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अमेरिकी प्रवेश से वंचित होने के बावजूद रेफरी उमर अर्टन को मिलेगा फीफा विश्व कप का पूरा शुल्क

ICN24 Newsroom 15 जून 2026, 04:31 am
अमेरिकी प्रवेश से वंचित होने के बावजूद रेफरी उमर अर्टन को मिलेगा फीफा विश्व कप का पूरा शुल्क

सोमाली रेफरी उमर अर्टन को अमेरिका में प्रवेश न मिलने के बावजूद फीफा उनके विश्व कप शुल्क का पूरा भुगतान करेगा। सुरक्षा जांच के बाद उन्हें अयोग्य घोषित कर दिया गया था।

फीफा (FIFA) ने एक महत्वपूर्ण निर्णय लेते हुए पुष्टि की है कि सोमाली रेफरी उमर अर्टन को उनके विश्व कप शुल्क का पूरा भुगतान किया जाएगा, भले ही उन्हें संयुक्त राज्य अमेरिका में प्रवेश देने से मना कर दिया गया हो। अर्टन, जिन्हें विश्व फुटबॉल के उभरते हुए सितारों में गिना जाता है, को टूर्नामेंट के लिए आधिकारिक पैनल में चुना गया था, लेकिन अमेरिकी आव्रजन अधिकारियों ने सुरक्षा जांच (vetting) के बाद उन्हें देश में प्रवेश देने से इनकार कर दिया। फीफा के एक प्रवक्ता ने स्पष्ट किया है कि संगठन व्यक्तिगत देशों की आव्रजन नीतियों और प्रक्रियाओं में हस्तक्षेप नहीं करता है। हालांकि, अर्टन की व्यावसायिक योग्यता और उनकी चयन प्रक्रिया को देखते हुए, संस्था ने उन्हें उनके अनुबंध के अनुसार पूरी राशि देने का निर्णय लिया है। यह निर्णय खेल जगत में चर्चा का विषय बना हुआ है, विशेष रूप से उन अंतरराष्ट्रीय अधिकारियों के लिए जो कड़े वीजा नियमों वाले देशों में आयोजनों के लिए जाते हैं। भारतीय-ऑस्ट्रेलियाई समुदाय के खेल प्रेमियों के लिए यह खबर महत्वपूर्ण है क्योंकि ऑस्ट्रेलिया और भारत जैसे देशों के कई नागरिक और पेशेवर अक्सर अमेरिका में वीजा जटिलताओं का सामना करते हैं। अंतरराष्ट्रीय खेल आयोजनों में इस तरह की बाधाएं प्रतिभाओं के प्रदर्शन पर असर डालती हैं। अर्टन के मामले में, सुरक्षा चिंताओं के विशिष्ट कारणों का खुलासा नहीं किया गया है, लेकिन उन्हें 'अस्वीकार्य' श्रेणी में रखा गया था। दिलचस्प बात यह है कि जहां अमेरिका ने उन पर प्रतिबंध लगाया है, वहीं यूरोपीय फुटबॉल संघ (UEFA) ने उनकी क्षमताओं पर पूरा भरोसा जताया है। यूईएफए ने हाल ही में उन्हें प्रतिष्ठित 'सुपर कप' के लिए रेफरी नियुक्त किया है, जो उनकी व्यावसायिक साख को और पुख्ता करता है। यह विरोधाभास दिखाता है कि कैसे अंतरराष्ट्रीय खेल और राष्ट्रीय सुरक्षा नीतियां अक्सर एक-दूसरे के विपरीत खड़ी हो सकती हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि फीफा का यह कदम अन्य रेफरी और अधिकारियों को एक सुरक्षात्मक संदेश देता है। यह सुनिश्चित करता है कि राजनीतिक या प्रशासनिक बाधाओं के कारण किसी पेशेवर का आर्थिक नुकसान न हो। खेल जगत अब इस बात पर नजर रख रहा है कि क्या भविष्य में फीफा और अन्य वैश्विक खेल निकाय मेजबान देशों के साथ वीजा प्रक्रियाओं को सरल बनाने के लिए कोई विशेष समझौता करेंगे, ताकि भविष्य में इस तरह की स्थितियों से बचा जा सके।
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