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यूरोप यात्रा के लिए नया ईईएस (EES) ऑनलाइन टूल: अब आसानी से ट्रैक करें अपनी ठहरने की अवधि
ICN24 Newsroom 8 जून 2026, 01:30 pm
यूरोपीय संघ ने गैर-यूरोपीय नागरिकों के लिए एक नया ऑनलाइन टूल लॉन्च किया है, जिससे यात्री अपनी वैध प्रवास अवधि की गणना कर सकेंगे और ओवरस्टे की समस्या से बच सकेंगे।
यूरोपीय संघ (EU) ने अपनी सीमाओं पर सुरक्षा और आव्रजन प्रबंधन को मजबूत करने के लिए एक महत्वपूर्ण कदम उठाया है। एक नए ऑनलाइन कैलकुलेटर और टूल के माध्यम से, अब भारत और ऑस्ट्रेलिया जैसे गैर-यूरोपीय देशों के नागरिक यह आसानी से पता लगा सकेंगे कि वे शेंगेन क्षेत्र में कितने दिनों तक कानूनी रूप से रुक सकते हैं। यह टूल विशेष रूप से उन भारतीय-ऑस्ट्रेलियाई प्रवासियों के लिए मददगार होगा जो अक्सर यूरोप की लंबी यात्राओं की योजना बनाते हैं।
एंट्री/एग्जिट सिस्टम (EES) के तहत पेश किया गया यह ऑनलाइन पोर्टल यात्रियों को उनकी शेष अधिकृत प्रवास अवधि (authorised stay) की जांच करने की सुविधा देता है। शेंगेन नियमों के अनुसार, अधिकांश गैर-यूरोपीय देशों के यात्री 180 दिनों की अवधि के भीतर अधिकतम 90 दिनों तक यूरोप में रह सकते हैं। पहले, यात्रियों को अपने पासपोर्ट पर लगे स्टैम्प देखकर खुद दिनों की गणना करनी पड़ती थी, जिसमें अक्सर गलती की संभावना रहती थी। अब, यह डिजिटल प्रणाली पासपोर्ट डेटा और यात्रा इतिहास का उपयोग करके सटीक जानकारी प्रदान करेगी।
इस टूल का उपयोग करने के लिए, यात्रियों को ईईएस पोर्टल पर जाकर अपने पासपोर्ट का विवरण दर्ज करना होगा। यह प्रणाली न केवल यह बताएगी कि आपने कितने दिन वहां बिताए हैं, बल्कि यह भी स्पष्ट करेगी कि भविष्य की यात्रा के लिए आपके पास कितने दिन शेष हैं। इसके अलावा, यह टूल यात्रा शुरू करने से पहले प्रवेश अनुमति (entry permission) की पुष्टि करने में भी सहायता करता है, जिससे एयरपोर्ट पर होने वाली असुविधाओं से बचा जा सकता है।
भारतीय मूल के ऑस्ट्रेलियाई नागरिकों के लिए यह जानकारी विशेष रूप से महत्वपूर्ण है। कई परिवार छुट्टियों के दौरान यूरोप के कई देशों की यात्रा करते हैं या लंबी अवधि के लिए रिश्तेदारों के पास रुकते हैं। अनजाने में अधिक समय तक रुकने (overstaying) के गंभीर परिणाम हो सकते हैं, जिसमें भारी जुर्माना, निर्वासन (deportation) और भविष्य में यूरोपीय देशों में प्रवेश पर प्रतिबंध शामिल है। डिजिटल रिकॉर्ड होने के कारण अब पुराने 'मैनुअल' सिस्टम की तुलना में नियमों का उल्लंघन पकड़ना अधिकारियों के लिए बहुत आसान हो गया है।
यूरोपीय अधिकारियों का कहना है कि ईईएस प्रणाली का उद्देश्य न केवल सुरक्षा बढ़ाना है, बल्कि यात्रियों के लिए प्रक्रिया को पारदर्शी बनाना भी है। भारतीय समुदायों के लिए, जो वैश्विक स्तर पर सबसे अधिक यात्रा करने वाले समूहों में से एक हैं, यह टूल यात्रा की योजना बनाने का एक अनिवार्य हिस्सा बन जाएगा। विशेषज्ञों की सलाह है कि यूरोप की किसी भी उड़ान पर सवार होने से पहले यात्रियों को इस पोर्टल के माध्यम से अपनी स्थिति स्पष्ट कर लेनी चाहिए ताकि उनकी अंतरराष्ट्रीय यात्रा सुखद और बाधा मुक्त रहे।
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