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सेंट पीटर्सबर्ग में आर्थिक शिखर सम्मेलन के दौरान यूक्रेन का बड़ा ड्रोन हमला, पुतिन की साख को चुनौती

ICN24 Newsroom 7 जून 2026, 12:30 am
सेंट पीटर्सबर्ग में आर्थिक शिखर सम्मेलन के दौरान यूक्रेन का बड़ा ड्रोन हमला, पुतिन की साख को चुनौती

रूस के प्रतिष्ठित आर्थिक मंच (SPIEF) के समापन पर यूक्रेन ने 140 से अधिक ड्रोन दागकर मास्को की सुरक्षा व्यवस्था को चुनौती दी है, जिससे वैश्विक स्तर पर तनाव बढ़ गया है।

रूस के प्रतिष्ठित शहर सेंट पीटर्सबर्ग में आयोजित 'सेंट पीटर्सबर्ग इंटरनेशनल इकोनॉमिक फोरम' (SPIEF) के अंतिम दिन यूक्रेन ने एक बड़ा हवाई हमला किया। प्राप्त जानकारी के अनुसार, यूक्रेन ने 140 से अधिक ड्रोन दागकर रूस के इस महत्वपूर्ण आर्थिक आयोजन में बाधा डालने की कोशिश की। यह हमला उस समय हुआ जब राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन इस मंच का उपयोग दुनिया को यह दिखाने के लिए कर रहे थे कि पश्चिमी प्रतिबंधों के बावजूद रूसी अर्थव्यवस्था स्थिर और लचीली बनी हुई है। यूक्रेनी राष्ट्रपति वोलोडिमिर जेलेंस्की ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर इस हमले की पुष्टि करते हुए कहा कि यह कार्रवाई रूस द्वारा शांति वार्ता से इनकार करने का सीधा परिणाम है। जेलेंस्की ने पहले भी संकेत दिया था कि यूक्रेन इस आर्थिक शिखर सम्मेलन को निशाना बना सकता है। उनके अनुसार, जब तक रूस युद्ध समाप्त करने की दिशा में गंभीर कदम नहीं उठाता, तब तक रूस के भीतर महत्वपूर्ण ठिकानों पर ऐसे हमले जारी रहेंगे। इस हमले का समय कूटनीतिक रूप से काफी महत्वपूर्ण माना जा रहा है। सेंट पीटर्सबर्ग में चल रहे इस फोरम में 130 से अधिक देशों के प्रतिनिधि, अधिकारी और व्यवसायी भाग ले रहे थे। गौरतलब है कि फोरम के पहले दिन यानी 3 जून को भी इसी तरह का एक ड्रोन हमला किया गया था। रक्षा विशेषज्ञों का मानना है कि कीव जानबूझकर उन समयों को चुन रहा है जब अंतरराष्ट्रीय समुदाय का ध्यान रूस पर केंद्रित होता है, ताकि पुतिन की सुरक्षा और स्थिरता के दावों की पोल खोली जा सके। ऑस्ट्रेलिया में रह रहे भारतीय समुदाय के लिए यह घटना वैश्विक ऊर्जा सुरक्षा और भू-राजनीतिक अस्थिरता के लिहाज से चिंता का विषय है। रूस-यूक्रेन युद्ध के लंबा खिंचने से वैश्विक आपूर्ति श्रृंखला प्रभावित हो रही है, जिसका असर ऑस्ट्रेलिया की अर्थव्यवस्था और मुद्रास्फीति पर भी पड़ता है। भारतीय प्रवासियों के लिए भी यह युद्ध एक संवेदनशील मुद्दा रहा है, क्योंकि भारत सरकार ने इस संघर्ष पर एक संतुलित और कूटनीतिक रुख बनाए रखा है। रूसी अधिकारियों ने हालांकि दावा किया है कि उनकी वायु सेना ने अधिकांश ड्रोनों को हवा में ही मार गिराया और शहर की महत्वपूर्ण बुनियादी संरचनाओं को कोई बड़ा नुकसान नहीं पहुंचा है। लेकिन इस हमले ने यह स्पष्ट कर दिया है कि युद्ध अब केवल सीमावर्ती क्षेत्रों तक सीमित नहीं रह गया है, बल्कि रूस के रणनीतिक और सांस्कृतिक केंद्रों तक पहुंच चुका है। अंतरराष्ट्रीय विश्लेषकों का कहना है कि यूक्रेन की यह आक्रामक नीति रूस पर युद्ध विराम के लिए दबाव बनाने की एक सोची-समझी रणनीति का हिस्सा है।
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