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एआईएडीएमके के प्रदर्शन की समीक्षा करेंगे पलानीस्वामी, सात जिलों के नेताओं के साथ होगी अहम बैठक

ICN24 Newsroom 11 जुल॰ 2026, 07:31 am
एआईएडीएमके के प्रदर्शन की समीक्षा करेंगे पलानीस्वामी, सात जिलों के नेताओं के साथ होगी अहम बैठक

एआईएडीएमके महासचिव एडप्पादी के. पलानीस्वामी सात जिलों में पार्टी के चुनावी प्रदर्शन का विश्लेषण करने के लिए समीक्षा बैठकें शुरू करेंगे।

तमिलनाडु की प्रमुख विपक्षी पार्टी एआईएडीएमके (AIADMK) के महासचिव एडप्पादी के. पलानीस्वामी ने पार्टी की हालिया चुनावी गिरावट के बाद अब जमीनी स्तर पर संगठन को मजबूत करने की कवायद शुरू कर दी है। पलानीस्वामी आगामी दिनों में तमिलनाडु के सात प्रमुख जिलों के पार्टी पदाधिकारियों के साथ विस्तृत समीक्षा बैठकें करेंगे। इन बैठकों का मुख्य उद्देश्य हाल के चुनावों में पार्टी के निराशाजनक प्रदर्शन के कारणों की पहचान करना और कार्यकर्ताओं के मनोबल को फिर से बढ़ाना है। पार्टी सूत्रों के अनुसार, यह समीक्षा बैठकें चेन्नई स्थित पार्टी मुख्यालय और संबंधित जिला केंद्रों पर आयोजित की जाएंगी। पलानीस्वामी प्रत्येक जिले के सचिवों, विधायकों और पूर्व मंत्रियों के साथ आमने-सामने चर्चा करेंगे। इस दौरान बूथ स्तर की कमियों, गठबंधन के समीकरणों और स्थानीय स्तर पर सत्ताधारी द्रमुक (DMK) के प्रभाव का मुकाबला करने में रही विफलताओं पर गहराई से विचार-विमर्श किया जाएगा। हाल के लोकसभा चुनावों में एआईएडीएमके को एक भी सीट हासिल नहीं हुई, जो पार्टी के लिए एक बड़ा झटका माना जा रहा है। विशेष रूप से पश्चिमी और दक्षिणी तमिलनाडु में, जहां पार्टी पारंपरिक रूप से मजबूत रही है, वहां भी वोट बैंक में सेंध लगी है। ओ. पनीरसेल्वम (OPS) के निष्कासन के बाद पार्टी की आंतरिक एकता और टीटीवी दिनाकरण की पार्टी एएमएमके (AMMK) द्वारा वोट काटे जाने जैसे मुद्दों पर भी इन बैठकों में चर्चा होने की संभावना है। ऑस्ट्रेलिया में बसे भारतीय समुदाय, विशेष रूप से तमिल प्रवासियों के लिए तमिलनाडु की राजनीति हमेशा से चर्चा का विषय रही है। सिडनी, मेलबर्न और ब्रिस्बेन जैसे शहरों में रहने वाले तमिल मूल के ऑस्ट्रेलियाई नागरिक राज्य के विकास और राजनीतिक स्थिरता पर गहरी नजर रखते हैं। एआईएडीएमके के भीतर चल रही यह हलचल न केवल तमिलनाडु के भविष्य की राजनीति को तय करेगी, बल्कि 2026 के विधानसभा चुनावों के लिए विपक्ष की रणनीति को भी स्पष्ट करेगी। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि पलानीस्वामी के लिए यह अग्निपरीक्षा जैसा है। उन्हें न केवल पार्टी कैडर को एकजुट करना है, बल्कि जनता के बीच यह संदेश भी देना है कि एआईएडीएमके अभी भी द्रमुक का मुख्य विकल्प बनी हुई है। इन सात जिलों की समीक्षा के बाद, पलानीस्वामी राज्यव्यापी दौरे की योजना भी बना सकते हैं ताकि पार्टी को जमीनी स्तर पर फिर से सक्रिय किया जा सके।
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