राजनीति
जंतर-मंतर पर प्रदर्शनकारियों के लिए मुंबई से आया खाना: एकजुटता का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल
ICN24 Newsroom 22 जुल॰ 2026, 02:35 am
मुंबई के एक व्यक्ति ने दिल्ली के जंतर-मंतर पर प्रदर्शन कर रहे छात्रों के लिए खाना भेजा, जिसकी चर्चा अब देशभर के साथ-साथ प्रवासी भारतीयों के बीच भी हो रही है।
नई दिल्ली के जंतर-मंतर पर चल रहे छात्र आंदोलन के बीच एक ऐसी घटना सामने आई है जिसने सोशल मीडिया पर लोगों का ध्यान अपनी ओर खींचा है। मंगलवार तड़के एक फूड डिलीवरी बॉय प्रदर्शन स्थल पर खाने के पैकेट लेकर पहुंचा। जांच करने पर पता चला कि यह खाना किसी प्रदर्शनकारी ने नहीं, बल्कि मुंबई के एक व्यक्ति ने 'एकजुटता' के तौर पर भेजा था। डिलीवरी बॉय को निर्देश दिया गया था कि वह यह खाना वहां मौजूद किसी भी भूखे व्यक्ति में बांट दे।
यह घटना उस समय हुई जब छात्र संगठन 'सेंट्रल जॉइंट पैनल' (CJP) का आंदोलन अपने चरम पर है। ये छात्र नीट (NEET) और नेट (NET) जैसी महत्वपूर्ण परीक्षाओं में हुई कथित धांधली और पेपर लीक के विरोध में केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग कर रहे हैं। हाल ही में दिल्ली पुलिस द्वारा प्रदर्शनकारियों के मंच को हटाए जाने के बावजूद, छात्रों ने अपनी आवाज बुलंद रखी है।
वायरल वीडियो में देखा जा सकता है कि डिलीवरी बॉय देर रात पैकेट लेकर पहुंचा। जब छात्रों ने उससे पूछा कि यह किसने भेजा है, तो उसने मुंबई के एक अज्ञात शुभचिंतक का नाम लिया। इस कदम को छात्रों के प्रति नागरिक समर्थन के रूप में देखा जा रहा है। प्रदर्शनकारियों का कहना है कि इस तरह के छोटे-छोटे प्रयास उनके हौसले को बढ़ाते हैं, खासकर तब जब वे खुले आसमान के नीचे अपने अधिकारों की लड़ाई लड़ रहे हैं।
भारत में परीक्षा प्रणाली में पारदर्शिता की कमी का मुद्दा केवल स्थानीय नहीं रह गया है। ऑस्ट्रेलिया में रह रहे भारतीय समुदाय के लिए भी यह एक चिंता का विषय है। सिडनी और मेलबर्न जैसे शहरों में बसे हजारों भारतीय परिवार, जिनके बच्चे अभी भी भारत में प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे हैं या भविष्य में वहां शिक्षा प्राप्त करना चाहते हैं, इन घटनाओं को करीब से देख रहे हैं। ऑस्ट्रेलियाई प्रवासी समुदाय अक्सर भारत की शिक्षा व्यवस्था में सुधार की वकालत करता रहा है, क्योंकि इसका सीधा असर वैश्विक स्तर पर भारतीय डिग्रियों की साख पर पड़ता है।
शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने हालांकि बार-बार आश्वासन दिया है कि सरकार इन मामलों की जांच कर रही है और दोषियों को बख्शा नहीं जाएगा। लेकिन छात्रों का तर्क है कि बार-बार होने वाले पेपर लीक ने लाखों युवाओं के भविष्य को अधर में डाल दिया है। जंतर-मंतर पर जारी यह विरोध प्रदर्शन अब केवल छात्रों का आंदोलन नहीं रहा, बल्कि इसमें समाज के विभिन्न वर्गों का समर्थन भी जुड़ने लगा है, जैसा कि मुंबई के इस व्यक्ति के उदार व्यवहार से स्पष्ट है।
जैसे-जैसे यह मामला तूल पकड़ रहा है, यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि सरकार छात्रों की मांगों पर क्या ठोस कदम उठाती है। फिलहाल, जंतर-मंतर की सड़कों पर रात गुजार रहे इन छात्रों के लिए मुंबई से आया वह 'खाना' केवल भोजन नहीं, बल्कि एक संदेश था कि देश के किसी भी कोने में बैठा नागरिक उनके संघर्ष को देख रहा है और उनके साथ खड़ा है।
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