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Sawan 2026: सावन में शुरू करें ये विशेष व्रत, भगवान शिव की कृपा और शुभ फल की प्राप्ति के लिए जानें खास नियम
ICN24 Newsroom 5 अग॰ 2026, 12:37 pm

सावन का महीना भगवान शिव की आराधना के लिए श्रेष्ठ माना जाता है। जानें इस महीने शुरू किए जाने वाले महत्वपूर्ण व्रतों और उनके धार्मिक महत्व के बारे में।
हिंदू पंचांग के अनुसार, सावन या श्रावण का महीना आध्यात्मिक दृष्टि से अत्यंत महत्वपूर्ण माना जाता है। वर्ष 2026 में सावन का महीना शिव भक्तों के लिए विशेष अवसर लेकर आ रहा है। पौराणिक मान्यताओं के अनुसार, इस पवित्र महीने में शुरू किए गए कुछ विशेष व्रत न केवल मानसिक शांति प्रदान करते हैं, बल्कि भक्तों की मनोकामनाएं पूर्ण करने में भी सहायक होते हैं। ज्योतिषविदों और धर्मगुरुओं का मानना है कि सावन के दौरान संकल्प लेकर शुरू किए गए व्रत अक्षय फल प्रदान करते हैं।
सावन के महीने में सबसे प्रमुख 'सावन सोमवार' का व्रत है। जो लोग 'सोलह सोमवार' (Solah Somvar) के व्रत की शुरुआत करना चाहते हैं, उनके लिए सावन का पहला सोमवार सबसे शुभ मुहूर्त माना जाता है। मान्यता है कि इस दिन से शुरू कर अगले 16 सोमवार तक व्रत रखने से विवाह, करियर और स्वास्थ्य संबंधी बाधाएं दूर होती हैं। ऑस्ट्रेलिया में रहने वाले भारतीय समुदाय के लिए, जहां इस समय सर्दियों का मौसम होता है, मंदिरों में विशेष शिव पूजा का आयोजन किया जाता है। मेलबर्न, सिडनी और ब्रिस्बेन के प्रमुख हिंदू मंदिरों में भक्तों की भारी भीड़ उमड़ती है।
महिलाओं के लिए सावन में 'मंगला गौरी व्रत' का विशेष महत्व है। यह व्रत सावन के प्रत्येक मंगलवार को रखा जाता है और देवी पार्वती को समर्पित है। नवविवाहित महिलाएं अपने सुखी वैवाहिक जीवन के लिए इस व्रत की शुरुआत सावन से ही करती हैं। इसके अलावा, 'प्रदोष व्रत' भी इस महीने में अत्यंत फलदायी माना जाता है। सावन की त्रयोदशी तिथि को भगवान शिव की पूजा करने से शत्रुओं पर विजय और पापों से मुक्ति मिलती है। ऑस्ट्रेलिया के स्थानीय समयानुसार भक्त सूर्यास्त के समय मंदिरों में एकत्रित होकर अभिषेक और भजन-कीर्तन करते हैं।
सावन में व्रतों की शुरुआत करने के लिए कुछ नियमों का पालन अनिवार्य है। व्रत का संकल्प लेते समय शुद्धता और सात्विकता का ध्यान रखना चाहिए। इस दौरान केवल फलाहार या सात्विक भोजन ग्रहण करने की परंपरा है। सिडनी के 'मुक्ति गुप्तेश्वर मंदिर' और मेलबर्न के 'शिव विष्णु मंदिर' जैसे स्थानों पर सावन के दौरान विशेष रुद्र अभिषेक आयोजित किए जाते हैं, जिसमें प्रवासी भारतीय बढ़-चढ़कर हिस्सा लेते हैं। बदलते समय के साथ, ऑस्ट्रेलिया में युवा पीढ़ी भी अपनी जड़ों से जुड़ने के लिए इन परंपराओं को उत्साहपूर्वक अपना रही है।
धार्मिक दृष्टिकोण से सावन का पूरा महीना ही ऊर्जा का स्रोत है। यदि आप किसी विशेष कार्य की सिद्धि के लिए व्रत शुरू करना चाहते हैं, तो सावन के सोमवार या प्रदोष तिथि को चुनना श्रेष्ठ रहता है। भक्ति और अनुशासन के साथ किए गए ये अनुष्ठान न केवल आध्यात्मिक विकास करते हैं, बल्कि प्रवासी जीवन की व्यस्तता के बीच मानसिक संतुलन बनाए रखने में भी मदद करते हैं।
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