लाइव
राजनीति
राजनीति

'ऑपरेशन टाइगर' की नई तस्वीरें आई सामने: बागी सांसदों की स्पीकर ओम बिरला से दिल्ली में मुलाकात पर मचा बवाल

ICN24 Newsroom 12 जुल॰ 2026, 03:31 am
'ऑपरेशन टाइगर' की नई तस्वीरें आई सामने: बागी सांसदों की स्पीकर ओम बिरला से दिल्ली में मुलाकात पर मचा बवाल

महाराष्ट्र की राजनीति में 'ऑपरेशन टाइगर' के नए वीडियो सामने आने के बाद हलचल तेज हो गई है, जिसमें बागी सांसद स्पीकर ओम बिरला से मिलते दिख रहे हैं।

महाराष्ट्र के राजनीतिक इतिहास के सबसे बड़े घटनाक्रमों में से एक, शिवसेना का विभाजन, एक बार फिर चर्चा के केंद्र में है। हाल ही में 'ऑपरेशन टाइगर' से जुड़ी कुछ नई तस्वीरें और वीडियो फुटेज सोशल मीडिया और समाचार गलियारों में सामने आए हैं। इन दृश्यों में तत्कालीन अविभाजित शिवसेना के वे बागी सांसद नजर आ रहे हैं, जिन्होंने बाद में एकनाथ शिंदे के नेतृत्व वाले गुट का दामन थाम लिया था। वीडियो में इन सांसदों को नई दिल्ली में लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला के साथ मुलाकात करते हुए देखा जा सकता है। यह घटनाक्रम इसलिए महत्वपूर्ण माना जा रहा है क्योंकि यह उस समय की याद दिलाता है जब महाराष्ट्र की महा विकास अघाड़ी (MVA) सरकार गिरने की कगार पर थी। विपक्ष, विशेष रूप से उद्धव ठाकरे के नेतृत्व वाला गुट, लंबे समय से यह आरोप लगाता रहा है कि यह पूरी प्रक्रिया पूरी तरह से सुनियोजित थी और इसमें केंद्र सरकार के साथ-साथ संवैधानिक पदों पर बैठे व्यक्तियों की भी भूमिका थी। हालांकि, एकनाथ शिंदे गुट ने हमेशा इन दावों का खंडन किया है और इसे पार्टी के भीतर एक 'स्वाभाविक विद्रोह' करार दिया है। लोकसभा अध्यक्ष के साथ सांसदों की इस बैठक को लेकर अब नए सवाल खड़े हो रहे हैं। आलोचकों का तर्क है कि जिस समय यह मुलाकात हुई, उस समय दलबदल विरोधी कानून और सांसदों की पात्रता को लेकर अनिश्चितता बनी हुई थी। ऐसे में स्पीकर के साथ बागी गुट की सीधी मुलाकात संवैधानिक नैतिकता पर सवाल उठाती है। दूसरी ओर, सत्ताधारी गठबंधन का कहना है कि सांसदों का स्पीकर से मिलना एक सामान्य संसदीय प्रक्रिया है और इसे किसी साजिश के चश्मे से नहीं देखा जाना चाहिए। ऑस्ट्रेलिया में रहने वाले भारतीय समुदाय, विशेष रूप से महाराष्ट्र से ताल्लुक रखने वाले प्रवासियों के लिए यह खबर काफी अहमियत रखती है। सिडनी, मेलबर्न और पर्थ जैसे शहरों में रहने वाले मराठी भाषी लोग महाराष्ट्र की स्थिरता और वहां के विकास कार्यों पर बारीकी से नजर रखते हैं। भारत में होने वाली राजनीतिक उठापटक अक्सर प्रवासी समुदायों के बीच चर्चा का विषय बनती है, क्योंकि यह सीधे तौर पर राज्य में निवेश और अंतरराष्ट्रीय सहयोग को प्रभावित करती है। आने वाले दिनों में यह मुद्दा संसद और सुप्रीम कोर्ट के गलियारों में फिर से गूंज सकता है। उद्धव ठाकरे गुट इन नए साक्ष्यों का उपयोग अपनी कानूनी लड़ाई को और मजबूत करने के लिए कर सकता है। वहीं, शिंदे सेना इस मामले को खारिज करते हुए आगामी विधानसभा चुनावों की तैयारियों में जुटी है। 'ऑपरेशन टाइगर' की ये नई परतें महाराष्ट्र की राजनीति में नए समीकरण पैदा कर सकती हैं, जिससे आगामी महीनों में राज्य का सियासी पारा चढ़ना तय है।
शेयर:

संबंधित ख़बरें

जम्मू-कश्मीर शिक्षा विभाग में बड़ा प्रशासनिक फेरबदल: सैकड़ों मास्टर्स को मिला हेडमास्टर का पदभार
राजनीति

जम्मू-कश्मीर शिक्षा विभाग में बड़ा प्रशासनिक फेरबदल: सैकड़ों मास्टर्स को मिला हेडमास्टर का पदभार

जम्मू-कश्मीर सरकार ने स्कूली शिक्षा व्यवस्था को मजबूत करने के लिए सैकड़ों मास्टर्स को हेडमास्टर के पद पर पदोन्नत किया है, जिससे प्रशासनिक स्तर पर बड़ा सुधार होगा।

12 जुल॰ 2026, 05:31 am
तमिलनाडु के उपमुख्यमंत्री उदयनिधि स्टालिन बेटे के दीक्षांत समारोह में शामिल होने लंदन रवाना
राजनीति

तमिलनाडु के उपमुख्यमंत्री उदयनिधि स्टालिन बेटे के दीक्षांत समारोह में शामिल होने लंदन रवाना

तमिलनाडु के उपमुख्यमंत्री उदयनिधि स्टालिन अपने बेटे इनबनिधि के दीक्षांत समारोह में शामिल होने के लिए लंदन के निजी दौरे पर रवाना हुए हैं।

12 जुल॰ 2026, 04:31 am
दादरा और नगर हवेली: मतदाता सूची में बड़ा फेरबदल, वेरिफिकेशन के बाद 30% वोटर्स का नाम कटने की संभावना
राजनीति

दादरा और नगर हवेली: मतदाता सूची में बड़ा फेरबदल, वेरिफिकेशन के बाद 30% वोटर्स का नाम कटने की संभावना

केंद्र शासित प्रदेश दादरा और नगर हवेली और दमन-दीव में मतदाता सूची के सत्यापन (SIR) के दौरान चौंकाने वाले आंकड़े सामने आए हैं, जहाँ 4.28 लाख में से केवल 3.01 लाख मतदाताओं ने ही फॉर्म भरे हैं।

12 जुल॰ 2026, 02:31 am