राजनीति
मिजोरम: विधायक रॉबर्ट रोमाविया रॉयटे ने पेश की मिसाल, 90 महीनों का पूरा वेतन समाज सेवा के लिए किया दान
ICN24 Newsroom 3 अग॰ 2026, 01:37 am

मिजोरम के विधायक रॉबर्ट रोमाविया रॉयटे ने पिछले 90 महीनों का अपना पूरा वेतन, जो लगभग 1.25 करोड़ रुपये है, गरीबों और जरूरतमंदों की सहायता के लिए दान कर दिया है।
मिजोरम के विधायक और पूर्व कैबिनेट मंत्री रॉबर्ट रोमाविया रॉयटे ने सार्वजनिक जीवन में शुचिता और परोपकार की एक असाधारण मिसाल पेश की है। रॉयटे ने पिछले 90 महीनों का अपना पूरा सरकारी वेतन समाज के आर्थिक रूप से कमजोर और वंचित वर्गों की सहायता के लिए दान कर दिया है। उनके कार्यालय द्वारा जारी आधिकारिक बयान के अनुसार, दान की गई यह कुल राशि लगभग 1.25 करोड़ रुपये बैठती है।
रॉबर्ट रोमाविया रॉयटे, जो वर्तमान में मिजोरम विधानसभा में आइजोल पूर्व-II निर्वाचन क्षेत्र का प्रतिनिधित्व करते हैं, ने यह परोपकारी सिलसिला तब शुरू किया था जब वे पहली बार विधायक चुने गए थे। उन्होंने अपने वेतन को एक विशेष चैरिटेबल खाते में जमा करने का निर्णय लिया था, ताकि इस राशि का उपयोग केवल जनहित के कार्यों और उन लोगों की मदद के लिए किया जा सके जिन्हें इसकी सबसे अधिक आवश्यकता है।
इस पहल का मुख्य उद्देश्य शिक्षा, स्वास्थ्य और बुनियादी जरूरतों के संघर्ष से जूझ रहे परिवारों को संबल प्रदान करना है। पूर्व मंत्री के इस कदम की सराहना न केवल राज्य स्तर पर बल्कि राष्ट्रीय स्तर पर भी की जा रही है। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि ऐसे समय में जब जनप्रतिनिधियों के विशेषाधिकारों और भत्तों पर अक्सर बहस होती है, रॉयटे का यह निर्णय सार्वजनिक सेवा के प्रति उनके समर्पण को दर्शाता है।
भारतीय-ऑस्ट्रेलियाई समुदाय के लिए भी यह खबर विशेष महत्व रखती है। ऑस्ट्रेलिया में बसे प्रवासी भारतीय अक्सर भारत में जमीनी स्तर पर बदलाव लाने और परोपकारी कार्यों में सक्रिय रहते हैं। मिजोरम जैसे पूर्वोत्तर राज्य के एक नेता द्वारा इस तरह का पारदर्शी और निरंतर दान, विदेशों में रह रहे भारतीयों के बीच विश्वास पैदा करता है कि भारत के राजनीतिक नेतृत्व में अभी भी निस्वार्थ सेवा की भावना जीवित है।
रॉयटे के कार्यालय ने स्पष्ट किया कि दान की गई राशि का उपयोग विभिन्न छात्रवृत्तियों, चिकित्सा सहायता और ग्रामीण विकास परियोजनाओं के लिए किया गया है। यह राशि सीधे उन लोगों तक पहुंचाई गई है जो सरकारी योजनाओं का लाभ उठाने में कठिनाई महसूस करते हैं। विधायक का यह 90 महीनों का अटूट प्रतिबद्धता वाला सफर अन्य नेताओं के लिए भी एक मार्गदर्शक के रूप में देखा जा रहा है।
मिजोरम की राजनीति में रॉबर्ट रोमाविया रॉयटे का कद इस फैसले के बाद और बढ़ा है। उन्होंने साबित किया है कि राजनीति केवल सत्ता हासिल करने का साधन नहीं, बल्कि समाज के सबसे निचले पायदान पर खड़े व्यक्ति की सेवा करने का माध्यम है। उनके इस योगदान ने पूर्वोत्तर भारत में जनसेवा के नए मानक स्थापित किए हैं।
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