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ओडिशा में भारी बारिश का कहर: बारीपदा-बाँगीरिपोषी रेल पटरी के नीचे की मिट्टी बही, सेवाएं निलंबित
ICN24 Newsroom 17 अग॰ 2026, 08:37 pm

ओडिशा के मयूरभंज जिले में भारी बारिश के कारण भूस्खलन हुआ, जिससे बारीपदा-बाँगीरिपोषी मार्ग पर रेल पटरियों के नीचे की मिट्टी बह गई है। सुरक्षा कारणों से रेल सेवाएं रोक दी गई हैं।
ओडिशा के मयूरभंज जिले में प्रकृति का प्रकोप देखने को मिला है, जहाँ पिछले कुछ दिनों से हो रही मूसलाधार बारिश ने रेल परिचालन को बुरी तरह प्रभावित किया है। सोमवार को अधिकारियों ने जानकारी दी कि भारी बारिश के कारण बारीपदा और बाँगीरिपोषी के बीच रेल पटरी के नीचे की मिट्टी बह गई है। इस घटना के बाद सुरक्षा की दृष्टि से दक्षिण पूर्व रेलवे ने इस मार्ग पर ट्रेन सेवाओं को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है।
प्रारंभिक रिपोर्टों के अनुसार, लगातार हो रही बारिश की वजह से क्षेत्र में एक छोटा भूस्खलन हुआ, जिसके परिणामस्वरूप रेल लाइन को आधार देने वाली मिट्टी और गिट्टी (बैलास्ट) बह गई। यह घटना रेल खंड के एक महत्वपूर्ण हिस्से में हुई, जिससे पटरियों के नीचे बड़ा गड्ढा बन गया है। रेलवे विशेषज्ञों का कहना है कि ऐसी स्थिति में ट्रेन चलाना किसी बड़े हादसे को न्योता देने जैसा होता, इसलिए एहतियातन परिचालन रोकना ही एकमात्र विकल्प था।
मयूरभंज जिला प्रशासन और रेलवे की तकनीकी टीमें मौके पर पहुँच गई हैं। हालांकि, क्षेत्र में रुक-रुक कर हो रही बारिश के कारण मरम्मत और बहाली के काम में बाधा आ रही है। रेलवे के एक प्रवक्ता ने बताया कि जब तक बारिश की तीव्रता कम नहीं होती और मिट्टी की स्थिरता की जांच नहीं कर ली जाती, तब तक पटरियों को ठीक करने का काम पूरी गति से शुरू करना चुनौतीपूर्ण है। यात्रियों की सुरक्षा हमारी सर्वोच्च प्राथमिकता है और ट्रैक के पूरी तरह सुरक्षित होने के बाद ही सेवाओं को फिर से शुरू किया जाएगा।
इस रेल मार्ग के बंद होने से स्थानीय यात्रियों और व्यापारियों को काफी कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है। बारीपदा-बाँगीरिपोषी रूट मयूरभंज जिले की जीवन रेखा माना जाता है, जो ग्रामीण क्षेत्रों को शहरी केंद्रों से जोड़ता है। सेवाओं के अचानक बंद होने से दैनिक यात्रियों को अब सड़क मार्ग का सहारा लेना पड़ रहा है, जो बारिश के कारण पहले से ही चुनौतीपूर्ण बना हुआ है। ऑस्ट्रेलिया में बसे भारतीय समुदाय के लोग, जिनके परिवार ओडिशा में रहते हैं, अक्सर इस तरह की बुनियादी ढांचे से जुड़ी समस्याओं को लेकर चिंतित रहते हैं। विशेष रूप से मानसून के दौरान, भारत यात्रा पर जाने वाले प्रवासियों के लिए रेल सुरक्षा एक प्रमुख चिंता का विषय बनी रहती है।
ओडिशा में मानसून के दौरान बुनियादी ढांचे का प्रभावित होना कोई नई बात नहीं है, लेकिन हाल के वर्षों में जलवायु परिवर्तन के कारण भारी बारिश की घटनाओं में वृद्धि हुई है। रेलवे विभाग अब ऐसे संवेदनशील इलाकों की पहचान कर रहा है जहाँ भूस्खलन की संभावना अधिक है। फिलहाल, यात्रियों को सलाह दी गई है कि वे अपनी यात्रा की योजना बनाने से पहले रेलवे के हेल्पलाइन नंबरों या आधिकारिक ऐप के माध्यम से ट्रेन की स्थिति की जांच कर लें। प्रशासन ने आश्वासन दिया है कि जैसे ही मौसम अनुकूल होगा, युद्ध स्तर पर काम शुरू कर ट्रैक को बहाल कर दिया जाएगा।
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