राजनीति
पंजाब की राजनीति में बड़ा फेरबदल: बाघापुराना में शिअद (पुनर्जीवित) के वरिष्ठ नेता 'वारिस पंजाब दे' में हुए शामिल
ICN24 Newsroom 9 अग॰ 2026, 02:37 am

मोगा के बाघापुराना में शिरोमणि अकाली दल (पुनर्जीवित) को उस समय बड़ा झटका लगा जब उसके कई वरिष्ठ नेता 'वारिस पंजाब दे' में शामिल हो गए।
पंजाब के राजनीतिक गलियारों में एक बार फिर बड़ी हलचल देखी जा रही है। मोगा जिले के बाघापुराना विधानसभा क्षेत्र में शिरोमणि अकाली दल (पुनर्जीवित) को उस समय एक बड़ा झटका लगा, जब पार्टी के कई वरिष्ठ और सक्रिय नेता शनिवार को एक विशेष कार्यक्रम के दौरान 'वारिस पंजाब दे' संगठन में शामिल हो गए। इस घटनाक्रम ने क्षेत्र के पुराने राजनीतिक समीकरणों को बदल कर रख दिया है।
बाघापुराना में आयोजित इस कार्यक्रम में भारी संख्या में समर्थकों और कार्यकर्ताओं की भीड़ जुटी। इस शक्ति प्रदर्शन के दौरान नेताओं ने औपचारिक रूप से अपनी पुरानी पार्टी का साथ छोड़कर नए संगठन का दामन थामा। जानकारों का मानना है कि मोगा जिले में अकाली दल के विभिन्न गुटों के बीच जारी आंतरिक कलह और नेतृत्व के संकट ने जमीनी स्तर के नेताओं को वैकल्पिक रास्तों की तलाश करने पर मजबूर किया है।
'वारिस पंजाब दे' के लिए यह विस्तार एक महत्वपूर्ण जीत मानी जा रही है, क्योंकि बाघापुराना जैसे क्षेत्रों में इन वरिष्ठ नेताओं की अपनी मजबूत पकड़ है। यह संगठन पिछले कुछ समय से पंजाब के युवाओं और ग्रामीण मतदाताओं के बीच अपनी पैठ बनाने की कोशिश कर रहा है। शामिल होने वाले नेताओं का कहना है कि वे पंजाब के ज्वलंत मुद्दों और सिख हितों की रक्षा के लिए इस नए मंच को अधिक सक्षम पाते हैं।
इस राजनीतिक बदलाव का असर न केवल स्थानीय स्तर पर, बल्कि सात समंदर पार ऑस्ट्रेलिया में रह रहे भारतीय समुदाय, विशेषकर पंजाबी प्रवासियों पर भी पड़ता दिख रहा है। ऑस्ट्रेलिया के सिडनी, मेलबर्न और पर्थ जैसे शहरों में रहने वाले पंजाबी मूल के भारतीय अक्सर पंजाब की जमीनी राजनीति से गहरे जुड़े रहते हैं। मोगा और मालवा क्षेत्र से बड़ी संख्या में लोग ऑस्ट्रेलिया में बसे हुए हैं, जो अपने पैतृक स्थानों की राजनीतिक स्थिरता और विकास को लेकर खासे चिंतित रहते हैं। सिडनी स्थित पंजाबी समुदाय के जानकारों का कहना है कि इस तरह के दलबदल से यह संकेत मिलता है कि पारंपरिक दलों के प्रति जनता और स्थानीय नेताओं का मोहभंग हो रहा है।
फिलहाल, शिरोमणि अकाली दल (पुनर्जीवित) की ओर से इस सामूहिक इस्तीफे पर कोई बड़ी आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं आई है। हालांकि, यह स्पष्ट है कि बाघापुराना में पार्टी का संगठनात्मक ढांचा अब कमजोर पड़ गया है। आने वाले दिनों में यह देखना दिलचस्प होगा कि क्या यह लहर पंजाब के अन्य जिलों में भी फैलती है या पारंपरिक दल अपनी साख बचाने में कामयाब रहते हैं।
संबंधित ख़बरें

राजनीति
PM मोदी से राघव चड्ढा की मुलाकात: पंजाब में 'बड़ी भूमिका' की आहट, सियासी गलियारों में हलचल तेज
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और राघव चड्ढा की अचानक हुई मुलाकात ने पंजाब की राजनीति में नए समीकरणों की चर्चा छेड़ दी है। चुनावी राज्य में इसे एक बड़े बदलाव के संकेत के रूप में देखा जा रहा है।
9 अग॰ 2026, 03:39 am

राजनीति
झारखंड में बढ़ा उबाल: 15 दिनों से भूख हड़ताल पर देवेंद्र नाथ महतो, JPSC-JSSC भर्ती धांधली के खिलाफ छात्रों का महाआंदोलन उग्र
झारखंड में प्रतियोगी परीक्षाओं में धांधली के विरोध में छात्र नेता देवेंद्र नाथ महतो की भूख हड़ताल 15वें दिन भी जारी है। छात्रों ने सरकार के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है।
9 अग॰ 2026, 03:37 am

राजनीति
विदेश राज्य मंत्री कीर्ति वर्धन सिंह ने कोटे डी आइवर में भारतीय समुदाय से की मुलाकात; द्विपक्षीय संबंधों को दी मजबूती
विदेश राज्य मंत्री कीर्ति वर्धन सिंह ने कोटे डी आइवर की अपनी यात्रा के दौरान भारतीय प्रवासियों से संवाद किया और देश के 66वें स्वतंत्रता दिवस समारोह में शिरकत की।
9 अग॰ 2026, 02:38 am
