राजनीति
जनदर्शन में कलेक्टर लंगेह ने सुनीं जनता की समस्याएं, अधिकारियों को दिए त्वरित निराकरण के निर्देश
ICN24 Newsroom 1 जुल॰ 2026, 06:26 am

कलेक्टर संदीप लंगेह ने जनदर्शन कार्यक्रम के दौरान नागरिकों की विभिन्न समस्याओं को सुना और अधिकारियों को समय सीमा के भीतर उनके समाधान के कड़े निर्देश दिए।
प्रशासनिक पारदर्शिता और आम जनता की समस्याओं के त्वरित समाधान की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम उठाते हुए, जिला कलेक्टर संदीप लंगेह ने साप्ताहिक 'जनदर्शन' कार्यक्रम के माध्यम से नागरिकों की शिकायतों की सुनवाई की। इस कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य सरकारी योजनाओं का लाभ समाज के अंतिम व्यक्ति तक पहुँचाना और प्रशासनिक बाधाओं को दूर करना है। कलेक्ट्रेट परिसर में आयोजित इस बैठक में जिले के विभिन्न दूरदराज के क्षेत्रों से आए ग्रामीणों और शहरी निवासियों ने अपनी व्यथा कलेक्टर के समक्ष रखी।
सुनवाई के दौरान शिक्षा, स्वास्थ्य, राजस्व, और पेंशन योजनाओं से संबंधित बड़ी संख्या में आवेदन प्राप्त हुए। कलेक्टर लंगेह ने एक-एक कर आवेदकों से मुलाकात की और उनकी समस्याओं को धैर्यपूर्वक सुना। कई मामलों में, उन्होंने मौके पर मौजूद संबंधित विभाग के अधिकारियों को तत्काल कार्रवाई करने के निर्देश दिए। विशेष रूप से, प्रधानमंत्री आवास योजना, राशन कार्ड संशोधन और भूमि विवाद से जुड़े मामलों पर कलेक्टर ने कड़ा रुख अपनाते हुए कहा कि जनता को अपने जायज काम के लिए सरकारी दफ्तरों के बार-बार चक्कर नहीं काटने चाहिए।
जनदर्शन कार्यक्रम के दौरान कलेक्टर ने अधिकारियों को स्पष्ट शब्दों में हिदायत दी कि किसी भी आवेदन को अनावश्यक रूप से लंबित न रखा जाए। उन्होंने कहा, "जनदर्शन केवल आवेदन जमा करने का जरिया नहीं है, बल्कि यह सुनिश्चित करने का माध्यम है कि लोगों की समस्याओं का समाधान समय-सीमा के भीतर हो। यदि किसी स्तर पर लापरवाही पाई गई, तो संबंधित अधिकारी के विरुद्ध दंडात्मक कार्रवाई की जाएगी।" उन्होंने राजस्व अधिकारियों को निर्देशित किया कि सीमांकन और नामांतरण जैसे संवेदनशील मामलों को प्राथमिकता के आधार पर हल किया जाए ताकि किसानों को राहत मिल सके।
भारतीय-ऑस्ट्रेलियाई समुदाय के लिए यह खबर प्रशासनिक जवाबदेही का एक उदाहरण पेश करती है। ऑस्ट्रेलिया में बसे कई अनिवासी भारतीयों (NRIs) के परिवार अभी भी भारत के ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों में रहते हैं, और वे अक्सर संपत्ति या पेंशन जैसे मुद्दों के लिए स्थानीय प्रशासन पर निर्भर होते हैं। कलेक्टर द्वारा इस तरह की प्रत्यक्ष जनसुनवाई से प्रशासन में जनता का विश्वास बढ़ता है और भ्रष्टाचार की गुंजाइश कम होती है।
अंत में, कलेक्टर लंगेह ने समाज कल्याण विभाग को निर्देशित किया कि वे दिव्यांगों और बुजुर्गों के लिए संचालित योजनाओं की समीक्षा करें ताकि कोई भी पात्र व्यक्ति लाभ से वंचित न रहे। जिला प्रशासन की इस पहल की सराहना करते हुए स्थानीय निवासियों ने उम्मीद जताई है कि आने वाले समय में फाइलों के निस्तारण की गति और तेज होगी। जनदर्शन में प्राप्त आवेदनों की ऑनलाइन ट्रैकिंग भी की जा रही है ताकि पारदर्शिता बनी रहे।
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