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नीट और सीबीएसई विवाद: बेंगलुरु में बारिश के बीच प्रदर्शन, अभिनेता प्रकाश राज और सोनम वांगचुक ने उठाई शिक्षा मंत्री के इस्तीफे की मांग

ICN24 Newsroom 14 जून 2026, 11:31 pm
नीट और सीबीएसई विवाद: बेंगलुरु में बारिश के बीच प्रदर्शन, अभिनेता प्रकाश राज और सोनम वांगचुक ने उठाई शिक्षा मंत्री के इस्तीफे की मांग

बेंगलुरु में नीट पेपर लीक और सीबीएसई मार्किंग सिस्टम के खिलाफ भारी प्रदर्शन हुआ। अभिनेता प्रकाश राज और कार्यकर्ता सोनम वांगचुक ने केंद्र सरकार को घेरा।

कर्नाटक की राजधानी बेंगलुरु के फ्रीडम पार्क में रविवार को मूसलाधार बारिश के बावजूद भारी विरोध प्रदर्शन देखने को मिला। 'कॉकरोच जनता पार्टी' (CJP) के बैनर तले आयोजित इस प्रदर्शन में बड़ी संख्या में छात्र, अभिभावक और नागरिक समाज के सदस्य शामिल हुए। इस विरोध प्रदर्शन का मुख्य उद्देश्य NEET-UG परीक्षा में कथित पेपर लीक और सीबीएसई (CBSE) की ऑन-स्क्रीन मार्किंग प्रक्रिया में अनियमितताओं के खिलाफ आवाज उठाना था। प्रदर्शनकारियों ने इन विफलताओं के लिए नैतिक जिम्मेदारी लेते हुए केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की पुरजोर मांग की। प्रसिद्ध अभिनेता और सामाजिक कार्यकर्ता प्रकाश राज भी प्रदर्शनकारियों का समर्थन करने के लिए फ्रीडम पार्क पहुंचे। हाथ में फूल लिए और बारिश की परवाह न करते हुए प्रकाश राज ने छात्रों के साथ एकजुटता दिखाई। उन्होंने मीडिया से बात करते हुए कहा कि शिक्षा प्रणाली में पारदर्शिता की कमी युवाओं के भविष्य के साथ खिलवाड़ है। प्रकाश राज ने जोर देकर कहा कि जब तक जवाबदेही तय नहीं की जाती, तब तक देश के छात्रों का भरोसा बहाल नहीं होगा। प्रदर्शन के दौरान लोग पोस्टर और छाते लेकर सरकार विरोधी नारे लगाते नजर आए। बेंगलुरु से पहले, हैदराबाद के धरना चौक पर भी इसी तरह का एक बड़ा प्रदर्शन आयोजित किया गया था। वहाँ लद्दाख के प्रसिद्ध शिक्षा सुधारक और सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक ने छात्रों को संबोधित किया। वांगचुक ने देश की वर्तमान परीक्षा प्रणाली की आलोचना करते हुए कहा कि बार-बार होने वाले पेपर लीक और तकनीकी खामियां छात्रों के मानसिक स्वास्थ्य और उनके करियर पर बुरा असर डाल रही हैं। उन्होंने शिक्षा मंत्रालय से मांग की कि पूरी प्रक्रिया की निष्पक्ष जांच कराई जाए और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई हो। ऑस्ट्रेलिया में रहने वाले भारतीय समुदाय के लिए भी यह मुद्दा काफी संवेदनशील है। प्रवासी भारतीयों (NRIs) के कई बच्चे भारत में उच्च शिक्षा या प्रतियोगी परीक्षाओं के लिए आवेदन करते हैं। ऑस्ट्रेलिया में भारतीय छात्र संघों ने भी इस मुद्दे पर चिंता व्यक्त की है, क्योंकि भारत की परीक्षा प्रणाली की साख सीधे तौर पर अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भारतीय डिग्री की मान्यता को प्रभावित करती है। शिक्षा मंत्रालय ने हालांकि पहले ही पेपर लीक मामले की जांच सीबीआई (CBI) को सौंप दी है, लेकिन प्रदर्शनकारी इसे नाकाफी बता रहे हैं। उनका तर्क है कि जब तक उच्च पदों पर बैठे लोग इस्तीफा नहीं देते, तब तक निष्पक्ष जांच की उम्मीद कम है। बेंगलुरु का यह प्रदर्शन दर्शाता है कि देश के युवाओं और जागरूक नागरिकों में परीक्षा प्रणाली को लेकर गहरा रोष व्याप्त है।
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