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फुकेत एयरपोर्ट पर ई-गेट्स की शुरुआत: अंतरराष्ट्रीय यात्रियों को अब इमिग्रेशन में मिलेगी बड़ी राहत

ICN24 Newsroom 15 जून 2026, 01:01 pm
फुकेत एयरपोर्ट पर ई-गेट्स की शुरुआत: अंतरराष्ट्रीय यात्रियों को अब इमिग्रेशन में मिलेगी बड़ी राहत

फुकेत अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे ने भीड़ कम करने के लिए ऑटोमेटेड इमिग्रेशन गेट्स शुरू किए हैं, जिससे पर्यटकों का समय बचेगा।

थाईलैंड के सबसे व्यस्त पर्यटन केंद्रों में से एक, फुकेत अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे ने अंतरराष्ट्रीय यात्रियों के लिए अपनी तरह की पहली 'ऑटोमेटेड इमिग्रेशन गेट' (ई-गेट्स) सेवा शुरू की है। इस नई पहल का उद्देश्य इमिग्रेशन की लंबी कतारों को कम करना और यात्रियों के आगमन अनुभव को बेहतर बनाना है। यह कदम ऐसे समय में आया है जब थाईलैंड में अंतरराष्ट्रीय पर्यटकों की संख्या में भारी उछाल देखा जा रहा है। हवाई अड्डा प्रशासन के अनुसार, इन ई-गेट्स की संख्या को वर्तमान से बढ़ाकर 21 करने की योजना है। यह तकनीक ई-पासपोर्ट धारक यात्रियों को मैन्युअल जांच के बजाय मशीन के जरिए खुद को प्रमाणित करने की सुविधा देती है। इससे एक यात्री के इमिग्रेशन में लगने वाला समय काफी कम हो जाएगा, जिससे पीक आवर्स के दौरान होने वाली भीड़भाड़ से राहत मिलेगी। ऑस्ट्रेलिया में रहने वाले भारतीय समुदाय के लिए यह खबर विशेष महत्व रखती है। थाईलैंड, विशेष रूप से फुकेत, ऑस्ट्रेलियाई-भारतीयों के लिए एक पसंदीदा हॉलिडे डेस्टिनेशन है क्योंकि यह ऑस्ट्रेलिया और भारत के बीच एक प्रमुख ट्रांजिट पॉइंट भी है। कई परिवार ऑस्ट्रेलिया से भारत जाते समय या छुट्टियां मनाने के लिए फुकेत को चुनते हैं। अब नई इमिग्रेशन प्रणाली के साथ, यात्रियों को हवाई अड्डे पर लगने वाले घंटों के बजाय चंद मिनटों में क्लियरेंस मिल सकेगी। प्रारंभिक चरण में यह सुविधा कुछ विशिष्ट देशों के ई-पासपोर्ट धारकों के लिए उपलब्ध कराई गई है। हालांकि, अधिकारियों ने संकेत दिया है कि भविष्य में इसका दायरा बढ़ाया जा सकता है। थाईलैंड सरकार का लक्ष्य अपने प्रमुख हवाई अड्डों को आधुनिक तकनीक से लैस करना है ताकि पर्यटन उद्योग को और बढ़ावा दिया जा सके। फुकेत हवाई अड्डे पर भीड़ प्रबंधन एक बड़ी चुनौती रही है, और यह डिजिटल समाधान उस दिशा में एक बड़ा सुधार माना जा रहा है। पर्यटन विशेषज्ञों का मानना है कि ई-गेट्स के शुरू होने से न केवल यात्रियों को सुविधा होगी, बल्कि हवाई अड्डे की सुरक्षा व्यवस्था भी अधिक सटीक और तेज होगी। ऑस्ट्रेलिया से आने वाली उड़ानों की आवृत्ति को देखते हुए, सिडनी, मेलबर्न और पर्थ से यात्रा करने वाले भारतीय मूल के यात्रियों को इस बदलाव से सीधा लाभ मिलेगा, जिससे उनकी थाईलैंड यात्रा अधिक सुगम हो जाएगी।
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