लाइव
राजनीति
राजनीति

NCRB रिपोर्ट: भारत में शादीशुदा पुरुषों में आत्महत्या के मामलों में भारी उछाल, घरेलू कलह और विवाहेतर संबंध मुख्य कारण

ICN24 Newsroom 14 जून 2026, 04:31 pm
NCRB रिपोर्ट: भारत में शादीशुदा पुरुषों में आत्महत्या के मामलों में भारी उछाल, घरेलू कलह और विवाहेतर संबंध मुख्य कारण

नेशनल क्राइम रिकॉर्ड्स ब्यूरो के नए आंकड़ों के अनुसार, भारत में विवाहित पुरुषों की आत्महत्या दर में 2015 के बाद से लगभग दोगुनी वृद्धि हुई है, जिसमें पारिवारिक समस्याएं प्रमुख कारण हैं।

नेशनल क्राइम रिकॉर्ड्स ब्यूरो (NCRB) द्वारा जारी नवीनतम आंकड़ों ने भारत में वैवाहिक तनाव और मानसिक स्वास्थ्य के संकट को लेकर एक गंभीर तस्वीर पेश की है। रिपोर्ट के अनुसार, भारत में विवाहित पुरुषों द्वारा आत्महत्या किए जाने के मामलों में पिछले एक दशक में अभूतपूर्व वृद्धि देखी गई है। साल 2015 के आंकड़ों की तुलना में, विवाह से संबंधित विवादों के कारण अपनी जीवनलीला समाप्त करने वाले पुरुषों की संख्या लगभग दोगुनी हो गई है। आंकड़ों का विश्लेषण करने पर पता चलता है कि जहां 2015 में लगभग 2,497 पुरुषों ने वैवाहिक कलह या पत्नी से विवाद के कारण आत्महत्या की थी, वहीं हाल के वर्षों में यह आंकड़ा चिंताजनक रूप से बढ़ा है। इन आत्महत्याओं के पीछे मुख्य कारणों में घरेलू झगड़े, विवाहेतर संबंध (extramarital affairs), और कानूनी विवादों का बढ़ता दबाव शामिल है। विशेषज्ञों का मानना है कि सामाजिक अपेक्षाएं और मानसिक स्वास्थ्य सहायता की कमी इस संकट को और गहरा कर रही है। ऑस्ट्रेलिया में रहने वाले भारतीय समुदाय के लिए भी यह रिपोर्ट एक चेतावनी के रूप में देखी जा रही है। प्रवासी भारतीयों (NRIs) के बीच अक्सर सांस्कृतिक अलगाव और वर्क-लाइफ बैलेंस की चुनौतियां वैवाहिक तनाव का कारण बनती हैं। सिडनी और मेलबर्न जैसे शहरों में काम करने वाले काउंसलर्स का कहना है कि पुरुषों में अक्सर अपनी भावनाओं को व्यक्त न करने की प्रवृत्ति होती है, जिससे छोटे विवाद भी बड़े मानसिक संकट का रूप ले लेते हैं। NCRB की रिपोर्ट यह भी रेखांकित करती है कि पुरुषों के लिए उपलब्ध कानूनी सुरक्षा उपायों और सामाजिक समर्थन प्रणालियों पर फिर से विचार करने की आवश्यकता है। अक्सर देखा गया है कि झूठे मुकदमों का डर या तलाक की लंबी प्रक्रिया भी मानसिक दबाव को असहनीय बना देती है। रिपोर्ट में यह भी पाया गया कि विवाहेतर संबंधों के कारण पैदा हुई असुरक्षा और विश्वास की कमी आत्महत्या के पीछे एक प्रमुख उत्प्रेरक के रूप में उभरी है। सामाजिक कार्यकर्ताओं का कहना है कि इस संकट का समाधान केवल कानूनी सुधारों में नहीं, बल्कि सामाजिक नजरिए में बदलाव में भी है। पुरुषों को मानसिक स्वास्थ्य के प्रति जागरूक करना और उन्हें बिना किसी संकोच के मदद मांगने के लिए प्रोत्साहित करना अनिवार्य हो गया है। भारतीय समुदाय के भीतर 'मर्दानगी' की पारंपरिक परिभाषाएं अक्सर उन्हें कमजोर दिखने के डर से चुप रहने पर मजबूर करती हैं, जिसे बदलना समय की मांग है।
शेयर:

संबंधित ख़बरें

दिल्ली हाईकोर्ट का हस्तक्षेप: विदेशों में रह रहे भारतीयों के लिए कम हो सकता है पासपोर्ट रिन्यूअल शुल्क
राजनीति

दिल्ली हाईकोर्ट का हस्तक्षेप: विदेशों में रह रहे भारतीयों के लिए कम हो सकता है पासपोर्ट रिन्यूअल शुल्क

दिल्ली उच्च न्यायालय ने पासपोर्ट (संशोधन) नियम, 2024 के तहत विदेशों में रह रहे भारतीयों से लिए जा रहे अतिरिक्त पासपोर्ट शुल्क को चुनौती देने वाली याचिका पर केंद्र सरकार से जवाब मांगा है।

5 अग॰ 2026, 04:37 am
अमेरिकी सीनेट समिति ने टॉड ब्लैंच के अटॉर्नी जनरल नामांकन को दी मंजूरी; अब पूरे सदन में होगी वोटिंग
राजनीति

अमेरिकी सीनेट समिति ने टॉड ब्लैंच के अटॉर्नी जनरल नामांकन को दी मंजूरी; अब पूरे सदन में होगी वोटिंग

अमेरिकी सीनेट की न्यायिक समिति ने टॉड ब्लैंच को अटॉर्नी जनरल बनाने के प्रस्ताव को मंजूरी दे दी है, जिससे उनकी नियुक्ति का रास्ता साफ हो गया है।

5 अग॰ 2026, 03:37 am
राजस्थान हाई कोर्ट ने आसाराम को दी 20 दिन की पैरोल; इलाज के लिए जेल से बाहर आएंगे स्वयंभू धर्मगुरु
राजनीति

राजस्थान हाई कोर्ट ने आसाराम को दी 20 दिन की पैरोल; इलाज के लिए जेल से बाहर आएंगे स्वयंभू धर्मगुरु

राजस्थान उच्च न्यायालय ने स्वास्थ्य आधार पर आसाराम को 20 दिनों की पैरोल दी है। अदालत ने राज्य सरकार की आपत्तियों को खारिज करते हुए यह फैसला सुनाया।

5 अग॰ 2026, 02:37 am