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माउथ टेपिंग: बेहतर नींद का जरिया या सेहत के लिए बड़ा खतरा? स्वास्थ्य विशेषज्ञों ने दी चेतावनी
ICN24 Newsroom 15 जुल॰ 2026, 12:31 pm

सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे 'माउथ टेपिंग' के चलन पर डॉक्टरों ने चिंता जताई है। जानें इसके फायदे और उन खतरों के बारे में जो आपकी जान जोखिम में डाल सकते हैं।
सोशल मीडिया के दौर में हर दिन स्वास्थ्य से जुड़े नए 'ट्रेंड' सामने आते हैं, जिनमें से कुछ फायदेमंद होते हैं तो कुछ बेहद जोखिम भरे। आजकल टिकटॉक और इंस्टाग्राम पर 'माउथ टेपिंग' (Mouth Taping) का चलन तेजी से बढ़ रहा है। इसमें लोग रात को सोते समय अपने होठों पर एक विशेष प्रकार की पट्टी या टेप चिपका लेते हैं ताकि वे नाक से सांस ले सकें। हालांकि, स्वास्थ्य विशेषज्ञों ने चेतावनी दी है कि बिना डॉक्टरी सलाह के ऐसा करना सेहत के लिए खतरनाक हो सकता है, विशेष रूप से उन लोगों के लिए जो पहले से ही सांस संबंधी बीमारियों से जूझ रहे हैं।
नाक से सांस लेना शरीर के लिए प्राकृतिक और लाभकारी माना जाता है। विशेषज्ञों का कहना है कि नाक हवा को फिल्टर करती है, उसे नम बनाती है और फेफड़ों तक पहुंचने से पहले उसे शरीर के तापमान के अनुसार गर्म करती है। इसके अलावा, नाक से सांस लेने पर शरीर में 'नाइट्रिक ऑक्साइड' का उत्पादन बढ़ता है, जो रक्त प्रवाह और ऑक्सीजन के स्तर को सुधारने में मदद करता है। यही कारण है कि कई लोग खर्राटों को कम करने और गहरी नींद लेने के लिए माउथ टेपिंग का सहारा ले रहे हैं।
हालांकि, मेलबर्न और सिडनी जैसे शहरों में काम कर रहे भारतीय मूल के डॉक्टरों का मानना है कि भारतीय-ऑस्ट्रेलियाई समुदाय को इस मामले में अधिक सावधानी बरतने की जरूरत है। दक्षिण एशियाई मूल के लोगों में मोटापा और मधुमेह (डायबिटीज) की दर अधिक देखी जाती है, जो 'ऑब्सट्रक्टिव स्लीप एपनिया' (OSA) के प्रमुख कारक हैं। स्लीप एपनिया एक ऐसी स्थिति है जिसमें सोते समय व्यक्ति की सांस बार-बार रुकती है। यदि ऐसे मरीज अपने मुंह को टेप से बंद कर लेते हैं, तो यह स्थिति जानलेवा हो सकती है क्योंकि शरीर को पर्याप्त ऑक्सीजन नहीं मिल पाती।
डॉक्टरों के अनुसार, माउथ टेपिंग उन लोगों के लिए सबसे अधिक खतरनाक है जिन्हें साइनस की समस्या है, नाक की हड्डी टेढ़ी (deviated septum) है या जिन्हें एलर्जी के कारण नाक बंद रहने की शिकायत रहती है। यदि आपकी नाक पहले से ही बंद है और आप मुंह भी बंद कर लेते हैं, तो सोते समय दम घुटने की आशंका बढ़ जाती है। इसके अलावा, टेप के कारण होठों के आसपास की त्वचा में जलन या संक्रमण का खतरा भी बना रहता है।
चिकित्सा जगत का सुझाव है कि अगर आप खर्राटों या नींद की कमी से परेशान हैं, तो सोशल मीडिया के नुस्खों को आजमाने के बजाय किसी विशेषज्ञ (Sleep Specialist) से संपर्क करें। ऑस्ट्रेलिया में कई अत्याधुनिक स्लीप क्लीनिक मौजूद हैं जहां नींद से जुड़ी समस्याओं का वैज्ञानिक समाधान किया जाता है। विशेषज्ञों का कहना है कि बेहतर नींद के लिए सोने का समय निश्चित करना, कमरे का तापमान सही रखना और सोने से पहले स्क्रीन का उपयोग कम करना कहीं अधिक सुरक्षित और प्रभावी तरीके हैं।
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