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IAS प्रशिक्षुओं को ओम बिरला का संदेश: जनता का अटूट विश्वास ही शासन की असली शक्ति

ICN24 Newsroom 11 जून 2026, 11:00 am
IAS प्रशिक्षुओं को ओम बिरला का संदेश: जनता का अटूट विश्वास ही शासन की असली शक्ति

लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने 2024 बैच के आईएएस अधिकारियों को ईमानदारी और सेवा भाव से काम करने की सलाह दी है।

नई दिल्ली: लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने भारतीय प्रशासनिक सेवा (IAS) के 2024 बैच के प्रशिक्षु अधिकारियों को संबोधित करते हुए सुशासन और जवाबदेही का मंत्र दिया। संसद भवन परिसर में आयोजित एक संवाद सत्र के दौरान उन्होंने जोर देकर कहा कि एक लोक सेवक के लिए जनता का भरोसा सबसे बड़ी पूंजी और जिम्मेदारी है। बिरला ने नव नियुक्त अधिकारियों से आह्वान किया कि वे अपने कार्यकाल के दौरान ईमानदारी और सेवा भाव को प्राथमिकता दें। लोकसभा अध्यक्ष ने कहा कि भारत जैसे विशाल और विविधतापूर्ण लोकतंत्र में प्रशासनिक अधिकारियों की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण है। उन्होंने बताया कि सरकारी नीतियों का लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुँचाने का उत्तरदायित्व इन्हीं अधिकारियों के कंधों पर होता है। बिरला के अनुसार, अधिकारियों को केवल फाइलों तक सीमित नहीं रहना चाहिए, बल्कि उन्हें ज़मीनी हकीकत को समझते हुए आम नागरिकों की समस्याओं का समाधान करना चाहिए। अपने संबोधन में उन्होंने डिजिटल इंडिया और तकनीकी प्रगति का जिक्र करते हुए कहा कि आज के दौर में पारदर्शिता और गति शासन के मुख्य स्तंभ हैं। प्रशिक्षुओं को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि वे भाग्यशाली हैं कि वे 'अमृत काल' में देश की सेवा करने जा रहे हैं, जहाँ भारत एक विकसित राष्ट्र बनने की ओर अग्रसर है। उन्होंने अधिकारियों को सलाह दी कि वे संवैधानिक मूल्यों को सर्वोपरि रखें और बिना किसी भेदभाव के समाज के हर वर्ग के लिए कार्य करें। ऑस्ट्रेलियाई-भारतीय समुदाय और वैश्विक संदर्भ में देखें तो भारत की प्रशासनिक कार्यक्षमता का प्रभाव अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी पड़ता है। कुशल प्रशासन न केवल देश के भीतर विकास सुनिश्चित करता है, बल्कि विदेशों में रह रहे भारतीय मूल के लोगों (NRIs) और प्रवासी भारतीयों का अपनी मातृभूमि की प्रणालियों पर विश्वास भी बढ़ाता है। जब भारत की नौकरशाही पारदर्शी और प्रभावी ढंग से काम करती है, तो यह विदेशी निवेश और द्विपक्षीय संबंधों को भी मजबूती प्रदान करती है। अंत में, ओम बिरला ने प्रशिक्षुओं को भविष्य की चुनौतियों के लिए तैयार रहने और निरंतर सीखने की प्रवृत्ति बनाए रखने के लिए प्रेरित किया। उन्होंने कहा कि एक सफल अधिकारी वही है जो जनता की आकांक्षाओं को समझे और उनके जीवन में सकारात्मक परिवर्तन लाने के लिए प्रतिबद्ध रहे। यह सत्र अधिकारियों के लिए न केवल एक प्रेरणादायक अनुभव रहा, बल्कि इसने उन्हें राष्ट्र निर्माण में उनकी अहम भूमिका का बोध भी कराया।
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