ब्रेकिंग न्यूज़ब्रेकिंग
हाथियों की आवाजाही में नहीं आनी चाहिए कोई बाधा: सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र को दिया नए कॉरिडोर सर्वेक्षण का आदेश
ICN24 Newsroom 18 अग॰ 2026, 01:37 pm
सुप्रीम कोर्ट ने हाथियों के 'आवाजाही के अधिकार' को सुरक्षित करने के लिए केंद्र को नए सर्वेक्षण का आदेश दिया है, ताकि उनके रास्तों में आने वाली बाधाओं को दूर किया जा सके।
भारत के सर्वोच्च न्यायालय ने हाथियों के संरक्षण की दिशा में एक ऐतिहासिक रुख अपनाते हुए स्पष्ट किया है कि इन विशालकाय जीवों की आवाजाही के मार्ग में कोई भी बाधा स्वीकार्य नहीं होगी। सोमवार को एक महत्वपूर्ण सुनवाई के दौरान, अदालत ने केंद्र सरकार को हाथियों के गलियारों (एलिफेंट कॉरिडोर्स) की पहचान करने के लिए एक नए सिरे से सर्वेक्षण करने का निर्देश दिया। न्यायमूर्ति की अध्यक्षता वाली पीठ ने जोर देकर कहा कि हाथियों के 'आवाजाही के अधिकार' को केवल कागजों तक सीमित नहीं रहना चाहिए, बल्कि इसे धरातल पर सार्थक बनाया जाना चाहिए।
अदालत का यह फैसला भारत में बढ़ते मानव-हाथी संघर्ष और शहरीकरण के कारण सिमटते जंगलों के बीच आया है। सुप्रीम कोर्ट ने टिप्पणी की कि हाथियों के प्राकृतिक रास्तों में निर्माण कार्य, रेलवे लाइनें और बिजली के तार उनकी सुरक्षा के लिए गंभीर खतरा बन गए हैं। केंद्र सरकार को यह सुनिश्चित करने की जिम्मेदारी सौंपी गई है कि वे राज्यों के साथ मिलकर ऐसे क्षेत्रों की पहचान करें जहाँ हाथियों को सुरक्षित आवाजाही की सबसे अधिक आवश्यकता है। इस सर्वेक्षण का मुख्य उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि हाथियों के पारंपरिक रास्तों को कानूनी रूप से संरक्षित गलियारों के रूप में घोषित किया जाए।
पर्यावरण विशेषज्ञों का मानना है कि यह आदेश पारिस्थितिक तंत्र के संतुलन को बनाए रखने के लिए अत्यंत आवश्यक है। भारत में दुनिया के एशियाई हाथियों की सबसे बड़ी आबादी रहती है, लेकिन उनके आवास का विखंडन (fragmentation) एक बड़ी चुनौती रही है। सर्वोच्च न्यायालय ने संकेत दिया कि विकास और पर्यावरण के बीच संतुलन जरूरी है, लेकिन वन्यजीवों की बुनियादी जरूरतों और उनके अस्तित्व के साथ समझौता नहीं किया जा सकता।
ऑस्ट्रेलिया में रहने वाले भारतीय समुदाय के लिए भी यह खबर विशेष महत्व रखती है। ऑस्ट्रेलिया खुद वन्यजीव संरक्षण और जैव विविधता के संरक्षण में एक अग्रणी राष्ट्र है, और भारत में इस तरह के कठोर कानूनी कदम पर्यावरण के प्रति वैश्विक जिम्मेदारी को दर्शाते हैं। प्रवासी भारतीय, जो अक्सर भारत की प्राकृतिक विरासत से जुड़ाव महसूस करते हैं, इस निर्णय को देश की समृद्ध जैव विविधता को बचाने की दिशा में एक बड़े सुधार के रूप में देख रहे हैं।
आने वाले महीनों में, केंद्र सरकार द्वारा प्रस्तुत किए जाने वाले सर्वेक्षण के परिणाम यह तय करेंगे कि भविष्य में बुनियादी ढांचा परियोजनाओं का निर्माण कैसे किया जाएगा। यदि कोई प्रस्तावित परियोजना हाथियों के चिन्हित गलियारों में आती है, तो उसे या तो रद्द करना होगा या उसके डिजाइन में ऐसे बदलाव करने होंगे जिससे हाथियों की आवाजाही प्रभावित न हो। सुप्रीम कोर्ट का यह कड़ा रुख स्पष्ट संदेश देता है कि भारत अपनी प्राकृतिक विरासत के संरक्षण के लिए प्रतिबद्ध है।
संबंधित ख़बरें

ब्रेकिंगब्रेकिंग
आज का राशिफल: सितारों की चाल और गणेशजी की भविष्यवाणी, जानें कैसा रहेगा ऑस्ट्रेलियाई-भारतीय समुदाय के लिए आज का दिन
आज का राशिफल आपके करियर, स्वास्थ्य और रिश्तों के लिए क्या संकेत दे रहा है? जानिए गणेशजी की विशेष भविष्यवाणियां और ग्रहों का प्रभाव।
18 अग॰ 2026, 12:37 pm

ब्रेकिंगब्रेकिंग
टॉप शेफ VIP 5: पाक कला के महामुकाबले में इन मशहूर हस्तियों ने बढ़ाई हलचल, कौन जीतेगा खिताब?
टॉप शेफ VIP के पांचवें सीजन में मशहूर हस्तियों के बीच कड़ी टक्कर देखने को मिल रही है, जिसमें एक दिग्गज गायक अपनी पुरानी हार को भुलाकर जीत की ओर बढ़ रहे हैं।
18 अग॰ 2026, 11:37 am

ब्रेकिंगब्रेकिंग
आरपीएससी का बड़ा कदम: एईएन और प्राध्यापक भर्ती परिणामों के लिए 15 दिवसीय कार्ययोजना तैयार
राजस्थान लोक सेवा आयोग ने भर्ती प्रक्रियाओं में तेजी लाने के लिए 15 कार्यदिवसों की रणनीति बनाई है, जिससे एईएन और प्राध्यापक भर्ती के परिणाम जल्द जारी होंगे।
18 अग॰ 2026, 10:37 am

