राजनीति
कटनी: जनसेवा में कोताही पर कलेक्टर का सख्त रुख, लापरवाह अधिकारियों पर लगेगा जुर्माना
ICN24 Newsroom 4 अग॰ 2026, 02:37 am

कटनी कलेक्टर आशीष तिवारी ने लोक सेवा गारंटी अधिनियम के तहत आवेदनों के निराकरण में देरी करने वाले अधिकारियों पर आर्थिक दंड लगाने का कड़ा निर्देश दिया है।
मध्य प्रदेश के कटनी जिले में प्रशासनिक जवाबदेही को लेकर कलेक्टर आशीष तिवारी ने बेहद सख्त रुख अख्तियार किया है। सोमवार को आयोजित समय-सीमा (TL) बैठक के दौरान कलेक्टर ने स्पष्ट निर्देश दिए कि लोक सेवा गारंटी अधिनियम के तहत आने वाले आवेदनों का निराकरण यदि तय समय-सीमा के भीतर नहीं किया गया, तो संबंधित अधिकारियों पर आर्थिक दंड लगाया जाएगा। यह कदम सरकारी कामकाज में पारदर्शिता और गति लाने के उद्देश्य से उठाया गया है, ताकि आम नागरिकों को अपनी समस्याओं के समाधान के लिए दफ्तरों के चक्कर न काटने पड़ें।
बैठक के दौरान प्रशासनिक अनुशासन पर जोर देते हुए कलेक्टर ने बाकल के नायब तहसीलदार को कारण बताओ नोटिस जारी करने का निर्देश दिया। नायब तहसीलदार बिना किसी पूर्व सूचना के समय-सीमा बैठक में अनुपस्थित रहे, जिसे कलेक्टर ने कर्तव्य के प्रति घोर लापरवाही माना। उन्होंने कहा कि समय-सीमा बैठकें जिले के विकास और शिकायतों के समाधान की समीक्षा के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण हैं और इसमें वरिष्ठ अधिकारियों की अनधिकृत अनुपस्थिति बर्दाश्त नहीं की जाएगी। कलेक्टर ने सभी विभागाध्यक्षों को निर्देशित किया कि वे अपने विभागों में लंबित प्रकरणों की तत्काल समीक्षा करें और उन्हें प्राथमिकता के आधार पर निपटाएं।
आगामी 7 अगस्त से शुरू हो रहे 'मुख्यमंत्री जन विश्वास अभियान' को लेकर भी कलेक्टर ने व्यापक तैयारियां करने के निर्देश दिए। उन्होंने बताया कि इस अभियान का मुख्य उद्देश्य शासन की योजनाओं का लाभ समाज के अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाना और उनकी शिकायतों का मौके पर ही निराकरण करना है। कलेक्टर ने अधिकारियों से कहा कि वे अभियान के दौरान पूरी संवेदनशीलता के साथ जनता की समस्याओं को सुनें और उनका समाधान सुनिश्चित करें। इस अभियान के तहत ग्राम पंचायत और वार्ड स्तर पर शिविरों का आयोजन किया जाएगा, जहाँ विभिन्न सरकारी सेवाओं और कल्याणकारी योजनाओं का लाभ दिया जाएगा।
ऑस्ट्रेलिया में रह रहे भारतीय समुदाय के लिए भारत के स्थानीय प्रशासन में इस तरह की कड़ाई और पारदर्शिता विशेष महत्व रखती है। प्रवासी भारतीयों (NRIs) को अक्सर अपने गृह जिलों में संपत्ति के दस्तावेज, उत्तराधिकार प्रमाणपत्र या पारिवारिक पेंशन जैसे मामलों के लिए स्थानीय प्रशासन पर निर्भर रहना पड़ता है। कटनी प्रशासन द्वारा समय-सीमा के भीतर काम पूरा करने की यह अनिवार्यता और लापरवाह अधिकारियों पर जुर्माना लगाने का फैसला यह सुनिश्चित करता है कि विदेश में बैठे भारतीय नागरिक भी दूरस्थ रूप से अपने कार्यों को सुचारू रूप से पूरा कर सकें। इससे न केवल शासन में विश्वास बढ़ता है, बल्कि भ्रष्टाचार पर भी लगाम लगती है।
कलेक्टर तिवारी ने अंत में दोहराया कि जनसेवा में किसी भी प्रकार की शिथिलता अक्षम्य है। उन्होंने राजस्व अधिकारियों को निर्देश दिया कि नामांतरण, बंटवारा और सीमांकन जैसे मामलों को बेवजह लंबित न रखा जाए। जिले के सभी विभागों को 'मुख्यमंत्री जन विश्वास अभियान' को सफल बनाने के लिए टीम भावना के साथ काम करने को कहा गया है, ताकि प्रशासन की पहुंच हर जरूरतमंद तक हो सके।
संबंधित ख़बरें

राजनीति
क्या नवाज शरीफ बनेंगे PoK के प्रधानमंत्री? चुनावी नतीजों और रणनीतिक अटकलों ने बढ़ाई हलचल
पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर (PoK) में PML-N की हालिया बढ़त ने पूर्व प्रधानमंत्री नवाज शरीफ के भविष्य को लेकर नई बहस छेड़ दी है।
4 अग॰ 2026, 03:37 am

राजनीति
सीएम हेल्पलाइन और राजस्व प्रकरणों में देरी पर अंबिकापुर कलेक्टर सख्त, अधिकारियों को दी कड़ी कार्रवाई की चेतावनी
सरगुजा कलेक्टर अजीत वसंत ने सीएम हेल्पलाइन, राजस्व मामलों और एनएच-130 फोरलेन कार्यों की समीक्षा करते हुए लापरवाह अधिकारियों पर सख्त कार्रवाई के निर्देश दिए हैं।
4 अग॰ 2026, 01:37 am

राजनीति
‘हिंदुत्व से जुड़ रहीं बेटियां ही निशाने पर क्यों?’: कंगना रनौत ने धर्म परिवर्तन और समानता पर उठाए सवाल
भाजपा सांसद और अभिनेत्री कंगना रनौत ने फिल्म जगत में धर्म परिवर्तन और हिंदू बेटियों की सुरक्षा पर सवाल उठाते हुए एक बार फिर वैचारिक बहस छेड़ दी है।
4 अग॰ 2026, 12:37 am
