए गए क्षमादान को पलटने के लिए बहुत ही ठोस और असाधारण सबूतों की आवश्यकता होती है, जो फिलहाल उनके पास नहीं हैं। जब उनसे यह पूछा गया कि क्या वह बाइडन द्वारा फौसी की माफी के लिए 'ऑटोपेन' (हस्ताक्षर करने वाली मशीन) के उपयोग की जांच करेंगे, तो ट्रंप ने इस तकनीकी विवाद में पड़ने के बजाय संवैधानिक प्रक्रिया की गरिमा बनाए रखने की बात की। भारतीय-ऑस्ट्रेलियाई समुदाय के लिए यह खबर विशेष रूप से महत्वपूर्ण है, क्योंकि डॉ. एंथनी फौसी वैश्विक महामारी कोविड-19 के दौरान सार्वजनिक स्वास्थ्य नीतियों का सबसे प्रमुख चेहरा रहे थे। ऑस्ट्रेलिया में रहने वाले भारतीय प्रवासियों, जिनमें बड़ी संख्या में डॉक्टर और स्वास्थ्य सेवा पेशेवर शामिल हैं, ने फौसी के दिशा-निर्देशों और ट्रंप प्रशासन के बीच के मतभेदों को बहुत करीब से देखा था। ट्रंप का यह रुख अमेरिका में राजनीतिक स्थिरता और भविष्य की स्वास्थ्य नीतियों के प्रति एक नरम दृष्टिकोण का संकेत दे सकता है। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि ट्रंप का यह निर्णय अनावश्यक कानूनी विवादों से बचने और अपने दूसरे कार्यकाल की शुरुआत एक साफ स्लेट के साथ करने की रणनीति का हिस्सा हो सकता है। डॉ. फौसी पर रिपब्लिकन पार्टी के कई सदस्यों द्वारा महामारी के दौरान दी गई सलाहों को लेकर सवाल उठाए जाते रहे हैं, लेकिन बाइडन के इस 'प्रिवेंटिव पार्डन' (निवारक माफी) ने उनके खिलाफ भविष्य में होने वाली किसी भी कानूनी कार्रवाई के रास्ते लगभग बंद कर दिए हैं। इस बयान के बाद अब सबकी निगाहें इस बात पर टिकी हैं कि ट्रंप का नया प्रशासन सार्वजनिक स्वास्थ्य और भविष्य की महामारी तैयारियों को लेकर क्या रुख अपनाता है। ऑस्ट्रेलिया में भारतीय मूल के समुदाय के लिए, जो अक्सर अमेरिका की स्वास्थ्य और तकनीकी प्रगति को अपनी दिशा के रूप में देखते हैं, ट्रंप का यह संयमित व्यवहार एक सकारात्मक संकेत माना जा रहा है। यह न केवल अमेरिकी राजनीति में कड़वाहट कम करने की कोशिश है, बल्कि यह भी दर्शाता है कि नवनिर्वाचित राष्ट्रपति अब अतीत के विवादों के बजाय शासन पर ध्यान केंद्रित करना चाहते हैं।
शेयर:

संबंधित ख़बरें

कोविड महामारी के दौर में अमेरिकी चेहरे रहे डॉ. एन्थनी फौसी ने सीनेट की सुनवाई में साधी चुप्पी; रिपब्लिकन सांसदों के तीखे सवालों पर 'संवैधानिक अधिकार' का दिया हवाला
राजनीति

कोविड महामारी के दौर में अमेरिकी चेहरे रहे डॉ. एन्थनी फौसी ने सीनेट की सुनवाई में साधी चुप्पी; रिपब्लिकन सांसदों के तीखे सवालों पर 'संवैधानिक अधिकार' का दिया हवाला

अमेरिकी कोविड प्रतिक्रिया के प्रमुख रहे डॉ. एन्थनी फौसी ने सीनेट की सुनवाई के दौरान करीब 100 बार पांचवें संशोधन का उपयोग करते हुए सवालों के जवाब देने से इनकार कर दिया।

30 जुल॰ 2026, 01:36 pm
सावन 2026: 30 जुलाई से शुरू होगा महादेव का प्रिय माह, जानें शिव आरती का महत्व और पूजा विधि
राजनीति

सावन 2026: 30 जुलाई से शुरू होगा महादेव का प्रिय माह, जानें शिव आरती का महत्व और पूजा विधि

वर्ष 2026 में सावन का पवित्र महीना 30 जुलाई से शुरू हो रहा है। जानें कैसे नियमित शिव आरती से जीवन में सुख-शांति और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।

30 जुल॰ 2026, 12:36 pm
हिंद-प्रशांत क्षेत्र में चीन की 'ग्रे-ज़ोन' चुनौतियों से निपटने के लिए अमेरिकी सीनेट में नया विधेयक पेश
राजनीति

हिंद-प्रशांत क्षेत्र में चीन की 'ग्रे-ज़ोन' चुनौतियों से निपटने के लिए अमेरिकी सीनेट में नया विधेयक पेश

अमेरिकी सीनेट में चीन की आक्रामक 'ग्रे-ज़ोन' रणनीतियों को रोकने के लिए एक द्विदलीय विधेयक पेश किया गया है, जिसका सीधा असर भारत और ऑस्ट्रेलिया की क्षेत्रीय सुरक्षा पर पड़ेगा।

30 जुल॰ 2026, 10:36 am