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साहिबगंज: संध्या कॉलेज में सरकारी लिपिकों की लेखा परीक्षा संपन्न, प्रशासनिक सुधारों की दिशा में बढ़ते कदम
ICN24 Newsroom 21 जून 2026, 03:10 am

साहिबगंज के संध्या कॉलेज में जिला एवं अनुमंडल लिपिकों की अर्धवार्षिक लेखा परीक्षा के शुरुआती दो पत्र शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न हुए।
झारखंड के साहिबगंज जिले में प्रशासनिक दक्षता और वित्तीय पारदर्शिता सुनिश्चित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम उठाते हुए, संध्या कॉलेज में जिला एवं अनुमंडल कार्यालयों के लिपिकों के लिए अर्धवार्षिक लेखा परीक्षा-2025 और 2026 का आयोजन किया गया। इस परीक्षा के पहले दो पत्रों का संचालन पूरी तरह से शांतिपूर्ण और कड़े सुरक्षा मानकों के बीच संपन्न हुआ। यह परीक्षा राज्य सरकार के प्रशासनिक ढांचे के भीतर कार्यरत कर्मचारियों की योग्यता और उनके लेखांकन कौशल को परखने का एक अनिवार्य हिस्सा है।
केंद्राधीक्षक प्रमोद आनंद ने परीक्षा के सफल आयोजन पर संतोष व्यक्त करते हुए बताया कि पूरी प्रक्रिया विधिक सुरक्षा मानकों और सरकारी दिशा-निर्देशों के अनुरूप पूरी की गई। उन्होंने स्पष्ट किया कि इस चरण में पहले और दूसरे पत्र की परीक्षा ली गई है, जिसमें विभिन्न विभागों के लिपिकों ने हिस्सा लिया। लेखा परीक्षा का मुख्य उद्देश्य सरकारी कार्यालयों में वित्तीय प्रबंधन को सुदृढ़ करना और यह सुनिश्चित करना है कि अधीनस्थ कर्मचारी सरकारी धन के रख-रखाव और ऑडिट प्रक्रियाओं से पूरी तरह अवगत हों।
प्रशासनिक सूत्रों के अनुसार, इस विभागीय परीक्षा का अगला चरण अब 21 जून 2026 को निर्धारित किया गया है। उस दिन तीसरे, चौथे और पांचवें पत्र की परीक्षा आयोजित की जाएगी। साहिबगंज जैसे जिलों में इस प्रकार की परीक्षाओं का समय पर आयोजन होना प्रशासनिक सुशासन (Good Governance) का संकेत माना जाता है। भारत में सिविल सेवा और प्रशासनिक पदों पर कार्यरत लिपिकों के लिए ये परीक्षाएं न केवल उनके वेतन वृद्धि के लिए आवश्यक हैं, बल्कि पदोन्नति और सेवा के नियमितीकरण के लिए भी अनिवार्य शर्त होती हैं।
ऑस्ट्रेलिया में रह रहे प्रवासी भारतीय समुदाय, विशेष रूप से झारखंड और बिहार मूल के लोगों के लिए अपने गृह जनपदों की ऐसी प्रशासनिक खबरें विशेष महत्व रखती हैं। कई प्रवासी भारतीयों के परिवार आज भी इन क्षेत्रों में सरकारी सेवाओं से जुड़े हैं। भारत में प्रशासनिक सुधारों और सरकारी तंत्र की कार्यप्रणाली में आ रहे बदलावों को समझने के लिए यह अपडेट्स एक कड़ी के रूप में कार्य करते हैं। साहिबगंज के स्थानीय प्रशासन ने इस बात पर जोर दिया है कि परीक्षाओं में पारदर्शिता और निष्पक्षता बनाए रखने के लिए डिजिटल निगरानी और कड़े पर्यवेक्षण का उपयोग किया जा रहा है।
संध्या कॉलेज में आयोजित इस परीक्षा के दौरान सुरक्षा के भी पुख्ता इंतजाम किए गए थे ताकि किसी भी प्रकार की अनुचित गतिविधि को रोका जा सके। परीक्षा केंद्र के आसपास धारा 144 जैसे प्रतिबंधात्मक उपायों और पुलिस बल की तैनाती यह सुनिश्चित करने के लिए की गई थी कि परीक्षार्थी तनावमुक्त होकर अपनी परीक्षा दे सकें। आगामी 2026 की परीक्षाओं के लिए भी विभाग ने अभी से तैयारी शुरू कर दी है, जिससे यह स्पष्ट होता है कि राज्य सरकार नौकरशाही के निचले स्तर पर भी जवाबदेही तय करने के प्रति गंभीर है।
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