राजनीति
शव के अपमान पर विवाद: डॉक्टरों के संगठन ने स्टैंड-अप कॉमेडियन और आयोजकों को भेजा कानूनी नोटिस
ICN24 Newsroom 13 जून 2026, 08:31 pm

मेडिकल एसोसिएशन ने स्टैंड-अप कॉमेडी के दौरान शवों पर की गई आपत्तिजनक टिप्पणियों के खिलाफ कानूनी रुख अपनाया है। कॉमेडियन और आयोजकों से माफी की मांग की गई है।
नई दिल्ली में डॉक्टरों के एक प्रमुख संगठन ने एक स्टैंड-अप कॉमेडियन और शो के आयोजकों को उनके हालिया प्रदर्शन के दौरान शवों (cadavers) पर की गई विवादित टिप्पणियों के लिए कानूनी नोटिस जारी किया है। सोशल मीडिया पर वायरल हुए इस वीडियो में कॉमेडियन को मेडिकल शिक्षा के लिए दान किए गए शरीरों का मजाक उड़ाते हुए दिखाया गया था, जिसे चिकित्सा जगत ने अनैतिक और संवेदनहीन करार दिया है।
डॉक्टरों के संगठन का तर्क है कि शवदान (Body Donation) एक अत्यंत महान कार्य है, जो चिकित्सा विज्ञान और भविष्य के डॉक्टरों के प्रशिक्षण के लिए अनिवार्य है। ऐसे में इन पर की गई भद्दी टिप्पणियां न केवल उन परिवारों की भावनाओं को आहत करती हैं जिन्होंने अपने प्रियजनों के अंग दान किए हैं, बल्कि यह समाज में देहदान के प्रति जागरूकता को भी नकारात्मक रूप से प्रभावित करती हैं। कानूनी नोटिस में मांग की गई है कि कॉमेडियन और शो के आयोजक सार्वजनिक रूप से बिना शर्त माफी मांगें और सभी डिजिटल प्लेटफॉर्म से इस सामग्री को तुरंत हटाएं।
भारत के साथ-साथ ऑस्ट्रेलिया में रह रहे भारतीय मूल के डॉक्टरों और स्वास्थ्य कर्मियों ने भी इस घटना पर अपनी चिंता व्यक्त की है। ऑस्ट्रेलिया में कार्यरत कई भारतीय डॉक्टरों का मानना है कि इस तरह का 'कंटेंट' चिकित्सा पेशे की गरिमा को कम करता है। सिडनी और मेलबर्न में सक्रिय भारतीय-ऑस्ट्रेलियाई चिकित्सा समुदायों में यह चर्चा का विषय बना हुआ है कि अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता के नाम पर नैतिक सीमाओं को लांघा जा रहा है।
विशेषज्ञों का कहना है कि मेडिकल छात्रों के लिए एनाटॉमी लैब में शवों का सम्मान करना उनके प्रशिक्षण का पहला और सबसे महत्वपूर्ण सबक होता है। इसे 'साइलेंट टीचर' कहा जाता है। जब मनोरंजन के नाम पर इस विषय को हास्य का पात्र बनाया जाता है, तो यह उस गरिमा को ठेस पहुंचाता है जो एक डॉक्टर और मरीज के रिश्ते की बुनियाद है।
फिलहाल, संबंधित कॉमेडियन या इवेंट मैनेजमेंट कंपनी की ओर से इस कानूनी नोटिस पर कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं आई है। हालांकि, सोशल मीडिया पर इस मुद्दे को लेकर बहस छिड़ गई है, जहां एक पक्ष इसे कलात्मक स्वतंत्रता बता रहा है, वहीं दूसरा पक्ष इसे पूरी तरह से अस्वीकार्य मान रहा है। यह विवाद ऐसे समय में आया है जब दुनिया भर में स्वास्थ्य कर्मियों के प्रति संवेदनशीलता और सुरक्षा को लेकर पहले से ही कई आंदोलन चल रहे हैं।
संबंधित ख़बरें
राजनीति
दिल्ली: योगा एक्सप्रेस में सीट को लेकर विवाद, शाहदरा स्टेशन पर यात्री की पीट-पीटकर हत्या
दिल्ली के शाहदरा रेलवे स्टेशन पर सीट को लेकर हुए झगड़े में 32 वर्षीय पंकज धामा की पीट-पीटकर हत्या कर दी गई। पुलिस ने मामले में 8 लोगों को हिरासत में लिया है।
20 जून 2026, 10:56 pm
राजनीति
कांग्रेस में आंतरिक कलह: शशि थरूर की मोदी भक्ति पर पवन खेड़ा का कटाक्ष, कहा- 'वो भी सुन लेते हैं जो मोदी ने कहा ही नहीं'
पवन खेड़ा ने शशि थरूर पर तंज कसते हुए कहा कि वे पीएम मोदी की तारीफ के लिए कुछ भी कर सकते हैं और ऐसी बातें भी सुन लेते हैं जो कही नहीं गईं।
20 जून 2026, 08:41 pm
राजनीति
भारत ने पाक राष्ट्रपति जरदारी के बयान को बताया ‘भड़काऊ’, कहा- हमारे आंतरिक मामलों में दखल न दे पाकिस्तान
भारत ने पाकिस्तानी राष्ट्रपति आसिफ अली जरदारी द्वारा वाराणसी की मस्जिद को लेकर दिए गए बयान की कड़ी निंदा की है। विदेश मंत्रालय ने इसे नफरत फैलाने वाला और आंतरिक मामलों में दखल बताया है।
20 जून 2026, 07:11 pm

