लाइव
ब्रेकिंग न्यूज़
ब्रेकिंग न्यूज़ब्रेकिंग

अटल बिहारी वाजपेयी की पुण्यतिथि: आधुनिक भारत के शिल्पकार और वैश्विक शक्ति के निर्माता को श्रद्धांजलि

ICN24 Newsroom 16 अग॰ 2026, 10:37 pm
अटल बिहारी वाजपेयी की पुण्यतिथि: आधुनिक भारत के शिल्पकार और वैश्विक शक्ति के निर्माता को श्रद्धांजलि

पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी की पुण्यतिथि पर देश उन्हें याद कर रहा है। उन्होंने परमाणु परीक्षण और बुनियादी ढांचे के विकास से भारत को एक वैश्विक महाशक्ति बनाने की नींव रखी थी।

भारत के पूर्व प्रधानमंत्री और भारत रत्न अटल बिहारी वाजपेयी की पुण्यतिथि के अवसर पर आज देश भर में उन्हें भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की जा रही है। एक प्रखर वक्ता, संवेदनशील कवि और कुशल राजनेता के रूप में उनकी पहचान केवल भारत तक ही सीमित नहीं थी, बल्कि दुनिया भर में फैले भारतीय प्रवासियों, विशेषकर ऑस्ट्रेलिया में रहने वाले भारतीय समुदाय के बीच भी वे अत्यंत लोकप्रिय रहे हैं। उनके कार्यकाल को भारत के इतिहास में 'परिवर्तनकारी युग' के रूप में देखा जाता है, जिसने देश को 21वीं सदी की चुनौतियों के लिए तैयार किया। अटल बिहारी वाजपेयी का सबसे साहसिक और ऐतिहासिक निर्णय 1998 में पोखरण-द्वितीय परमाणु परीक्षण था। इस कदम ने भारत को दुनिया के परमाणु संपन्न देशों की श्रेणी में खड़ा कर दिया। हालांकि, उस समय अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भारत को कई प्रतिबंधों का सामना करना पड़ा, लेकिन वाजपेयी के कूटनीतिक कौशल ने यह सुनिश्चित किया कि भारत की संप्रभुता और सुरक्षा से कोई समझौता न हो। ऑस्ट्रेलिया में रहने वाले भारतीय मूल के वरिष्ठ नागरिक आज भी उस समय को याद करते हैं जब भारत ने वैश्विक मंच पर अपनी सामरिक शक्ति का लोहा मनवाया था। आर्थिक मोर्चे पर वाजपेयी सरकार ने 'स्वर्णिम चतुर्भुज' (Golden Quadrilateral) जैसी महत्वाकांक्षी परियोजनाओं के माध्यम से देश के बुनियादी ढांचे का कायाकल्प किया। दिल्ली, मुंबई, चेन्नई और कोलकाता को जोड़ने वाली इस सड़क परियोजना ने न केवल व्यापार को गति दी, बल्कि ग्रामीण और शहरी भारत के बीच की दूरी को भी कम किया। इसके साथ ही, 'सर्व शिक्षा अभियान' की शुरुआत कर उन्होंने प्राथमिक शिक्षा को हर बच्चे का अधिकार बनाया, जो आज के डिजिटल और शिक्षित भारत की आधारशिला है। ऑस्ट्रेलिया-भारत संबंधों के लिहाज से भी वाजपेयी का कार्यकाल महत्वपूर्ण रहा। उन्होंने आर्थिक सुधारों की जो प्रक्रिया तेज की, उसी का परिणाम है कि आज ऑस्ट्रेलिया और भारत के बीच व्यापारिक और रणनीतिक संबंध अपने चरम पर हैं। वाजपेयी जी का मानना था कि विदेशों में रहने वाले भारतीय देश के 'सांस्कृतिक राजदूत' हैं। उन्होंने प्रवासी भारतीय दिवस की शुरुआत कर दुनिया भर में बसे भारतीयों को अपनी जड़ों से जुड़ने का एक मंच प्रदान किया। आज जब हम उनके योगदान का स्मरण करते हैं, तो उनकी वह प्रसिद्ध पंक्ति याद आती है— 'हार नहीं मानूंगा, रार नहीं ठानूंगा'। उनकी राजनीतिक शुचिता और सभी दलों को साथ लेकर चलने की क्षमता आज भी समकालीन राजनीति के लिए एक मार्गदर्शक सिद्धांत बनी हुई है। ओड़िशा से लेकर मेलबर्न तक, हर भारतीय आज उस नेता को नमन कर रहा है जिसने भारत के आत्मसम्मान और शक्ति को नई ऊंचाइयों पर पहुँचाया।
शेयर:

संबंधित ख़बरें

सीपत: सुनील आईएएस एकेडमी में स्वतंत्रता दिवस पर देशभक्ति का संचार, संचालक सुनील निर्मलकर ने फहराया तिरंगा
ब्रेकिंगब्रेकिंग

सीपत: सुनील आईएएस एकेडमी में स्वतंत्रता दिवस पर देशभक्ति का संचार, संचालक सुनील निर्मलकर ने फहराया तिरंगा

सुनील आईएएस एकेडमी सीपत में 78वां स्वतंत्रता दिवस उत्साहपूर्वक मनाया गया, जहां संचालक सुनील निर्मलकर ने ध्वजारोहण कर राष्ट्र निर्माण में युवाओं की भूमिका पर जोर दिया।

16 अग॰ 2026, 11:37 pm
दिग्गज बंगाली फिल्मकार और राष्ट्रीय पुरस्कार विजेता राजा सेन का 71 वर्ष की आयु में निधन
ब्रेकिंगब्रेकिंग

दिग्गज बंगाली फिल्मकार और राष्ट्रीय पुरस्कार विजेता राजा सेन का 71 वर्ष की आयु में निधन

राष्ट्रीय पुरस्कार विजेता फिल्म निर्देशक राजा सेन का कोलकाता के एक अस्पताल में निधन हो गया है। 'दामू' जैसी फिल्मों के लिए प्रसिद्ध सेन 71 वर्ष के थे।

16 अग॰ 2026, 09:37 pm
रेवाड़ी AIIMS में सितंबर से शुरू होगी OPD: 11 साल का लंबा इंतजार खत्म, जानें MBBS और स्वास्थ्य सुविधाओं का पूरा अपडेट
ब्रेकिंगब्रेकिंग

रेवाड़ी AIIMS में सितंबर से शुरू होगी OPD: 11 साल का लंबा इंतजार खत्म, जानें MBBS और स्वास्थ्य सुविधाओं का पूरा अपडेट

दक्षिण हरियाणा के रेवाड़ी में बन रहे माजरा AIIMS की तीन इमारतें तैयार हो चुकी हैं। सितंबर से ओपीडी शुरू होने की उम्मीद है, जिससे लाखों लोगों को दिल्ली जाने की जरूरत नहीं पड़ेगी।

16 अग॰ 2026, 08:37 pm