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अमेरिका: एच-1बी वीजा को ग्रीन कार्ड के रास्ते से हटाने के लिए अमेरिकी कांग्रेस में विधेयक पेश
ICN24 Newsroom 7 जून 2026, 03:30 pm

अमेरिकी सांसद चिप रॉय ने एच-1बी वीजा कार्यक्रम में बड़े बदलाव के लिए एक विधेयक पेश किया है, जिसका उद्देश्य इसे स्थायी निवास के मार्ग के रूप में समाप्त करना है।
अमेरिकी कांग्रेस में एक नया विधेयक पेश किया गया है जो एच-1बी वीजा कार्यक्रम की रूपरेखा को पूरी तरह से बदलने का प्रस्ताव रखता है। टेक्सस के रिपब्लिकन सांसद चिप रॉय द्वारा पेश किए गए 'अमेरिकन व्हाइट-कॉलर वर्कर जॉब्स एक्ट' का मुख्य उद्देश्य एच-1बी वीजा को स्थायी निवास यानी ग्रीन कार्ड प्राप्त करने के माध्यम के रूप में समाप्त करना है। यदि यह विधेयक कानून बनता है, तो यह दशकों से चली आ रही 'दोहरे इरादे' (Dual Intent) वाली नीति को खत्म कर देगा, जिसके तहत वीजा धारक अमेरिका में काम करने के साथ-साथ नागरिकता की प्रक्रिया भी शुरू कर सकते थे।
प्रस्तावित कानून में एच-1बी वीजा की अधिकतम अवधि को वर्तमान छह साल से घटाकर केवल दो साल करने का सुझाव दिया गया है। इसके अलावा, यह विधेयक वैकल्पिक व्यावहारिक प्रशिक्षण (OPT) कार्यक्रम को भी समाप्त करने की मांग करता है। ओपीटी वह माध्यम है जिसके जरिए विदेशी छात्र अपनी पढ़ाई पूरी करने के बाद अमेरिका में सीमित समय के लिए काम कर पाते हैं। विधेयक के समर्थकों का तर्क है कि मौजूदा प्रणाली का दुरुपयोग कर कंपनियां स्थानीय अमेरिकी पेशेवरों की जगह सस्ते विदेशी श्रम को प्राथमिकता देती हैं।
सांसद चिप रॉय ने कहा कि पिछले चालीस वर्षों में एच-1बी वीजा का इस्तेमाल अमेरिकी 'स्टेम' (STEM) श्रमिकों को दरकिनार करने के लिए किया गया है। उन्होंने तर्क दिया कि अब समय आ गया है कि इस लॉटरी आधारित प्रणाली को खत्म कर एक ऐसी व्यवस्था लाई जाए जो योग्यता को प्राथमिकता दे और अमेरिकी पेशेवरों के हितों की रक्षा करे। इस विधेयक को 'यूएस टेक वर्कर्स' और 'इमिग्रेशन अकाउंटेबिलिटी प्रोजेक्ट' जैसे संगठनों का समर्थन प्राप्त है।
यह घटनाक्रम ऑस्ट्रेलिया में रह रहे भारतीय समुदाय के लिए भी महत्वपूर्ण है। वर्तमान में, अमेरिका में वीजा नियमों के कड़े होने से कई कुशल भारतीय पेशेवर ऑस्ट्रेलिया को एक बेहतर विकल्प के रूप में देख रहे हैं। यदि अमेरिका में स्थायी निवास की राह कठिन होती है, तो वैश्विक स्तर पर प्रतिभाओं का पलायन ऑस्ट्रेलिया की ओर बढ़ सकता है, जो अपनी 'ग्लोबल टैलेंट वीजा' श्रेणियों के माध्यम से कुशल प्रवासियों को आकर्षित करने की कोशिश कर रहा है।
विधेयक में यह शर्त भी रखी गई है कि एच-1बी आवेदकों को यह साबित करना होगा कि उनका विदेश में एक स्थायी निवास है जिसे छोड़ने का उनका कोई इरादा नहीं है। यह प्रावधान वर्तमान नियमों के बिल्कुल विपरीत है। इसके साथ ही, यह बिल उन प्रावधानों को भी निरस्त करने की मांग करता है जो ग्रीन कार्ड की प्रतीक्षा कर रहे एच-1बी धारकों को अपने प्रवास की अवधि बढ़ाने की अनुमति देते हैं। हालांकि, चिप रॉय हाल ही में अटॉर्नी जनरल के प्राइमरी चुनाव हार चुके हैं, लेकिन उनके द्वारा पेश किया गया यह विधेयक अमेरिकी आव्रजन नीति में चल रही वैचारिक हलचल को दर्शाता है।
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