राजनीति
सऊदी अरब में फंसे ओडिया युवक की सुरक्षित वापसी के लिए मंत्री संपद स्वाइन ने एस. जयशंकर से की अपील
ICN24 Newsroom 18 जुल॰ 2026, 04:34 pm

ओडिशा के मंत्री संपद चंद्र स्वाइन ने विदेश मंत्रालय से सऊदी अरब में फंसे जगत्सिंहपुर के युवक प्रलय रंजन महापात्र की सुरक्षित घर वापसी सुनिश्चित करने का आग्रह किया है।
ओडिशा के उद्योग, कौशल विकास और तकनीकी शिक्षा मंत्री संपद चंद्र स्वाइन ने विदेश मंत्री डॉ. एस. जयशंकर को एक औपचारिक पत्र लिखकर सऊदी अरब में फंसे एक भारतीय नागरिक की सुरक्षित वापसी सुनिश्चित करने के लिए व्यक्तिगत हस्तक्षेप की मांग की है। यह मामला ओडिशा के जगत्सिंहपुर जिले के रहने वाले प्रलय रंजन महापात्र से जुड़ा है, जो रोजगार की तलाश में खाड़ी देश गए थे, लेकिन अब वहां गंभीर परिस्थितियों में फंसे हुए हैं।
मंत्री स्वाइन ने अपने पत्र में इस बात पर जोर दिया कि प्रलय रंजन के परिवार ने उनकी सुरक्षा और वर्तमान स्थिति को लेकर गहरी चिंता व्यक्त की है। हालांकि प्रलय किन परिस्थितियों में वहां फंसे हैं, इसकी पूरी विस्तृत जानकारी अभी सार्वजनिक नहीं की गई है, लेकिन आमतौर पर ऐसे मामलों में वीजा विवाद, नियोक्ता द्वारा पासपोर्ट जब्त किया जाना या काम के अनुबंध का उल्लंघन शामिल होता है। मंत्री ने विदेश मंत्रालय (MEA) से इस मामले को रियाद स्थित भारतीय दूतावास के साथ उठाने का अनुरोध किया है ताकि युवक को आवश्यक कानूनी और कूटनीतिक सहायता प्रदान की जा सके।
यह घटना एक बार फिर उन जोखिमों को उजागर करती है जिनका सामना भारतीय प्रवासी श्रमिक अक्सर विदेशों में करते हैं। विशेष रूप से खाड़ी देशों में 'कफाला' प्रणाली और अन्य सख्त श्रम कानूनों के कारण कई बार भारतीय कामगारों को कठिन परिस्थितियों का सामना करना पड़ता है। ओडिशा सरकार ने स्पष्ट किया है कि वह अपने नागरिकों के हितों की रक्षा के लिए प्रतिबद्ध है, चाहे वे दुनिया के किसी भी कोने में हों। मंत्री स्वाइन ने केंद्र सरकार से आग्रह किया है कि प्रलय रंजन की घर वापसी की प्रक्रिया में तेजी लाई जाए ताकि उनके चिंतित परिवार को राहत मिल सके।
वैश्विक स्तर पर रहने वाले भारतीय समुदाय, विशेषकर ऑस्ट्रेलिया जैसे देशों में बसे प्रवासी भारतीयों के लिए भी इस तरह की खबरें चिंता का विषय होती हैं। हालांकि ऑस्ट्रेलिया और सऊदी अरब में कार्य संस्कृति और वीजा नीतियां पूरी तरह भिन्न हैं, लेकिन प्रवासियों की सुरक्षा और कूटनीतिक सहायता की आवश्यकता एक समान है। ऑस्ट्रेलिया में रहने वाले भारतीय-ऑस्ट्रेलियाई समुदाय ने भी अक्सर विदेशी धरती पर फंसे भारतीयों के लिए बेहतर सुरक्षा तंत्र और त्वरित कूटनीतिक प्रतिक्रिया की मांग की है। भारत सरकार का 'मदद' (MADAD) पोर्टल और ई-माइग्रेट (e-Migrate) प्रणाली इसी दिशा में उठाए गए कदम हैं, लेकिन जमीनी स्तर पर समन्वय की अब भी आवश्यकता महसूस की जाती है।
प्रलय रंजन महापात्र का मामला अब विदेश मंत्रालय के विचाराधीन है। जगत्सिंहपुर में रहने वाला उनका परिवार अब केंद्र सरकार और भारतीय दूतावास की ओर आशा भरी नजरों से देख रहा है। कौशल विकास मंत्री के रूप में संपद स्वाइन का हस्तक्षेप यह भी दर्शाता है कि राज्य सरकार अब विदेशों में जाने वाले अपने हुनरमंद युवाओं की सुरक्षा और निगरानी को लेकर अधिक सतर्क हो गई है। आने वाले दिनों में यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि भारतीय कूटनीति इस मामले को कितनी जल्दी सुलझा पाती है और प्रलय रंजन को सुरक्षित रूप से उनके घर वापस लाया जाता है।
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