लाइव
विज्ञापन
Demo Interstitial - Migration Consultancy
ब्रेकिंग न्यूज़
ब्रेकिंग न्यूज़ब्रेकिंग

पंकज बेक कस्टोडियल डेथ मामला: 7 साल बाद फिर शुरू होगी जांच, अदालत ने दिए सीबीआई जांच के भी संकेत

ICN24 Newsroom 1 जुल॰ 2026, 02:25 am
पंकज बेक कस्टोडियल डेथ मामला: 7 साल बाद फिर शुरू होगी जांच, अदालत ने दिए सीबीआई जांच के भी संकेत

छत्तीसगढ़ की अंबिकापुर अदालत ने 2017 के पंकज बेक कस्टोडियल डेथ मामले में दोबारा जांच के आदेश दिए हैं और संतोषजनक प्रगति न होने पर मामला सीबीआई को सौंपने को कहा है।

छत्तीसगढ़ के सरगुजा जिले से न्याय व्यवस्था और पुलिस जवाबदेही को लेकर एक बड़ी खबर सामने आई है। अंबिकापुर की एक स्थानीय अदालत ने सात साल पुराने 'पंकज बेक कस्टोडियल डेथ' मामले में दोबारा जांच (re-investigation) के आदेश दिए हैं। सप्तम अपर सत्र न्यायाधीश ने इस मामले की पिछली जांच में पाई गई खामियों पर सख्त रुख अपनाते हुए स्पष्ट किया है कि यदि वर्तमान जांच में किसी भी तरह की बाधा आती है या इसमें कोताही बरती जाती है, तो मामले को तत्काल केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (CBI) को सौंप दिया जाए। यह मामला साल 2017 का है, जब पंकज बेक नामक व्यक्ति की पुलिस हिरासत में संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई थी। पुलिस प्रशासन ने उस समय इसे आत्महत्या या प्राकृतिक कारणों से जोड़ने की कोशिश की थी, लेकिन मृतक के परिजनों ने गंभीर आरोप लगाते हुए इसे पुलिस प्रताड़ना और हत्या का मामला बताया था। परिजनों का तर्क था कि हिरासत के दौरान पंकज के साथ मारपीट की गई, जिससे उसकी जान चली गई। पिछले सात वर्षों से यह मामला कानूनी दांव-पेंचों में उलझा हुआ था, लेकिन अब अदालत के इस नए आदेश ने न्याय की उम्मीद जगा दी है। न्यायालय ने अपने आदेश में विशेष रूप से महानिरीक्षक (IG) को निर्देशित किया है कि वे इस पूरी जांच की निगरानी करें। अदालत ने टिप्पणी की कि पिछले विवेचना में कई महत्वपूर्ण पहलुओं को नजरअंदाज किया गया, जिसके कारण सच्चाई सामने नहीं आ सकी। न्यायाधीश ने यह भी कहा कि यदि विवेचना में कोई कमी पाई जाती है या स्थानीय स्तर पर जांच को प्रभावित करने की कोशिश होती है, तो पुलिस महानिरीक्षक को मामले की जिम्मेदारी सीबीआई को सौंपने के लिए स्वतंत्र होना चाहिए। भारत में पुलिस हिरासत में होने वाली मौतें (custodial deaths) हमेशा से मानवाधिकार कार्यकर्ताओं और अंतरराष्ट्रीय संगठनों के लिए चिंता का विषय रही हैं। ऑस्ट्रेलिया में रहने वाले भारतीय समुदाय के लिए भी यह समाचार महत्वपूर्ण है, क्योंकि प्रवासी भारतीय अक्सर भारत में मानवाधिकारों की स्थिति और न्यायिक सुधारों पर पैनी नजर रखते हैं। इस तरह के अदालती आदेश यह दर्शाते हैं कि भारतीय न्यायपालिका अभी भी कानून के शासन और व्यक्तिगत स्वतंत्रता को सर्वोपरि मानती है। इस मामले में दोबारा जांच शुरू होने से न केवल पंकज बेक के परिवार को इंसाफ मिलने की संभावना बढ़ी है, बल्कि उन पुलिस अधिकारियों की मुश्किलें भी बढ़ सकती हैं जो उस समय ड्यूटी पर तैनात थे। मानवाधिकार संगठनों ने इस आदेश का स्वागत करते हुए कहा है कि इससे वर्दी की आड़ में अपराध करने वाले तत्वों में भय पैदा होगा। अब सभी की निगाहें राज्य पुलिस और आईजी पर टिकी हैं कि वे इस मामले में कितनी पारदर्शिता और तेजी से जांच प्रक्रिया को आगे बढ़ाते हैं।
शेयर:
Adunexa
AdDemo Interstitial #2

संबंधित ख़बरें

सामंथा रुथ प्रभु ने फ्लॉन्ट किया अपना 'बेबी बंप', मातृत्व अवकाश पर जाने की घोषणा की
ब्रेकिंगब्रेकिंग

सामंथा रुथ प्रभु ने फ्लॉन्ट किया अपना 'बेबी बंप', मातृत्व अवकाश पर जाने की घोषणा की

अभिनेत्री सामंथा रुथ प्रभु ने इंस्टाग्राम पर अपने बेबी बंप की तस्वीर साझा की है और अपने प्रशंसकों को जल्द ही मातृत्व अवकाश पर जाने की जानकारी दी है।

1 जुल॰ 2026, 04:55 am
1 जुलाई, 2026 की मुख्य समाचार सुर्खियां: अयोध्या जांच, अंबाला रेस्क्यू और भारत-अमेरिका व्यापार समझौता
ब्रेकिंगब्रेकिंग

1 जुलाई, 2026 की मुख्य समाचार सुर्खियां: अयोध्या जांच, अंबाला रेस्क्यू और भारत-अमेरिका व्यापार समझौता

जुलाई की शुरुआत महत्वपूर्ण राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय खबरों के साथ हुई है, जिसमें अयोध्या मंदिर जांच और भारत-अमेरिका व्यापार सौदा प्रमुख हैं।

1 जुल॰ 2026, 04:41 am
PM मोदी और ईरानी राष्ट्रपति मसूद पेजेश्कियन की बातचीत; पश्चिम एशिया के तनावपूर्ण हालातों पर जताई गंभीर चिंता
ब्रेकिंगब्रेकिंग

PM मोदी और ईरानी राष्ट्रपति मसूद पेजेश्कियन की बातचीत; पश्चिम एशिया के तनावपूर्ण हालातों पर जताई गंभीर चिंता

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने ईरानी राष्ट्रपति मसूद पेजेश्कियन से फोन पर बात कर पश्चिम एशिया के ताजा घटनाक्रम और क्षेत्रीय शांति पर चर्चा की।

1 जुल॰ 2026, 04:25 am