लाइव
विज्ञापन
Demo Interstitial - Migration Consultancy
राजनीति
राजनीति

उबाऊ बातचीत से पीछा छुड़ाने की कला: सामाजिक शिष्टाचार के साथ विदा लेने के खास तरीके

ICN24 Newsroom 7 जून 2026, 01:30 pm
उबाऊ बातचीत से पीछा छुड़ाने की कला: सामाजिक शिष्टाचार के साथ विदा लेने के खास तरीके

सामाजिक समारोहों में अक्सर हम उबाऊ चर्चाओं में फंस जाते हैं। विशेषज्ञों ने कुछ ऐसे तरीके साझा किए हैं जिनसे आप बिना किसी को नाराज किए शालीनता से बातचीत खत्म कर सकते हैं।

ऑस्ट्रेलिया में भारतीय समुदाय के सामाजिक जीवन में मेल-मिलाप और लंबी बातचीत का विशेष महत्व है। सिडनी के दीपावली मेलों से लेकर मेलबर्न के पारिवारिक समारोहों तक, हम अक्सर ऐसे लोगों से मिलते हैं जिनसे बातचीत खत्म करना मुश्किल हो जाता है। चाहे वह काम की बातें हों या बेमतलब की गपशप, उबाऊ बातचीत से बाहर निकलना एक कला है जिसे 'एग्जिट स्ट्रैटेजी' कहा जाता है। मनोवैज्ञानिकों और शिष्टाचार विशेषज्ञों के अनुसार, किसी भी बातचीत को समाप्त करने का सबसे प्रभावी तरीका है 'सकारात्मक सुदृढ़ीकरण'। इसका अर्थ है कि आप बातचीत को अचानक बीच में न काटें, बल्कि यह कहें कि 'आपसे बात करके बहुत अच्छा लगा'। यह वाक्य सामने वाले को संकेत देता है कि अब चर्चा समापन की ओर है। भारतीय परिवेश में, जहां बड़ों का सम्मान सर्वोपरि है, वहां सीधे मना करना मुश्किल होता है, इसलिए विशेषज्ञों का सुझाव है कि आप किसी अन्य व्यक्ति से मिलवाने का बहाना बना सकते हैं। एक अन्य लोकप्रिय तकनीक 'परिचयात्मक पुल' बनाना है। यदि आप किसी ऐसे व्यक्ति के साथ फंसे हैं जो केवल अपने बारे में बात कर रहा है, तो आप उन्हें किसी अन्य मित्र या परिचित से यह कहकर मिलवा सकते हैं, "अरे, आप राहुल से मिलिए, इन्हें भी क्रिकेट का उतना ही शौक है जितना आपको।" ऐसा करके आप स्वयं को उस घेरे से बाहर निकाल सकते हैं और दूसरे व्यक्ति को एक नया साथी मिल जाता है। समय की सीमा तय करना भी एक महत्वपूर्ण कदम है। बातचीत शुरू होने के कुछ समय बाद ही आप कह सकते हैं, "मेरे पास केवल पांच मिनट और हैं, क्योंकि मुझे अपनी पत्नी या बच्चों से मिलना है।" यह न केवल आपकी उपलब्धता स्पष्ट करता है, बल्कि आपको बिना किसी अपराधबोध के जाने का रास्ता भी देता है। ऑस्ट्रेलिया के पेशेवर नेटवर्क कार्यक्रमों में भी यह तकनीक बहुत काम आती है। अंत में, विशेषज्ञों का कहना है कि शारीरिक भाषा (Body Language) का सही उपयोग करना चाहिए। धीरे-धीरे अपना शरीर बातचीत के घेरे से बाहर की ओर मोड़ना और आंखों के संपर्क को कम करना स्वाभाविक रूप से सामने वाले को यह समझा देता है कि आप अब जाना चाहते हैं। याद रखें, शिष्टाचार का अर्थ यह नहीं है कि आप अपनी ऊर्जा व्यर्थ करें, बल्कि यह है कि आप दूसरों की भावनाओं का सम्मान करते हुए अपनी सीमाएं निर्धारित करें।
शेयर:

संबंधित ख़बरें

भारत ने पाक राष्ट्रपति जरदारी के बयान को बताया ‘भड़काऊ’, कहा- हमारे आंतरिक मामलों में दखल न दे पाकिस्तान
राजनीति

भारत ने पाक राष्ट्रपति जरदारी के बयान को बताया ‘भड़काऊ’, कहा- हमारे आंतरिक मामलों में दखल न दे पाकिस्तान

भारत ने पाकिस्तानी राष्ट्रपति आसिफ अली जरदारी द्वारा वाराणसी की मस्जिद को लेकर दिए गए बयान की कड़ी निंदा की है। विदेश मंत्रालय ने इसे नफरत फैलाने वाला और आंतरिक मामलों में दखल बताया है।

20 जून 2026, 07:11 pm
RSS दफ्तरों पर हमले की बड़ी साजिश का खुलासा: दुबई से मिले थे निर्देश, रांची के बाद लखनऊ था अगला निशाना
राजनीति

RSS दफ्तरों पर हमले की बड़ी साजिश का खुलासा: दुबई से मिले थे निर्देश, रांची के बाद लखनऊ था अगला निशाना

रांची में आरएसएस कार्यालय पर हुए हमले की जांच में बड़ा खुलासा हुआ है। पुलिस के मुताबिक, इस हमले के तार दुबई से जुड़े हैं और अगला निशाना लखनऊ था।

20 जून 2026, 05:56 pm
अमेरिका-इसराइल और ईरान के बीच युद्ध विराम: हज़ारों की मौत, लेकिन क्या आधिकारिक आंकड़े सच हैं?
राजनीति

अमेरिका-इसराइल और ईरान के बीच युद्ध विराम: हज़ारों की मौत, लेकिन क्या आधिकारिक आंकड़े सच हैं?

ईरान और अमेरिका-इसराइल के बीच संघर्ष को समाप्त करने के लिए समझौता हुआ है। आधिकारिक आंकड़ों में हजारों मौतों का दावा है, लेकिन इनकी विश्वसनीयता पर सवाल उठ रहे हैं।

20 जून 2026, 05:10 pm